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1899 में बनी ये भव्य इमारत सिर्फ पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि उस दौर की रॉयल लाइफस्टाइल की जीती-जागती मिसाल है। विक्टोरियन गोथिक शैली में बना इसका हर कोना—ऊँचे-ऊँचे टॉवर, नक्काशीदार खिड़कियाँ और शाही मेहराबें—ऐसा एहसास कराती हैं जैसे आप किसी पुराने राजसी युग में पहुँच गए हों।
यहाँ की हवा में आज भी इतिहास की खुशबू है, और हर दीवार एक अनकही कहानी सुनाती है।
राजभवन सिर्फ उत्तराखंड के राज्यपाल का निवास नहीं, बल्कि उन खास लम्हों का गवाह है जहाँ समय ठहर सा जाता है…
उत्तराखंड में अल्मोडा जिले के मौलेखाल गांव के एक साधारण चाय विक्रेता शंभू दयाल आज अपनी असाधारण भक्ति के कारण चर्चा में हैं।
दिनभर चाय की दुकान चलाने वाले शंभू दयाल अपने खाली समय में कुछ ऐसा करते हैं, जो हर किसी को हैरान कर देता है—वे नोटबुक में बार-बार भगवान राम का नाम लिखते हैं।
शंभू दयाल का दावा है कि
📚 पिछले 35 वर्षों में 250 नोटबुक भर चुके हैं
🕉️ और इनमें उन्होंने करीब 35 करोड़ बार “राम” नाम लिखा है
देहरादून में नदी पार करने के अभ्यास के दौरान, भारतीय सेना के जांबाज कैप्टन प्रशांत चौरसिया (140वां एनडीए कोर्स) अपने साथियों की जान बचाते हुए शहीद हो गए। तेज बहाव में फंसे जवानों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में वे स्वयं बह गए। उनके इस सर्वोच्च बलिदान को देश सलाम करता है। 🇮🇳🙏
शहीद प्रशांत चौरसिया को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 💐
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