पंचलिंग में बसे शिवशंकर, पाँचों रूप महान, सोमनाथ से केदारनाथ तक, गूँजे शिव का गान। भव, रुद्र, ईश, तत्पुरुष, और सद्योजात स्वरूप, इनसे ही सृजन-संहार, इनसे जग का रूप। जय पंचलिंगेश्वर देव, करो कल्याण अनूप। 🕉️🙏🔥
पंचलिंग में बसे शिवशंकर, पाँचों रूप महान, सोमनाथ से केदारनाथ तक, गूँजे शिव का गान। भव, रुद्र, ईश, तत्पुरुष, और सद्योजात स्वरूप, इनसे ही सृजन-संहार, इनसे जग का रूप। जय पंचलिंगेश्वर देव, करो कल्याण अनूप। 🕉️🙏🔥