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संभल उत्तर प्रदेश के कुछ बूथों से
जालीदार टोपी और बुर्के की भीड़ द्वारा बूथों को कब्जाये जाने की कोशिश की गयी....
पर sambhal police की त्वरित कार्यवाही से बूथों से लुटेरों को भगाया गया...
Uppolice @dgpup
कृपया संभल में अतिरिक्त फ़ोर्स का इंतज़ाम करें जिससे शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित हो सके
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जुस की दुकान चलाने वाला एक लड़का कैसे बन गया कैसेट किंग? आज कैसेट किंग गुलशन कुमार का जन्मदिवस है। 05 मई 1951 को दिल्ली में गुलशन कुमार जी का जन्म हुआ था। गुलशन जी के पिता की एक जूस की दुकान थी। वो भी अक्सर अपने पिता का हाथ बंटाने दुकान पर पहुंच जाते थे। एक वक्त ऐसा आया जब इनके पिता ने जूस की दुकान के साथ एक कैसेट की दुकान भी खोल ली। वहां वो गाने कैसेटों में रिकॉर्ड करके बेचा करते थे। गुलशन को पिता का ये नया काम काफी पसंद आया था।
समय गुज़रा और गुलशन कुमार ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड नाम से अपनी खुद की एक कंपनी खोल ली। देखते ही देखते सुपर कैसेट्स मशहूर हो गई। इतनी की भारत की सबसे बड़ी कैसेट कंपनी बन गई। और गुलशन कुमार को कैसेट किंग का खिताब मिल गया। सफलता मिली तो गुलशन कुमार ने टी-सीरीज़ नाम से एक और कंपनी शुरू कर दी। अपनी इस कंपनी से गुलशन कुमार नए गायकों को मौके देने लगे। कितने ही गायक ऐसे हैं जिनके लिए गुलशन कुमार गॉडफादर की तरह। थे।
गुलशन कुमार की बेशुमार मेहनत का नतीजा ये हुआ कि मात्र 10 सालों में ही उनकी कंपनी टी-सीरीज़ का बिजनेस 350 मिलियन का हो गया। गुलशन दिन रात तरक्की कर रहे थे। लेकिन उनकी ये शोहरत अंडरवर्ल्ड की काली दुनिया के काले दिल वाले लोगों को हजम नहीं हुई। गुलशन को पहले तो डराया-धमकाया गया। लेकिन गुलशन ने जब झुकने से इन्कार कर दिया तो 12 अगस्त 1997 को मुंबई के जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गुलशन कुमार की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई।