Entdecken BeiträgeEntdecken Sie fesselnde Inhalte und vielfältige Perspektiven auf unserer Discover-Seite. Entdecken Sie neue Ideen und führen Sie bedeutungsvolle Gespräche
#bankebiharitemple #livedarshan: जन्माष्टमी पर डेढ़ लाख की पोशाख पहनेंगे बांके बिहारी, यहां करें लाइव दर्शन
#janmashtami2023 #janmashtami #krishna #religious #pujapath #spirituality
जम्मू-कश्मीर की आयशा अजीज (Ayesha Aziz) साल 2011 में देश की सबसे कम उम्र में स्टूडेंट पायलट का लाइसेंस पाने वाली छात्रा बनी थीं, उस वक्त आयशा 15 साल की थीं. इसके बाद उन्होंने रूस के सोकोल (Sokol) एयरबेस में मिग-29 उड़ाने के लिए ट्रेनिंग ली. फिर आयशा ने बॉम्बे फ्लाइंग क्लब (Bombay Flying Club) से विमानन में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और 2017 में उन्हें कमर्शियल पायलट का लाइसेंस मिल गया.
भारत की अल्ट्रा रनर सूफिया सूफी खान के नाम एक नहीं बल्कि चार गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं. राजस्थान के अजमेर में जन्मी 36 साल की सूफिया ने 2017 में अपनी नौकरी छोड़कर फुल टाइम अल्ट्रा रनिंग करने का फैसला किया था. जिसके बाद सूफिया खान ने पिछले पांच सालों में चार गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर किए हैं -
➡️ 2019 में कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दौड़ को उन्होने 87 दिन, 2 घंटे, 17 मिनट में पूरा करके गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.
➡️ 2021 में 480 किमी लंबे मनाली-लेह राजमार्ग की दौड़ को 6 दिन, 12 घंटे और 6 मिनट में पूरा करके गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.
➡️ 2021 में सूफिया ने ‘स्वर्णिम चतुर्भुज’ पर 6,002 किमी. की दूरी 110 दिन, 23 घंटे और 24 मिनट में पूरी कर अपना तीसरा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.
➡️ 2023 में 12 से 13 जनवरी को सूफिया ने 34 घंटे में कतर का एक चक्कर पूरा करके चौथा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.
कश्मीर की पहली महिला ताइक्वाडों एथलीट 23 साल की आफरीन हैदर पूरे देश की बेटियों के लिए मिसाल हैं. वह ताइक्वांडो में ऑल इंडिया रैंक 1 होल्डर रह चुकी हैं. इसके अलावा वह दुनिया की 100 महिला ताइक्वांडो एथलीट में भी शामिल हैं. आफरीन का सपना अब पेरिस ओलंपिक में मेडल हासिल करना है. आफरीन ने अपने खेल की शुरूआत 7 साल की उम्र में ही कर दी थी. उन्होने अंतरराष्ट्रीय जी1 और जी2 टूर्नामेंट में पदक जीते हैं और फरवरी 2023 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता.
टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज़ मोहम्मद शमी 3 सितंबर को 33 साल के हो गए हैं. उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सहसपुर अलगीनगर गांव में हुआ. इसी गांव में घर के पीछे कब्रिस्तान की खाली जमीन में उन्होने टेनिस बॉल से गेंदबाजी प्रैक्टिस करना शुरु किया था. शमी की सफलता में उनके पिता तौसीफ़ अहमद का बड़ा योगदान रहा है. उनके पिता भी किसी जमाने तेज गेंदबाजी किया करते थे. शमी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. उनके नाम वर्ल्डकप के 11 मैचों में 31 विकेट दर्ज हैं. वह वर्ल्डकप में हैट्रिक बनाने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज हैं.