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श्री मुक्तसर साहिब में। एस ए टी। निशान पर कार्रवाई
- पुलिस ने की 13 लाख 65,000 रुपये की संपत्ति जब्त
ग्राम हुसनर निवासी प्रदीप सिंह के खिलाफ कार्यवाही

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श्री मुक्तसर साहिब में। एस ए टी। निशान पर कार्रवाई
- पुलिस ने की 13 लाख 65,000 रुपये की संपत्ति जब्त
ग्राम हुसनर निवासी प्रदीप सिंह के खिलाफ कार्यवाही

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वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप युद्धकौशल और रणनीति में बहुत माहिर थे। इसी वजह से उनके शासनकाल में वर्षों तक चले संघर्ष के बावजूद भी ना तो मुगल सेना मेवाड़ की प्रजा को बन्दी बना सकी, ना स्त्रियों पर अत्याचार कर सकी और ना ही मेवाड़ का राजकोष लूट सकी।

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17 फ़रवरी 1983 को मध्‍यप्रदेश में जन्‍में अभिनेता अरुणोदय सिंह किस फिल्‍म में ऋतिक रोशन के साथ नजर आए थे ||
#arunodaysingh #birthdayboy #birthanniversary #ghoomtiaankh #bollywoodclassics

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भस्म उड़ा कर मिट्टी की, सर हाथी के चढ़ जाता था।
राणा प्रताप तेरा घोड़ा भी रजपूती धर्म निभाता था ।।
चेतक की हस्ति मिटा सकें अकबर तेरी औकात नहीं।
मेरे ह्रदय में राणा धड़कता है जिसका तुमको आभास नही ।।
रामप्रसाद से हाथी ने जीवन को अर्पित कर डाला ।
सौगंध वीर महाराणा की एक कण भी मुख में नही डाला।
रोइ थी हल्दी घाटी मंजर रक्त विलीन था।
दिल्ली की गद्दी कंपि है जिसपर अकबर आसीन था।।
चीख पड़ी है हल्दी घाटी चेतक अध बेहोश है।
अखंड सौर्य ले उड़ा है चेतक मृत्यु तक ख़ामोश है।।
हरण करे तलवार प्राण जिन्हें बरन करे म्रत्यु रानी।
लाखों जाने अर्पित हैं चेतक को छोड़ दे महारानी।।
चेतक की चिंघाड़ बिना मेरा सूर्य उदय क्या होयगा।
चेतक की यादों में राणा पल पल आँख भिगोएगा।।

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राष्ट्रीय अधिवेशन,
भारत मण्डपम, नई दिल्ली
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh

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राष्ट्रीय अधिवेशन,
भारत मण्डपम, नई दिल्ली
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh

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राष्ट्रीय अधिवेशन,
भारत मण्डपम, नई दिल्ली
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh

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ये उन अनाजों का आटा है जिन्हें हमने आधुनिकता की दौड़ में भोजन में शामिल करना छोड़ दिया है।
हम सबको लगता है कि मैदा हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है परन्तु गेहूं की आटा शरीर के लिए ठीक है।
ये बात भी पूरी तरह से ठीक नहीं है।
यदि हमे हमारे शरीर को स्वस्थ रखना है तो भोजन में विविधता अपनाना आवश्यक है जैसे हमारे पुरखे करते थे।
हालाकि उस समय उपज कम होती थी परन्तु उस समय का जो खान पान था वो पोषक तत्व से भरपूर होता था क्योंकि फर्टिलाइजर्स का प्रयोग न के बराबर होता था।
अब यदि फर्टिलाइजर्स न डाली जाय तो उपज ही नहीं मिल पाती है।
खैर मेरा सिर्फ इतना ही कहना है कि आप गेहूं के आटे की रोटी खाइए परन्तु इन सभी प्रकार के आटे की मिलाकर रख लीजिए और इनकी एक मोटी रोटी रोज के खाने में उपयोग करे।
इनके सदस्यों के हिसाब से टुकड़े कर दे और घी गुड़ या चटपटे नमक व सरसों तेल के साथ खाए और खिलाए।
यदि घर के सदस्य रोज में यही रोटी खाने के लिए तैयार हैं तो अच्छी बात है । इस आटे को गेहूं के आटे में मिला दे और रोज की रोटी इनसे ही बनाये।
वर्ना एक मोटी रोटी का हिसाब अपनाए।
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