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#दीवार फिल्म में अमिताभ अच्चन का एक डायलॉग है, जब सेठ उनसे बोलता है कि "विजय बाबू आप ये बिल्डिंग थोड़ी मंहगी खरीदे हैं ! आप बोलते तो मैं इसके लाख दो लाख रुपये कम कर देता, माफ करना लेकिन आपको सौदा करना नहीं आता!" तब अमिताभ बच्चन बोलते हैं "सौदा करना तो आपको नहीं आता अग्रवाल साहब, आप इस बिल्डिंग के दस बीस लाख और मांगते तो भी मैं दे देता!"
तब अग्रवाल साहब पूंछते हैं कि "क्यों ऐसा क्या खास है इस बिल्डिंग में ??"
तब अमिताभ अच्चन बोलते हैं कि "आज से बीस साल पहले जब यह बिल्डिंग बन रही थी तो मेरी माँ ने यहाँ ईंटें उठाईं थीं!!" 😔😔
कुछ बूझे...??? कि नहीं....????
श्री राम जन्मभूमि की जमीन यदि दस बीस करोड़ और मंहगी भी मिलती तो उसकी भी व्यवस्था कर देते हम लोग, क्योंकि पिछले 495 बरसों से हमारे पूर्वजों ने उस भूमि को अपने खून से सींचा है!!
लेकिन जलील इंसान नहीं समझ पाएंगे ये सब बातें....

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सबका एक न एक दिन भाव बढ़ते हैं, फिर चाहे वह इंसान हो या टमाटर... आपके यहां टमाटर कितने रुपए Kg में मिल रहा है....🤔🙄😀😀😀

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जीवन के इस सफर मे तुम यहाँ तक शामिल होगे,

मेरी प्रेमिका से मेरी पत्नी बनने का सफर करोगे..❤️⭐️

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