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हम ईसाई धर्म के सबसे महान नेताओं में से एक, पोप फ्रांसिस के निधन पर अपना गहरा दुःख व्यक्त करते हैं। वे सेवा, शांति और विश्वास के सच्चे प्रतीक थे, जिन्होंने हमेशा भगवान के दिखाए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कैथोलिक चर्च के प्रमुख, पोप फ्रांसिस के निधन से गहरा दुःख हुआ। वह करुणा, विनम्रता और अनुग्रह का प्रतीक था। मैं पूरे ईसाई समुदाय के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
PM मोदी ने कहा, "आज केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 51,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी के पत्र दिए गए हैं। आपका दायित्व देश के आर्थिक तंत्र को मजबूत करना है। आपका दायित्व देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। आपका दायित्व देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का है। आपका दायित्व श्रमिकों के जीवन में मूलभूत बदलाव लाने का है। अपने कार्यों को आप जितनी ईमानदारी से पूरा करेंगे उसका उतना ही सकारात्मक प्रभाव विकसित भारत की यात्रा में नजर आएगा।"
PM मोदी ने कहा, " आज भारत के युवाओं की सफलता में सबसे बड़ी बात है सर्वसमावेशी भाव... भारत आज जो कीर्तिमान गढ़ रहा है उसमें हर वर्ग की भागीदारी बढ़ रही है। हमारी बेटियां दो कदम आगे ही चल रही है। कुछ दिन पहले UPSC का रिजल्ट आया है जिसमें टॉप 5 में से 3 टॉपर बेटियां हैं। हमारी नारी शक्ति नौकरशाही से लेकर अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र में नई बुलंदियों को छू रही हैं।"
देश को सड़ाने में शाह की भूमिका मोदी से भी बड़ी है ..
जब विपक्ष के दबाब और ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष के द्वारा पोल खोल दिए जाने के पश्चात् गलती मान ही ली है , तो हाथों - हाथों देश की आतंरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे गृह - मंत्री का इस्तीफ़ा भी प्रधानमंत्री के द्वारा मांग ही लिया जाना चाहिए ..
देश के गृह - मंत्री के तौर अमित शाह के पूरे कार्यकाल की विवेचना - समीक्षा करने पर यही निष्कर्ष निकलता है कि " अब तक के सबसे नक्कारे गृह - मंत्री साबित हुए हैं शाह " ...
अमित शाह की प्राथमिकताओं में गृह - मंत्रालय कभी रहा ही नहीं है , शाह को अपनी सरकार बचाने , प्रदेशों की विपक्षी सरकारों को गिराने, विपक्षी दलों को तोड़ने , चुनावी धांधली को अंजाम देने, अपनी झूठ की फैक्ट्री आईटी सेल के द्वारा रोज गढ़े जाने वाले प्रॉपगैंडा की पटकथा लिखने , धार्मिक विभेद - विद्वेष - विखंडन का एजेंडा सेट करने , गोदी मीडिया की मॉनिटरिंग करने , विपक्षी नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा कर एजेंसियों के माध्यम से प्रताड़ित करने , मोदी व् खुद के पूर्व व् वर्त्तमान के पापों पर पर्दा डालने से फुर्सत मिलती ही नहीं , तो वो क्या खाक देश की सुरक्षा पर ध्यान दे पाएंगे ..