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अयोध्या की पावन धरती पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पावन अवसर पर देशवासियों और सभी रामभक्तों को शुभकामनाएं दीं। यह दिन हमारी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। आइए, इस दिव्य उत्सव में प्रभु श्री राम के चरणों में नमन करें और उनके आदर्शों का पालन करें।

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अयोध्या की पावन धरती पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पावन अवसर पर देशवासियों और सभी रामभक्तों को शुभकामनाएं दीं। यह दिन हमारी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। आइए, इस दिव्य उत्सव में प्रभु श्री राम के चरणों में नमन करें और उनके आदर्शों का पालन करें।

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अयोध्या की पावन धरती पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पावन अवसर पर देशवासियों और सभी रामभक्तों को शुभकामनाएं दीं। यह दिन हमारी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। आइए, इस दिव्य उत्सव में प्रभु श्री राम के चरणों में नमन करें और उनके आदर्शों का पालन करें।

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द्वितीय प्राण–प्रतिष्ठा द्वादशी (पाटोत्सव) के उपलक्ष्य में आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में
आदरणीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी (भारत सरकार) एवं
आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के कर-कमलों द्वारा
माता अन्नपूर्णा मंदिर का ध्वजारोहण किया गया।
“नाथ आजु मै काह न पावा…”
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुँचकर
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी भावविभोर हो उठे।
उन्होंने कहा—
रामलला के दर्शन के बाद अब कुछ और देखने की इच्छा नहीं बची।
यह प्राण–प्रतिष्ठा केवल मूर्ति की नहीं,
बल्कि भारत की आत्मा की पुनः आध्यात्मिक प्रतिष्ठा है।

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द्वितीय प्राण–प्रतिष्ठा द्वादशी (पाटोत्सव) के उपलक्ष्य में आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में
आदरणीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी (भारत सरकार) एवं
आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के कर-कमलों द्वारा
माता अन्नपूर्णा मंदिर का ध्वजारोहण किया गया।
“नाथ आजु मै काह न पावा…”
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुँचकर
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी भावविभोर हो उठे।
उन्होंने कहा—
रामलला के दर्शन के बाद अब कुछ और देखने की इच्छा नहीं बची।
यह प्राण–प्रतिष्ठा केवल मूर्ति की नहीं,
बल्कि भारत की आत्मा की पुनः आध्यात्मिक प्रतिष्ठा है।

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