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अनाथ की सेवा में ही परमार्थ है...
पूज्य पिताश्री स्व. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव 'हरीश जी' की 9वीं पुण्यतिथि पर "अपना घर आश्रम" में रहने वाले वृद्धजनों को गर्म ऊनी शॉल ओढ़ाकर, उनकी सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
103 वर्षीया दादी जी को शॉल ओढ़ाकर अभियान का शुभारम्भ किया गया।
नर सेवा, नारायण सेवा...
अनाथ की सेवा में ही परमार्थ है...
पूज्य पिताश्री स्व. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव 'हरीश जी' की 9वीं पुण्यतिथि पर "अपना घर आश्रम" में रहने वाले वृद्धजनों को गर्म ऊनी शॉल ओढ़ाकर, उनकी सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
103 वर्षीया दादी जी को शॉल ओढ़ाकर अभियान का शुभारम्भ किया गया।
नर सेवा, नारायण सेवा...
अनाथ की सेवा में ही परमार्थ है...
पूज्य पिताश्री स्व. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव 'हरीश जी' की 9वीं पुण्यतिथि पर "अपना घर आश्रम" में रहने वाले वृद्धजनों को गर्म ऊनी शॉल ओढ़ाकर, उनकी सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
103 वर्षीया दादी जी को शॉल ओढ़ाकर अभियान का शुभारम्भ किया गया।
नर सेवा, नारायण सेवा...
