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ये नजारे अपने #भारत के #लद्दाख की zanskar #चादर_ट्रैक के है जिसे पूरा करने के लिए देश के साथ साथ पूरे दुनिया के उत्साही ट्रैकर पहुंचते हैं ये एक नदी है जो की सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है ,ये यात्रा 6 से 7 दिन की होती हैं जिसका खर्च 20 से 25000 तक आता है ,और इसकी ट्रैकिंग के लिए परमिट बनवाना पड़ता हैं,जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग एक अद्वितीय और रोमांचक अनुभव है जो भारत के लद्दाख क्षेत्र में स्थित है। यह ट्रेकिंग जांस्कर नदी के साथ-साथ चलती है यहां कई बड़े बड़े विशाल frozon water 🌊 Fall भी मिलते हैं ,यहां के निम्मू में स्थित संगम प्वाइंट पर मेरा पिछले वर्ष जून में जाना हुआ था ,जो कि लद्दाख की यात्रा में जाने वाले सब लोग यहां पहुंचते हैं और उस समय यहां राफ्टिंग हो रही होती हैं एक तरफ मतमेला पानी होता है दूसरी तरफ नीला पानी,फिर वही नदी सर्दियों में जम जाती है और ट्रेकर्स को इसकी सतह पर चलने का रोमांचकारी अवसर प्रदान करती है। यह ट्रेकिंग विशेष रूप से जनवरी और फरवरी में आयोजित की जाती है, जब नदी पूरी तरह से जमी होती है।,अब ये नदी जमना शुरू हो गई होगी
जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग की विशेषताएं:
1. अद्वितीय अनुभव: नदी की जमी हुई सतह पर चलना एक अनोखा और रोमांचक अनुभव है।
2. प्राकृतिक सौंदर्य: ट्रेकिंग के दौरान आपको लद्दाख की खूबसूरत पहाड़ियों और घाटियों के बीच से गुजरने का अवसर मिलता है।
3. चुनौतीपूर्ण: ट्रेकिंग में कई चुनौतियाँ होती हैं, जैसे कि नदी की जमी हुई सतह पर चलना, ठंड का सामना करना, और उचाई पर चलना।
4. सांस्कृतिक अनुभव: ट्रेकिंग के दौरान आपको स्थानीय लोगों की संस्कृति और जीवनशैली को देखने का अवसर मिलता है।
जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग के लिए आवश्यक तैयारी:
1. शारीरिक तैयारी: ट्रेकिंग के लिए अच्छी शारीरिक स्थिति में होना आवश्यक है।
2. ठंड के लिए तैयारी: ट्रेकिंग के दौरान आपको अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए गर्म कपड़े और उपकरण ले जाना आवश्यक है।
3. उचाई के लिए तैयारी: ट्रेकिंग के दौरान आपको उचाई पर चलना पड़ सकता है, इसलिए उचाई के लिए तैयारी करना आवश्यक है।
4. अनुभवी गाइड के साथ जाना: जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग के लिए अनुभवी गाइड के साथ जाना आवश्यक है, जो आपको ट्रेकिंग के दौरान सुरक्षित रखते हैं।
जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग के लिए सर्वोत्तम समय:
जनवरी और फरवरी में ट्रेकिंग का आयोजन किया जाता है, जब नदी पूरी तरह से जमी होती है। #जांस्कर नदी #भारत में #जम्मू और कश्मीर राज्य के लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण नदी है। यह नदी जांस्कर घाटी से होकर गुजरती है और जांस्कर घाटी को दो भागों में बांटती है - उत्तरी जांस्कर और दक्षिणी जांस्कर।
जांस्कर नदी का उद्गम स्थल जांस्कर ग्लेशियर है, जो काराकोरम पर्वत शृंखला में स्थित है। यह नदी जांस्कर घाटी से होकर गुजरते हुए, कई छोटी नदियों और धाराओं को मिलाती हुई, अंततः जांस्कर नदी ज़ंस्कार के निकट इंदुस नदी में मिल जाती है।
जांस्कर नदी की कुल लंबाई लगभग 116 किलोमीटर है, और इसका जलगाह क्षेत्र लगभग 3,100 वर्ग किलोमीटर है। यह नदी जांस्कर घाटी के लिए जीवनरेखा की तरह है, और इसके किनारे कई गांव और शहर स्थित हैं।
जांस्कर नदी में कई प्रकार की मछलियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से कुछ प्रजातियाँ विश्वभर में पाई जाने वाली नहीं हैं। इसके अलावा, जांस्कर नदी के किनारे कई प्रकार के वनस्पति और जीव-जन्तु भी पाए जाते हैं।
जांस्कर नदी का महत्व न केवल पारिस्थितिकी और आर्थिक दृष्टिकोण से है, बल्कि यह नदी सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जांस्कर नदी के किनारे कई प्राचीन मठ और मंदिर स्थित हैं, जो इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। क्या किसी मित्र ने ये ट्रैकिंग किया है ,आप पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए ताकि सबको पता चले अपने देश में एक से एक अदभुत जगहें हैं आप मुझे फॉलो भी कर सकते हैं इस तरह की रोमांचक जानकारी वाली पोस्ट के लिए

