भारत की हजारों वर्षों की यात्रा में समाजशक्ति की बहुत बड़ी भूमिका रही है; यह भारतीय समाज की ताकत और प्रेरणा है, जो राष्ट्र की अमरता को बरकरार रखती है: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी,राजस्थान के भीलवाड़ा में

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मोदी सरकार के 9 साल बनें सांस्कृतिक संवर्धन का अमृतकाल!

भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण, केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण एवं महाकाल महालोक का निर्माण कर मोदी सरकार ने अभूतपूर्व कार्य किया है।

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भोलेनाथ के अनन्य भक्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भोले के अन्य भक्तों को दी सौगात।

आदि कैलाश तक ऑल वेदर सड़क का निर्माण पूर्ण, अब मात्र 5 घंटे में पहुंचेंगे आदि कैलाश पर।

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सुख सुविधाओं के साथ यात्रा तो मात्र एक बहाना है..
असली लक्ष्य तो जनता को पागल बनाना है।

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तस्वीर देख कर हैरान मत होईए।
ये बात सच है कि कभी दिल्ली से लंदन आप बस से भी जा सकते थे। क्योंकि तब दुनिया का सबसे लम्बा सड़क मार्ग कलकत्ता से लंदन हुआ करता था।और इस मार्ग पर बस भी चलती थी। कोई हिंदुस्तानी या अंग्रेज ने नहीं बल्कि सिडनी की अल्बर्ट टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी ने शुरु की रहे ये सेवा।
1950 के दशक के शुरू में होने के बाद लगभग 25 साल तक चली पर बाद में इसे किन्ही कारणों से बंद करना पड़ा। किराया था महज 85 पाउंड्स से लेकर 145 पाउंड्स।
कलकत्ता से शुरू होकर बनारस, इलाहाबाद, आगरा, दिल्ली से होते हुए लाहोर, रावलपिंडी,काबुल कंधार, तेहरान,इस्तांबुल से बुलगेरिया, युगोसलाविया,वीएना से वेस्ट जर्मनी और बेलजियम से होते हुए ये बस लंदन पहुंचती थी।
इस दौरान ये करीब 20300 KM चलती थी और 11 मुल्कों को क्रॉस करती थी।

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यह बांध कभी #मिर्ज़ापुर के अधीन था, परन्तु #सोनभद्र के #विभाजन के पश्चात यह मिर्ज़ापुर से पृथक हो गया।
#धंधरौल बांध भारत का सबसे पुराना बांध है इस बांध का निर्माण सन् 1917 में किया गया था और इसी बांध से घाघर नदी भी निकली हुई है।
बांध का कैचमेंट एरिया तकरीबन 800 वर्ग किमी में फैला हुआ है चारों तरफ पहाड़ो से घिरा ये बांध बहुत ही खूबसूरत लगता हैं।
यह जगह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर विजयगढ़ जाने वाले रोड पर पड़ता है।

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यह पेंटिंग 1872 में महाराजा रणजीत सिंह के दरबार के प्रमुख कलाकार बिशन सिंह ने बनाई थी।इस पेंटिंग में कश्मीरी पंडित झेलम नदी में नहाते और सूर्य नमस्कार करते दिख रहे हैं।

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