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मित्रों आज आप से हाथ जोड़कर एक विनती कर रहा हूं..रामपाल के जाल में फंसे उसके भक्तों के घर से लड़की ले जरूर आना लेकिन उसके घर लड़की देना मत..☝️☝️
वरना आपकी बेटी अपने सनातन तीज त्योहार परंपराएं सबके लिए तरस जाएगी, माता देवता राखी दिवाली नवरात्रि कुछ भी नहीं बचेगा उसके जीवन में आपकी बेटी का जीवन खंडहर , बेरंग , तनावग्रस्त हो जायेगा
क्यो कि रामपाल को मानने वाले सनातन-धर्म के किसी तीज त्योहार को नही मानते। मुझे पता है यह पोस्ट लिखकर मैं कितनी बड़ी रिस्क ले रहा हूं,
लेकिन सनातन बेटियों के जीवन के लिए मुझे हर तरह की रिस्क मंजूर है..आपकी बेटी आपके घर में तो तीज त्यौहार और परंपराओं में पली-बढ़ी होगी लेकिन रामपाल के भक्तों के घर में अगर आपने बेटी दे दी तो यकीन मानिए आपकी बेटी खून के आंसू रोएगी..😢😢
कभी आपके घर आकर राखी नहीं बांध पाएगी जो भाई बहन का त्योहार है जिसे मनाने की सोच भी नहा पायेगी, कभी दीपावली नहीं मना पाएगी,
इसलिए मैं आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं रामपाल के भक्तों के घर से बेटी ले जरूर आना ताकि खंडहर हो चुका बेटी का जीवन फिर से सनातनी तीज त्यौहार के रंगों में रंग जाएगा लेकिन अपनी बेटी को किसी रामपाल के भक्तों के घर में मत देना
जब भी बेटी का रिश्ता करने जाओ तो सामने वाले के घर का देवस्थान जरूर देखना।
वरना मैंने अनेकों बेटियो के जीवन को खंडहर होते और तीज त्योहार पर रोते बिलखते देखा है...जागो भटकते सनातनीयो
जय श्रीराम
इस प्रतीकात्मक चित्र पर जरा गौर कीजिए :-
यह एक "शांतिप्रिय अमरबेल" है जिसे एक पेड़ ने सहारा देकर उसके फलने - फूलने में सहयोग किया था......
और.... एक दिन उस अमरबेल ने पूरे पेड़ पर फैल कर उसका जीवन लील लिया... ईह लीला समाप्त कर दिया...पेड़ सूख गया...
इस प्रतीकात्मक चित्र के माध्यम से आप अपने आस पास फैले भयावह परजीवी समस्या को जानिए और अनुभव कीजिए.! इससे बचने का त्वरित उपाय कीजिए अन्यथा आप भी इसी निष्प्राण पेड़ के जैसे प्राणहीन हो जायेंगे.!
इस स्थिति के आने से पहले सावधान!! समय नहीं है, जागें...!!!
◆ कजाकिस्तान के कजाख लोग कभी बौद्ध सभ्यता से प्रभावित थे. कजाख की इली नदी के किनारे क्षेत्र में चट्टानों पर गौतम बुद्धा की बेहद सुंदर तस्वीर उत्कीर्ण है.
◆ हम बात करेंगे 1930 के कम्युनिस्ट कजाकिस्तान की जो USSR साम्राज्य का हिस्सा बन चुका था. 1930-33 में स्टालिन की सामूहिक कृषि नियमों के कारण कजाकिस्तान में भीषण अकाल पड़ा.
◆ अकाल में 20,00,000 से अधिक लोग मारे गए.
◆ अकाल के बाद कम्युनिस्ट सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय को प्रताड़ित कर देश से जबरन निकालना शुरू किया. लाखों अल्पसंख्यक समुदाय कजाकिस्तान छोड़कर भागने लगे.
◆ सेना को गोली मारने का आदेश था. कड़ाके की ठंड कजाकिस्तान से एक उइगर परिवार में देश से निकलना चाहता था. ठंड से बचने के लिए नानी, माँ और सात बेटियों ने लहसुन का पेस्ट लगा लिया.
◆ लहसुन का पेस्ट से शरीर गर्मी फैल गयी जिसके कारण पूरे शरीर में फफोले पड़ गए. फफोले के कारण गस्त लगाते सैनिकों को लगा पूरा परिवार किसी भयंकर रोग से पीड़ित है इसी कारण सभी को सलामत छोड़ दिया.
◆ कजाकिस्तान से पूरा परिवार लाहौर आ गया. 1947 के बाद लाहौर से दिल्ली आ गए और सात बेटियों में एक रीटा जी थीं जिनकी मुलाकात गुजराती मूल के काकुभाई श्रॉफ से हुई. और दोनों को एक दूसरे से प्यार हुआ और फिर शादी.
◆ 1957 मुंबई में रीटा जी ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसका नाम जयकिशन श्रॉफ पड़ा और येही बालक 1983 में HERO फ़िल्म से पूरे देश का HERO बन जाता है. नाम है जैकी श्रॉफ.
● फ़ोटो क्रेडिट : बॉलीवुड नोस्टाल्जिया.
इन्फॉर्मेशन सोर्स : टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, विकिपीडिया एंड गुफ्तगू वित जैकी श्रॉफ.