Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
हर वजह को अपनी जरूरत से जोड़े
वो इंसान ही क्या जो सिर्फ अपना स्वार्थ सोचे
.
ना दिल ना दिमाग का इस्तेमाल करे
सिर्फ अपनी जरूरतों का ख़्याल करे...
.
हर वक्त फिक्र करे अपने सहूलियत आराम का,
दोस्ती हो या प्यार हर रिश्ते को समझे इनाम सा...
.
जरूरत के हिसाब से बातें पलटने वाले,
अपनी ही बातों से पीछे हटने वाले,
भूल जाते हैं उनका अपना कोई वजूद नहीं,
एक जरा सी बात के लिए भी
औरों की राह तकने वाले...