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#मोहनलालगंज (#लखनऊ) ये कस्बा है जहां गोलू और गुड्डू दो भाई अपनी बहन के साथ रहते हैं।
पड़ोस में रहने वाला ट्रक ड्राइवर #मोहम्मद_मुश्ताक अक्सर उनकी बहन को छेड़ा करता था पर बहन ने अपने भाइयो से कभी कोई शिकायत नही की क्योंकि झगड़ा हो सकता था।
कल #मुश्ताक ने जब हद्द पार कर दी तो बहन ने भाईयों से शिकायत कर दी।
दोनो भाई तत्काल कुल्हाड़ी लेकर उसके के घर पहुंच गए और उसे घर से घसीट कर सड़क पर लाये और उसे को कुल्हाड़ी से काट दिया।
खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर गुड्डू और गोलू पुलिस कोतवाली गए और शांति से अपने आप को आत्मसमर्पण कर दिया।
ऐसे वीर दोनो भाइयो को मेरा प्रणाम... तथा पूरे हिन्दू समाज कि ओर से साधुवाद 🔥💪⚔️
ऋग्वेद में उत्तराखंड को देवभूमि कहा गया है। ऐसी भूमि जहां देवी-देवता निवास करते हैं। हिमालय की गोद में बसे इस सबसे पावन क्षेत्र को मनीषियों की पूर्ण कर्म भूमि कहा जाता है। उत्तराखंड में देवी-देवताओं के कई चमत्कारिक मंदिर हैं। इन मंदिरों की प्रसिद्धि भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैली हुई है। इन्हीं में से एक मंदिर गोलू देवता का भी है। गोलू देवता को स्थानीय मान्यताओं में न्याय का देवता कहा जाता है।
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गोलू देवता अपने न्याय के लिए दूर-दूर तक मशहूर हैं।हालांकि, उत्तराखंड में गोलू देवता के कई मंदिर हैं, लेकिन इनमें से सबसे लोकप्रिय और आस्था का केंद्र अल्मोड़ा जिले में स्थिति चितई गोलू देवता का मंदिर है। इस मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ और लगातार गुंजती घंटों की आवाज से ही गोलू देवता की लोक प्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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गोलू देवता को स्थानीय संस्कृति में सबसे बड़े और त्वरित न्याय के देवता के तौर पर पूजा जाता है। इन्हें राजवंशी देवता के तौर पर पुकारा जाता है। गोलू देवता को उत्तराखंड में कई नामों से पुकारा जाता है। इनमें से एक नाम गौर भैरव भी है। गोलू देवता को भगवान शिव का ही एक अवतार माना जाता है। मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में चढ़ाई जाती है घंटी 🙏 महादेव 🙏