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ये नजारे अपने #भारत के #लद्दाख की zanskar #चादर_ट्रैक के है जिसे पूरा करने के लिए देश के साथ साथ पूरे दुनिया के उत्साही ट्रैकर पहुंचते हैं ये एक नदी है जो की सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है ,ये यात्रा 6 से 7 दिन की होती हैं जिसका खर्च 20 से 25000 तक आता है ,और इसकी ट्रैकिंग के लिए परमिट बनवाना पड़ता हैं,जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग एक अद्वितीय और रोमांचक अनुभव है जो भारत के लद्दाख क्षेत्र में स्थित है। यह ट्रेकिंग जांस्कर नदी के साथ-साथ चलती है यहां कई बड़े बड़े विशाल frozon water 🌊 Fall भी मिलते हैं ,यहां के निम्मू में स्थित संगम प्वाइंट पर मेरा पिछले वर्ष जून में जाना हुआ था ,जो कि लद्दाख की यात्रा में जाने वाले सब लोग यहां पहुंचते हैं और उस समय यहां राफ्टिंग हो रही होती हैं एक तरफ मतमेला पानी होता है दूसरी तरफ नीला पानी,फिर वही नदी सर्दियों में जम जाती है और ट्रेकर्स को इसकी सतह पर चलने का रोमांचकारी अवसर प्रदान करती है। यह ट्रेकिंग विशेष रूप से जनवरी और फरवरी में आयोजित की जाती है, जब नदी पूरी तरह से जमी होती है।,अब ये नदी जमना शुरू हो गई होगी
जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग की विशेषताएं:
1. अद्वितीय अनुभव: नदी की जमी हुई सतह पर चलना एक अनोखा और रोमांचक अनुभव है।
2. प्राकृतिक सौंदर्य: ट्रेकिंग के दौरान आपको लद्दाख की खूबसूरत पहाड़ियों और घाटियों के बीच से गुजरने का अवसर मिलता है।
3. चुनौतीपूर्ण: ट्रेकिंग में कई चुनौतियाँ होती हैं, जैसे कि नदी की जमी हुई सतह पर चलना, ठंड का सामना करना, और उचाई पर चलना।
4. सांस्कृतिक अनुभव: ट्रेकिंग के दौरान आपको स्थानीय लोगों की संस्कृति और जीवनशैली को देखने का अवसर मिलता है।
जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग के लिए आवश्यक तैयारी:
1. शारीरिक तैयारी: ट्रेकिंग के लिए अच्छी शारीरिक स्थिति में होना आवश्यक है।
2. ठंड के लिए तैयारी: ट्रेकिंग के दौरान आपको अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए गर्म कपड़े और उपकरण ले जाना आवश्यक है।
3. उचाई के लिए तैयारी: ट्रेकिंग के दौरान आपको उचाई पर चलना पड़ सकता है, इसलिए उचाई के लिए तैयारी करना आवश्यक है।
4. अनुभवी गाइड के साथ जाना: जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग के लिए अनुभवी गाइड के साथ जाना आवश्यक है, जो आपको ट्रेकिंग के दौरान सुरक्षित रखते हैं।
जांस्कर नदी चादर ट्रेकिंग के लिए सर्वोत्तम समय:
जनवरी और फरवरी में ट्रेकिंग का आयोजन किया जाता है, जब नदी पूरी तरह से जमी होती है। #जांस्कर नदी #भारत में #जम्मू और कश्मीर राज्य के लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण नदी है। यह नदी जांस्कर घाटी से होकर गुजरती है और जांस्कर घाटी को दो भागों में बांटती है - उत्तरी जांस्कर और दक्षिणी जांस्कर।
जांस्कर नदी का उद्गम स्थल जांस्कर ग्लेशियर है, जो काराकोरम पर्वत शृंखला में स्थित है। यह नदी जांस्कर घाटी से होकर गुजरते हुए, कई छोटी नदियों और धाराओं को मिलाती हुई, अंततः जांस्कर नदी ज़ंस्कार के निकट इंदुस नदी में मिल जाती है।
जांस्कर नदी की कुल लंबाई लगभग 116 किलोमीटर है, और इसका जलगाह क्षेत्र लगभग 3,100 वर्ग किलोमीटर है। यह नदी जांस्कर घाटी के लिए जीवनरेखा की तरह है, और इसके किनारे कई गांव और शहर स्थित हैं।
जांस्कर नदी में कई प्रकार की मछलियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से कुछ प्रजातियाँ विश्वभर में पाई जाने वाली नहीं हैं। इसके अलावा, जांस्कर नदी के किनारे कई प्रकार के वनस्पति और जीव-जन्तु भी पाए जाते हैं।
जांस्कर नदी का महत्व न केवल पारिस्थितिकी और आर्थिक दृष्टिकोण से है, बल्कि यह नदी सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जांस्कर नदी के किनारे कई प्राचीन मठ और मंदिर स्थित हैं, जो इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। क्या किसी मित्र ने ये ट्रैकिंग किया है ,आप पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए ताकि सबको पता चले अपने देश में एक से एक अदभुत जगहें हैं आप मुझे फॉलो भी कर सकते हैं इस तरह की रोमांचक जानकारी वाली पोस्ट के लिए

