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9 वर्ष बीत चुके हैं इस खुलासे को, फिर भी करोड़ों ऐसे हैं जिन्हें बात समझ में नही आ रही है।
बहुत तो ऐसे भी हैं जिन्हें यह सच्चाई पता है फिर भी मानना नही चाहते।
वास्तव में अंधभक्ति इसी को कहते हैं। कुछ प्रश्न है मेरे उस प्रकार के लोगों से,
१. साई को मरणोपरांत जलाया गया था अथवा दफनाया गया था?
२. श्री सनातन धर्म का ऐसा कौन सा ग्रँथ है जहाँ पर साई का वर्णन है?
३. जब यह जीवित था तब भारत पर अंग्रेजों का शासन था, क्या साई ने उन अंग्रेजों के विरुद्ध भारत की स्वतंत्रता के लिये कोई कार्य किया था?
४. साई की उदी यदि चमत्कारिक थी तो उसने देह छोड़ने से पहले संसार के कल्याण के लिये वह विद्या किसी को सौंपी क्यों नही?
५. देवी सीता मय्या जी का ऐसा कौनसा दोष था जिसके कारणवश तुम प्रभु श्री राम जी के नाम (सियाराम) को उनके नाम से हटा कर साई के नाम को श्री राम जी के नाम से पहले लगाने का पाप कर रहे हो?
६. बृहस्पतिवार श्री हरि विष्णु जी का दिन होता है, तो यह दिन उनकी उपेक्षा कर के साई का दिन कैसे हो गया?
जिसके लिए घर - परिवार से बागी होकर.. घर से फरार होकर प्रेम विवाह रचाया उसी ने गला काटकर मार डाला.. मायके वालो ने लाश लेने से किया इंकार
UP : मथुरा के थाना बलदेव इलाके के गांव नंगला बुजुर्ग में 40 साल के गौरव चौधरी ने अपनी 25 साल की पत्नि पूजा शर्मा की गला काटकर हत्या कर दी। युवक अपनी पत्नि पर शक करता था.. उसी का अंजाम यह निकला की कहासुनी के बाद उसने अपनी जीवन संगिनी का मर्डर कर डाला..ढाई साल के बेटे ने पड़ोसियो को बताया " पापा ने मम्मी को मार दिया''...
@mathurapolice
ने क़ातिल पति को अरेस्ट कर लिया है। वही पुलिस ने पूजा के परिवार को कॉल करके बुलाना चाहा तो परिवार ने लाश लेने से इंकार कर दिया.. कहा " जिस दिन घर से भागी थी.. उसी दिन मर गई थी".. अब लाश का क्या करना।
2 नए दोस्तों की एंट्री बनी क़त्ल की वजह..
बल्लभगढ़ में आयोजित देवी जागरण कार्यक्रम के दौरान गायक कलाकार ब्रह्मानंद व बलवीर बृजवासी से पूजा की दोस्ती हो गई। इन दोनों ने ही पूजा को सात महीने पहले बलदेव के गांव नगला बुर्ज में किराया का कमरा दिलवाने में मदद की थी। गौरव टैक्सी चलाता है। इसके कारण वह कई दिन तक घर से बाहर रहता था। गांव वालों ने गौरव को बताया उसके जाने पर पीछे से दो लोग घर आते हैं। गौरव को पूजा के नए दोस्त की जानकारी होने पर घर में कलह शुरू हो गई। आए दिन झगड़ा होने लगा। इसी का अंजाम यह निकला की पूजा की जान चली गई।