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तस्वीर में दिख रहे दीपक और ललित सगे भाई हैं। आरोप है कि दोनों ने गाजियाबाद में अपने ही माता-पिता की एक साथ हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस पूछताछ में ललित ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी। उसने अपने माता-पिता, विमलेश और गंगासरण, से पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्रसव के बाद नवजात बेटे की मौत हो गई।
ललित के अनुसार, बेटे की मौत के बाद पत्नी और ससुराल वाले लगातार ताने देते रहे। पत्नी कहती थी कि अगर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया होता तो शायद बच्चे की जान बच जाती। इसी घटना के बाद उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति नफरत पैदा हो गई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने जेल ले जाते समय कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वे जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे।
तस्वीर में दिख रहे दीपक और ललित सगे भाई हैं। आरोप है कि दोनों ने गाजियाबाद में अपने ही माता-पिता की एक साथ हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस पूछताछ में ललित ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी। उसने अपने माता-पिता, विमलेश और गंगासरण, से पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्रसव के बाद नवजात बेटे की मौत हो गई।
ललित के अनुसार, बेटे की मौत के बाद पत्नी और ससुराल वाले लगातार ताने देते रहे। पत्नी कहती थी कि अगर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया होता तो शायद बच्चे की जान बच जाती। इसी घटना के बाद उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति नफरत पैदा हो गई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने जेल ले जाते समय कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वे जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे।
तस्वीर में दिख रहे दीपक और ललित सगे भाई हैं। आरोप है कि दोनों ने गाजियाबाद में अपने ही माता-पिता की एक साथ हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस पूछताछ में ललित ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी। उसने अपने माता-पिता, विमलेश और गंगासरण, से पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्रसव के बाद नवजात बेटे की मौत हो गई।
ललित के अनुसार, बेटे की मौत के बाद पत्नी और ससुराल वाले लगातार ताने देते रहे। पत्नी कहती थी कि अगर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया होता तो शायद बच्चे की जान बच जाती। इसी घटना के बाद उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति नफरत पैदा हो गई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने जेल ले जाते समय कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वे जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः 🙏
🗓️ गुरु पूर्णिमा: 29 जुलाई 2026, बुधवार
🗓️ पूर्णिमा तिथि: 28 जुलाई शाम 06:18 बजे से 29 जुलाई रात 085 बजे तक
प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाने की परंपरा है, यह दिन घर के बड़े, बुजुर्ग, गुरु और जिनसे भी आपने जीवन में कुछ न कुछ सीखा है उनके प्रति सम्मान अर्पित करने का दिन है।
प्रीति उर्फ मूली नामक 15 साल की नाबालिक लड़की को ढूंढने में मदद करें, इसके परिवार वाले बहुत परेशान हैं, अगर आपको कहीं भी दिखे तो इस नंबर पर फोन करके बताएं: 7065323993
पिता का नाम: अशोक यादव मामा का नाम: जितेंद्र यादव
एड्रेस: 22 फीट रोड, गली नंबर 8, संजय कॉलोनी सेक्टर 23 फरीदाबाद