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आज 21 नवम्बर को हमारे पेज बनारसी अंदाज का बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी की कृपा से पाँच वर्ष पूरे हो गए, आप सभी सदस्यों के द्वारा बहुत प्यार व आशीर्वाद मिला, मैं सबका दिल से आभार प्रकट करता हूँ, ऐसे ही अपना प्यार व आशीर्वाद हमपर बनाये रखें, हम भी अपनी तरफ से भरपूर कोशिश करेंगे । धन्यवाद 🙏
महादेव बनारस 🙌🙏
कविता अच्छी लगी तो शेयर कर दिया आपभी करे🙏
एक कवि नदी के किनारे खड़ा था !
तभी वहाँ से एक लड़की का शव
नदी में तैरता हुआ जा रहा था।
तो तभी कवि ने उस शव से पूछा ----
कौन हो तुम ओ सुकुमारी,
बह रही नदियां के जल में ?
कोई तो होगा तेरा अपना,
मानव निर्मित इस भू-तल मे !
किस घर की तुम बेटी हो,
किस क्यारी की कली हो तुम ?
किसने तुमको छला है बोलो,
क्यों दुनिया छोड़ चली हो तुम ?