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"बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वे चाहे कहीं भी छिपे हों, कानून उन्हें ढूंढ़ निकालेगा और उनके अपराध की कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
बेटियों का सम्मान और सुरक्षा हमारे समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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कर्नाटक के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हम्पी के पास तुंगभद्रा नदी के चक्रतीर्थ घाट (कोदंडराम मंदिर के समीप) से एक बेहद दिल दहला देने वाली और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। नदी के किनारे पैर धो रही एक नाबालिग लड़की का पैर अचानक फिसल गया और वह गहरे पानी के तेज बहाव में बहने लगी। लड़की को डूबता देख वहां मौजूद एक युवक ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी। उसे भी संघर्ष करता देख चार अन्य लोग एक-एक करके नदी में कूद पड़े।

सभी ने मिलकर नाबालिग लड़की को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन नदी के तेज और अप्रत्याशित भंवर में फंसने के कारण पांचों मददगार खुद को नहीं बचा पाए और उनकी डूबने से मौत हो गई।

SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद पांचों बहादुरों के शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मृतक आस-पास के जिलों और हैदराबाद (तेलंगाना) से ताल्लुक रखते थे, जो यहां एक पारिवारिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद घाट पर आए थे।

इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। चक्रतीर्थ घाट और हम्पी के संवेदनशील नदी तटीय क्षेत्रों में पर्यटकों के पानी में उतरने और नहाने पर फिलहाल पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। घाटों पर सुरक्षा चेतावनी बोर्ड और होमगार्ड्स की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन पांचों लोगों ने जो किया वो इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल है। अपनी जान देकर एक बच्ची को बचाना कोई मामूली बात नहीं है। भगवान उनके परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति दे।"

पीड़ित परिवारों की चीखें सुनाई दे रही हैं। एक मासूम की जिंदगी तो बच गई, लेकिन समाज ने पांच ऐसे हीरों को खो दिया जिन्होंने दूसरों के लिए हंसते-हंसते मौत को गले लगा लिया।

#kurnoolnews #realheroes #humanity #saddemise #tungabhadrariver

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इश्क में डूबी सरकारी मैडम: बैंक से उठाया कर्जा... फुफेरी बहन को 'मर्द' बना डाला!

बिहार के जमुई जिले में रहने वाली 22 वर्षीय नयनश्री पढ़ाई में अव्वल थीं और BPSC की परीक्षा पास करके सरकारी शिक्षिका बन गईं। लेकिन मैडम का दिल अपनी ही हमउम्र फुफेरी बहन राखी पर आ गया था. दोनों के बीच 5 साल से ऐसा 'गुपचुप' अफेयर चल रहा था कि घरवालों को भनक तक नहीं लगी.

जब शादी की बात आई, तो दोनों लड़कियों की शादी समाज और कानून की नजरों में मुश्किल थी. ऊपर से नयनश्री को डर था कि खुद जेंडर चेंज कराया तो कहीं सरकारी नौकरी पर आंच न आ जाए!

मैडम ने अपनी सैलरी स्लिप दिखाई और बैंक से ₹8 लाख का तगड़ा पर्सनल लोन पास करवा लिया. इसके बाद राखी को लेकर सीधे AIIMS दिल्ली पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने राखी की सर्जरी कर उसे लड़का यानी 'राहुल' बना दिया.

जमुई के पटेश्वर नाथ मंदिर में 'राहुल' ने नयनश्री की मांग में सिंदूर भरा और दोनों हमेशा के लिए एक-दूजे के हो गए.

लड़के सरकारी नौकरी के भरोसे बैठे रह गए और यहां लड़की ने खुद नौकरी पाकर अपनी ही बहन को पति बना लिया, इसे कहते हैं आत्मनिर्भरता!"

सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन तो फूफा जी को है! जो पहले बेटी थी, वो अब दामाद बन गई है. रक्षाबंधन पर राखी किसे बांधी जाएगी और पैर किसके छुए जाएंगे, इस पर पूरे गांव में पंचायत बैठी हुई है!

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मुंबई के पवई इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां दूध के लिए रोने पर एक पिता ने अपने चार साल के बेटे की हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक बच्चा मुख्य रूप से आहार में दूध ही लेता था। आरोपी की शराब पीने की आदत की वजह से पत्नी कुछ दिन पहले ही मायके चली गई थी। बच्चा अपने पिता के साथ था और भूख लगने पर वह दूध के लिए रो रहा था। इस दौरान पिता ने उसे दरवाजे पर पटक दिया, जिससे बच्चे की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

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इलाज के लिए दिल्ली आया परिवार, आग ने छीन ली श्याम अग्रवाल जिंदगियां विवेक अग्रवाल जरजनी अग्रवाल 8 विवेक (48 वर्ष)(बहू) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके के एक होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे में गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के 8 सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। परिवार के बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल फेफड़ों की बीमारी के इलाज के लिए मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। उनकी देखभाल के लिए परिवार के सदस्य पास सदस्य पास के होटल में ठहरे हुए थे। (पोती) एक इलाज की उम्मीद में आया परिवार लेकिन अचानक लगी आग और विस्फोट ने पूरे परिवार को द बनकर रह गया हमेशा के लिए बिछड़ने पर मजबूर कर दिया। हादसे में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, बहू और दो मासूम पोतियों समेत परिवार के कई सदस्य अपनी जान गंवा बैठे।जो परिवार इलाज और उम्मीद लेकर दिल्ली आया था, वह दर्दनाक यादों में बदल गया। यह हादसा एक बार फिर फायर सेफ्टी और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा#delhifire जीविषा (एंजल) (पोती) वार्या (पर्ल) (पोती)

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उत्तर प्रदेश के कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र के हम्मालीपुरा में रहने वाली एक 14 साल की मासूम लड़की 3 दिन पहले मदरसे से गायब हो गई थी। आज परिजनों ने पड़ोस के युवक दीपू के घर पर जाकर उसे बंधक बनाए रखने का शक किया। घर में घुसकर देखा तो छत पर बेहोशी की हालत में पड़ी थी छात्रा!
खौफनाक बात ये कि उसके मांग में सिंदूर भरा था, पैरों में पायल और बिछिया चढ़ाई गई थी। लगता है किसी ने शादी का रूप देकर बंधक बनाकर यातना दी। लड़की ने बताया कि दीपू ने उसे कैद कर रखा था और मोबाइल से ही परिजनों को फोन करके मदद मांगी।
परिजन पहुंचे, छात्रा को आजाद कराया। पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़की को जिला अस्पताल भेज दिया इलाज के लिए। आरोपी दीपू भाग गया, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पीड़िता ने बंधक बनाकर मारपीट और गलत हरकतों का आरोप लगाया है।
मोहल्ले में तनाव फैल गया, पुलिस फोर्स तैनात। ये घटना सवाल उठाती है - पड़ोस में रहने वाले पर भरोसा कैसे करें? लड़कियों की सुरक्षा पर फिर खतरा! POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज।
परिजन सदमे में हैं। क्या मिलेगा न्याय?😔🙏

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