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उम्र - लगभग 82 वर्ष, शरीर जर्जर, कारण - षडयन्त्रकारियों द्वारा 3 बार ऐसा कालकूट विष दिया गया । जिसकी 1 बून्द मात्र पी लेने से मतवाला हाथी भी 10 मिनट के अंदर दम तोड़ दे ।
22 बार शीशे का चूर्ण छल पूर्वक पिलाया गया । 3 बार नाग जिसमें मान्त्रिक सर्प एवं 1 बार विषखोपड़ा ने डसा ।
पद - सनातन वैदिक हिन्दू धर्म की सर्वोच्च पद जगद्गुरु शंकराचार्य अनुपम कृति - वैदिक गणित के लगभग दो दर्जन ग्रंथों की रचना एवं विश्व में वैर्दिक गणित के एकमात्र विद्वान एवं वैज्ञानिक के रूप में ख्याति ।
1999 मैं विश्व बैंक की गुप्थी सिर्फ 8 मिनट में सुलझाना, Indian Space Research Organisation isro को सलाह देना आदि कार्यो से प्रसिद्ध सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर विराजमान एवं सनातन धर्म के स्तंभ परम पूजनीय जगद्गुरु गोवर्धन मठ के 145 वें शंकराचार्य ( पुरी पीठाधीश्वर ) स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज की जय हो ।
उम्र - लगभग 82 वर्ष, शरीर जर्जर, कारण - षडयन्त्रकारियों द्वारा 3 बार ऐसा कालकूट विष दिया गया । जिसकी 1 बून्द मात्र पी लेने से मतवाला हाथी भी 10 मिनट के अंदर दम तोड़ दे ।
22 बार शीशे का चूर्ण छल पूर्वक पिलाया गया । 3 बार नाग जिसमें मान्त्रिक सर्प एवं 1 बार विषखोपड़ा ने डसा ।
पद - सनातन वैदिक हिन्दू धर्म की सर्वोच्च पद जगद्गुरु शंकराचार्य अनुपम कृति - वैदिक गणित के लगभग दो दर्जन ग्रंथों की रचना एवं विश्व में वैर्दिक गणित के एकमात्र विद्वान एवं वैज्ञानिक के रूप में ख्याति ।
1999 मैं विश्व बैंक की गुप्थी सिर्फ 8 मिनट में सुलझाना, Indian Space Research Organisation isro को सलाह देना आदि कार्यो से प्रसिद्ध सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर विराजमान एवं सनातन धर्म के स्तंभ परम पूजनीय जगद्गुरु गोवर्धन मठ के 145 वें शंकराचार्य ( पुरी पीठाधीश्वर ) स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज की जय हो ।
उम्र - लगभग 82 वर्ष, शरीर जर्जर, कारण - षडयन्त्रकारियों द्वारा 3 बार ऐसा कालकूट विष दिया गया । जिसकी 1 बून्द मात्र पी लेने से मतवाला हाथी भी 10 मिनट के अंदर दम तोड़ दे ।
22 बार शीशे का चूर्ण छल पूर्वक पिलाया गया । 3 बार नाग जिसमें मान्त्रिक सर्प एवं 1 बार विषखोपड़ा ने डसा ।
पद - सनातन वैदिक हिन्दू धर्म की सर्वोच्च पद जगद्गुरु शंकराचार्य अनुपम कृति - वैदिक गणित के लगभग दो दर्जन ग्रंथों की रचना एवं विश्व में वैर्दिक गणित के एकमात्र विद्वान एवं वैज्ञानिक के रूप में ख्याति ।
1999 मैं विश्व बैंक की गुप्थी सिर्फ 8 मिनट में सुलझाना, Indian Space Research Organisation isro को सलाह देना आदि कार्यो से प्रसिद्ध सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर विराजमान एवं सनातन धर्म के स्तंभ परम पूजनीय जगद्गुरु गोवर्धन मठ के 145 वें शंकराचार्य ( पुरी पीठाधीश्वर ) स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज की जय हो ।