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A food for the mind

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Bhai samajh caste alag hai😃

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Winds of Change, Roots of Strength

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चीन ने एक ऐसा टावल विकसित किया है जो आपको एक बिस्किट के पैकेट जितने आकार में मिलेगा।

लेकिन जब आप इसे पानी में भिगोएंगे तो ये एक मजबूत टावल में बदल जायेगा जिसे बैग 🛍️ में साथ ले जाना आसान होता है।

चीन हर मामले में दुनियां से आगे चल रहा है।

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पहलगाम पे चर्चा होगी तो पोल खुलेगी ॥ इस लिए विदेश यात्रा पे भाग जाओ ॥ भगोड़ा पीएम चर्चा से भी भागता है ॥ प्रेस कॉन्फ्रेंस से भी ।

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Can you reply me with Jai Shri Ram?

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1990 की घटना..
आसम से दो सहेलियाँ रेलवे में भर्ती हेतु गुजरात रवाना हुई. रास्ते में एक स्टेशन पर गाडी बदलकर आगे का सफ़र उन्हें तय करना था लेकिन पहली गाड़ी में कुछ लड़को ने उनसे छेड़-छाड़ की ।

इस वजह से अगली गाड़ी में तो कम से कम सफ़र सुखद हो, यह आशा मन में रखकर भगवान से प्रार्थना करते हुए दोनों सहेलियाँ स्टेशन पर उतर गयी ।

भागते हुए रिजरवेशन चार्ट तक वे पहुँची और चार्ट देखने लगी.चार्ट देख दोनों परेशान और भयभीत हो गयी क्योंकि उनका रिजर्वेशन कन्फर्म नहीं हो पाया था।

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