2 лет - перевести - Facebook

https://www.facebook.com/Desim....urgamittranda/videos

image
2 лет - перевести

𝔸𝕣𝕛𝕦𝕟 🔥💪🏹❤️

image
2 лет - перевести

पाकिस्तान की टीम वर्ल्ड कप में काफी बुरा प्रदर्शन कर रही है. पाकिस्तान की टीम ने अभी तक इस वर्ल्ड कप में 5 मैच खेले हैं, जिनमें से उन्हें 3 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. पाकिस्तान अपने आखिरी वर्ल्ड कप मैच में अफगानिस्तान से भी हार गई. अफगानिस्तान से हार के बाद वसीम अकरम पाक टीम पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा, 'हम लगातार कह रहे हैं कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों का दो साल से फिटनेस टेस्ट नहीं हुआ है. उनके चेहरे सूज गए हैं. लगता है कि जैसे वे रोज 8-8 किलो मटन खाते हैं'

image

The Ultimate Guide to Finding the Right SEO Consultant in Dubai.pdf

image
2 лет - перевести

#श्यामपुर खेरी कला दीपक गट्टू भाई के रिसेप्शन में ।।

image
2 лет - перевести

तिन्ह मंह प्रिय विरक्त पुनि ज्ञानी
ज्ञानिहु ते अति प्रिय विज्ञानी .......
रावण द्वारा माता सीता का हरण करके श्रीलंका जाते समय पुष्पक विमान का मार्ग क्या था..??
उस मार्ग में कौन सा वैज्ञानिक रहस्य छुपा हुआ है
उस मार्ग के बारे में हज़ारों साल पहले कैसे जानकारी थी पढ़िए इन प्रश्नों के उत्तर जो वामपंथी इतिहारकारों के लिए मृत्यु समान हैं...रावण ने माँ सीताजी का अपहरण पंचवटी (नासिक, महाराष्ट्र) से किया और पुष्पक विमान द्वारा हम्पी (कर्नाटक), लेपक्षी (आँध्रप्रदेश) होते हुए श्रीलंका पहुंचा...आश्चर्य होता है जब हम आधुनिक तकनीक से देखते हैं कि नासिक, हम्पी, लेपक्षी और श्रीलंका बिलकुल एक सीधी लाइन में हैं. अर्थात ये पंचवटी से श्रीलंका जाने का सबसे छोटा रास्ता है...अब आप ये सोचिये कि उस समय Google Map नहीं था जो Shortest Way बता देता. फिर कैसे उस समय ये पता किया गया कि सबसे छोटा और सीधा मार्ग कौन सा है?? या अगर भारत विरोधियों के अहम् संतुष्टि के लिए मान भी लें कि चलो रामायण केवल एक महाकाव्य है जो वाल्मीकि ने लिखा तो फिर ये बताओ कि उस ज़माने में भी गूगल मैप नहीं था तो रामायण लिखने वाले वाल्मीकि को कैसे पता लगा कि पंचवटी से श्रीलंका का सीधा छोटा रास्ता कौन सा है?? महाकाव्य में तो किन्ही भी स्थानों का ज़िक्र घटनाओं को बताने के लिए आ जाता। लेकिन क्यों वाल्मीकि जी ने सीता हरण के लिए केवल उन्हीं स्थानों का ज़िक्र किया जो पुष्पक विमान का सबसे छोटा और बिलकुल सीधा रास्ता था? ये ठीक वैसे ही है कि आज से 500 साल पहले गोस्वामी तुलसीदास जी को कैसे पता कि पृथ्वी से सूर्य की दूरी क्या है? (जुग सहस्त्र जोजन पर भानु = 152 मिलियन किमी - हनुमानचालीसा), जबकि नासा ने हाल ही के कुछ वर्षों में इस दूरी का पता लगाया है...अब आगे देखिये...पंचवटी वो स्थान है जहां प्रभु श्री राम, माता जानकी और भ्राता लक्ष्मण वनवास के समय रह रहे थे..यहीं शूर्पणखा आई और लक्ष्मण से विवाह करने के लिए उपद्रव करने लगी। विवश होकर लक्ष्मण ने शूपर्णखा की नाक यानी नासिका काट दी. और आज इस स्थान को हम नासिक (महाराष्ट्र) के नाम से जानते हैं। आगे चलिए...पुष्पक विमान में जाते हुए सीताजी ने नीचे देखा कि एक पर्वत के शिखर पर बैठे हुए कुछ वानर ऊपर की ओर कौतुहल से देख रहे हैं तो सीता ने अपने वस्त्र की कोर फाड़कर उसमें अपने कंगन बांधकर नीचे फ़ेंक दिए, ताकि राम को उन्हें ढूढ़ने में सहायता प्राप्त हो सके...जिस स्थान पर सीताजी ने उन वानरों को ये आभूषण फेंके वो स्थान था 'ऋष्यमूक पर्वत' जो आज के हम्पी (कर्नाटक) में स्थित है...इसके बाद... वृद्ध गिद्धराज जटायु ने रोती हुई सीताजी को देखा, देखा कि कोई राक्षस किसी स्त्री को बलात अपने विमान में लेके जा रहा है। जटायु ने सीताजी को छुड़ाने के लिए रावण से युद्ध किया. रावण ने तलवार से जटायु के पंख काट दिए...इसके बाद जब राम और लक्ष्मण सीताजी को ढूंढते हुए पहुंचे तो उन्होंने दूर से ही जटायु को सबसे पहला सम्बोधन 'हे पक्षी' कहते हुए किया. और उस जगह का नाम दक्षिण भाषा में 'लेपक्षी' (आंधप्रदेश) है। अब क्या समझ आया आपको? पंचवटी---हम्पी---लेपक्षी---श्रीलंका. सीधा रास्ता.सबसे छोटा रास्ता. हवाई रास्ता, यानि हमारे जमाने में विमान होने के सबूत गूगल मैप का निकाला गया फोटो नीचे है...अपने ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति को भूल चुके भारतबन्धुओं रामायण कोई मायथोलोजी नहीं है...ये महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया सत्य इतिहास है. जिसके समस्त वैज्ञानिक प्रमाण आज उपलब्ध हैं...इसलिए जब भी कोई वामपंथी हमारे इतिहास, संस्कृति, साहित्य को मायथोलोजी कहकर लोगों को भ्रमित करने का या खुद को विद्वान दिखाने का प्रयास करे तो उसको पकड़कर बिठा लेना और उससे इन सवालों के जवाब पूछना एक का भी जवाब नहीं दे पायेगा..
सत्य सनातन धर्म की जय,जय श्रीराम, जय गोविंदा
साभार ट्विटर

image
2 лет - перевести

"जो जीता वह चन्द्रगुप्त मौर्य "
सिकन्दर भारत से घायल होकर , पिट कर और हारकर वापिस गया था और उसके सेनापति सेल्युकस ने अपनी बेटी हेलिना का विवाह चन्द्रगुप्त मौर्य से किया था और हजारों घोड़े, हाथी सहित चार देश दहेज में दिए थे!
मगर मुर्दा कौम कहती है - "जो जीता वही सिकन्दर"
कहना तो चाहिए था - "जो जीता वही चन्द्रगुप्त मौर्य "
"जो हारा वह सिकन्दर"
तर्क करो! ये पागलपन अब बंद करो! देश के सच्चे इतिहास को जानो
महान तो सम्राटों के सम्राट, अखंड भारत के निर्माता चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक महान थे!
जय चंद्रगुप्त मौर्य ,
जय सम्राट अशोक!!

image