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आज ऋषिकेश में आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान–2026’ के अंतर्गत मंडल प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री Ajaey Kumar जी ने “बूथ प्रबंधन एवं मन की बात” विषय पर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए माइक्रो लेवल पर संगठनात्मक कार्य करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया तथा “मन की बात” कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुँचाने के लिए विस्तृत जानकारी साझा की।

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आज ऋषिकेश में आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान–2026’ के अंतर्गत मंडल प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री Ajaey Kumar जी ने “बूथ प्रबंधन एवं मन की बात” विषय पर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए माइक्रो लेवल पर संगठनात्मक कार्य करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया तथा “मन की बात” कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुँचाने के लिए विस्तृत जानकारी साझा की।

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आज ऋषिकेश में आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान–2026’ के अंतर्गत मंडल प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री Ajaey Kumar जी ने “बूथ प्रबंधन एवं मन की बात” विषय पर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए माइक्रो लेवल पर संगठनात्मक कार्य करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया तथा “मन की बात” कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुँचाने के लिए विस्तृत जानकारी साझा की।

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In Guwahati, Assam, PM Modi performed the Bhoomi Poojan ceremony, inaugurated, and dedicated to the nation several development projects worth approximately ₹19,480 crore.
During the event, he also distributed land pattas to 28,241 beneficiaries. Here are some glimpses from the event...

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In Guwahati, Assam, PM Modi performed the Bhoomi Poojan ceremony, inaugurated, and dedicated to the nation several development projects worth approximately ₹19,480 crore.
During the event, he also distributed land pattas to 28,241 beneficiaries. Here are some glimpses from the event...

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In Guwahati, Assam, PM Modi performed the Bhoomi Poojan ceremony, inaugurated, and dedicated to the nation several development projects worth approximately ₹19,480 crore.
During the event, he also distributed land pattas to 28,241 beneficiaries. Here are some glimpses from the event...

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परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में देश-विदेश से आए योग आचार्यों, योग साधकों एवं देवतुल्य जनता को संबोधित करने के साथ ही गंगा आरती में सहभागिता कर समस्त प्रदेशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति एवं कल्याण की कामना की।
योग भारत की पवित्र भूमि से उदित वह दिव्य चेतना है, जिसने आज पूरे विश्व को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग के माध्यम से शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त कर रहे हैं।
देवभूमि उत्तराखण्ड सदियों से योग और अध्यात्म की तपोभूमि रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार नई योग नीति के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य संत स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, पद्मश्री श्री Kailash Kher जी एवं विभिन्न देशों के राजनयिक उपस्थित रहे।

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परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में देश-विदेश से आए योग आचार्यों, योग साधकों एवं देवतुल्य जनता को संबोधित करने के साथ ही गंगा आरती में सहभागिता कर समस्त प्रदेशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति एवं कल्याण की कामना की।
योग भारत की पवित्र भूमि से उदित वह दिव्य चेतना है, जिसने आज पूरे विश्व को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग के माध्यम से शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त कर रहे हैं।
देवभूमि उत्तराखण्ड सदियों से योग और अध्यात्म की तपोभूमि रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार नई योग नीति के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य संत स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, पद्मश्री श्री Kailash Kher जी एवं विभिन्न देशों के राजनयिक उपस्थित रहे।

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परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में देश-विदेश से आए योग आचार्यों, योग साधकों एवं देवतुल्य जनता को संबोधित करने के साथ ही गंगा आरती में सहभागिता कर समस्त प्रदेशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति एवं कल्याण की कामना की।
योग भारत की पवित्र भूमि से उदित वह दिव्य चेतना है, जिसने आज पूरे विश्व को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग के माध्यम से शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त कर रहे हैं।
देवभूमि उत्तराखण्ड सदियों से योग और अध्यात्म की तपोभूमि रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार नई योग नीति के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य संत स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, पद्मश्री श्री Kailash Kher जी एवं विभिन्न देशों के राजनयिक उपस्थित रहे।

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परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में देश-विदेश से आए योग आचार्यों, योग साधकों एवं देवतुल्य जनता को संबोधित करने के साथ ही गंगा आरती में सहभागिता कर समस्त प्रदेशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति एवं कल्याण की कामना की।
योग भारत की पवित्र भूमि से उदित वह दिव्य चेतना है, जिसने आज पूरे विश्व को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग के माध्यम से शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त कर रहे हैं।
देवभूमि उत्तराखण्ड सदियों से योग और अध्यात्म की तपोभूमि रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार नई योग नीति के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य संत स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, पद्मश्री श्री Kailash Kher जी एवं विभिन्न देशों के राजनयिक उपस्थित रहे।

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