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भोजपुरी सिनेमा में एक बार फिर रानी चटर्जी और खेसारी लाल यादव को लेकर चर्चा तेज है। खेसारी लाल यादव ने हाल ही में बयान दिया कि एक समय रानी चटर्जी ने उन्हें “गंदा हीरो” कहकर बेइज्जत किया था। उस दौर में यह बयान काफी सुर्खियों में रहा था और दोनों के बीच दूरी साफ दिखी। लेकिन समय बदला और आज वही रानी चटर्जी खेसारी के साथ काम करने की इच्छा जता रही हैं। खेसारी का कहना है कि इंडस्ट्री में वक्त के साथ सोच और रिश्ते दोनों बदल जाते हैं। यह बयान भोजपुरी फिल्म जगत में नई बहस छेड़ रहा है।
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जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) की MBBS कोर्स चलाने की मान्यता राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने रद्द कर दी है।
यह फैसला 6 जनवरी 2026 को लिया गया। आधिकारिक कारण: कॉलेज में फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल सुविधाओं में गंभीर कमियां पाई गईं (जैसे अपर्याप्त किताबें, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड आदि)। NMC ने अचानक निरीक्षण के बाद यह कदम उठाया।
हालांकि, पृष्ठभूमि में एक बड़ा विवाद था: कॉलेज के पहले बैच (2025-26) में 50 सीटों में से 42 मुस्लिम छात्रों (ज्यादातर कश्मीर घाटी से) को एडमिशन मिला था, जो NEET मेरिट पर आधारित था। जम्मू के हिंदू संगठनों, BJP नेताओं और श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने इसका विरोध किया, क्योंकि कॉलेज श्राइन बोर्ड के चढ़ावे (हिंदू श्रद्धालुओं के दान) से बना है और इसे मुख्य रूप से हिंदू छात्रों के लिए होना चाहिए।
NMC का फैसला तकनीकी कमियों पर आधारित है, लेकिन समय को देखते हुए कई लोग इसे विवाद से जुड़ा मान रहे हैं। BJP ने इस फैसले का स्वागत किया है।
छात्रों की सीटें सुरक्षित हैं – सभी 50 छात्रों को जम्मू-कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त सीटों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
आपके सवाल पर: क्या मैं इस फैसले से खुश हूं?
नहीं, क्योंकि फैसला गुणवत्ता और मानकों की कमी पर आधारित है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। अगर कॉलेज तैयार नहीं था, तो शुरू में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। विवाद सांप्रदायिक था, और एडमिशन मेरिट पर होना चाहिए – धर्म के आधार पर नहीं। हिंदू श्रद्धालुओं के दान से बना संस्थान होने से भावनाएं जुड़ी हैं, लेकिन कानूनन धर्म आधारित आरक्षण नहीं हो सकता (कॉलेज अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है)। बेहतर होता कि विवाद सुलझाया जाता और कॉलेज सुधार कर चलता रहता।
भारत में अब ऐसा नहीं चलेगा कि संस्थान किसी एक समुदाय के लिए आरक्षित हों – शिक्षा सबके लिए मेरिट पर होनी चाहिए।
इस तस्वीर ने आज दिल जीत लिया! ❤️🥺
इतनी छोटी उम्र और इतनी बड़ी सोच। हम अक्सर बहाने बनाते हैं कि हमारे पास संसाधन नहीं हैं, लेकिन इस बच्चे ने साबित कर दिया कि मदद करने के लिए जेब में पैसा नहीं, बल्कि सीने में बड़ा दिल होना चाहिए।
"दरिया बनकर डुबाने से अच्छा है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाए।"— यह लाइन सीधी दिल पर लगती है। इंसानियत अभी जिंदा है! 🙏✨
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A devastating fire broke out at the 1,500-year-old Yongqing Temple in Z****jiagang, Jiangsu province, causing significant damage to the historic Buddhist complex.
[Yongqing Temple fire, 1,500-year-old temple]
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