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देश को सड़ाने में शाह की भूमिका मोदी से भी बड़ी है ..
जब विपक्ष के दबाब और ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष के द्वारा पोल खोल दिए जाने के पश्चात् गलती मान ही ली है , तो हाथों - हाथों देश की आतंरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे गृह - मंत्री का इस्तीफ़ा भी प्रधानमंत्री के द्वारा मांग ही लिया जाना चाहिए ..
देश के गृह - मंत्री के तौर अमित शाह के पूरे कार्यकाल की विवेचना - समीक्षा करने पर यही निष्कर्ष निकलता है कि " अब तक के सबसे नक्कारे गृह - मंत्री साबित हुए हैं शाह " ...
अमित शाह की प्राथमिकताओं में गृह - मंत्रालय कभी रहा ही नहीं है , शाह को अपनी सरकार बचाने , प्रदेशों की विपक्षी सरकारों को गिराने, विपक्षी दलों को तोड़ने , चुनावी धांधली को अंजाम देने, अपनी झूठ की फैक्ट्री आईटी सेल के द्वारा रोज गढ़े जाने वाले प्रॉपगैंडा की पटकथा लिखने , धार्मिक विभेद - विद्वेष - विखंडन का एजेंडा सेट करने , गोदी मीडिया की मॉनिटरिंग करने , विपक्षी नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा कर एजेंसियों के माध्यम से प्रताड़ित करने , मोदी व् खुद के पूर्व व् वर्त्तमान के पापों पर पर्दा डालने से फुर्सत मिलती ही नहीं , तो वो क्या खाक देश की सुरक्षा पर ध्यान दे पाएंगे ..