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अजयमेरू (अजमेर) का सूर्यवंशी रघुकुलतिलक, मालवकुलभूषण चाहमान (चौहान) क्षत्रिय राजपूत वंश ने इस मातृभूमि, सनातन धर्म व संस्कृति की रक्षा मे प्राचीन भारत के इतिहास में भारतवर्ष की पश्चिमी सीमाओं के 6वी से 12वी शताब्दी तक "रक्षा की पहली पंक्ति यानि सजग प्रहरी थे", यह कहे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं है। विभिन्न चौहान शासको द्वारा निम्न विदेशी मुस्लिम आक्रमणकारियो से कड़ा संघर्ष कर युद्ध किया और उन्हें युद्धभूमि में धूल चटाई तथा सनातन धर्म की रक्षा की।
1. चौहान शासक महाराजा गोपेंद्रराज (771-784ई) ने सुलतान वेग वारिस को पराजित किया।
2. चौहान शासक महाराजा गोविंदराज उर्फ गुवक प्रथम (809-836ई) ने कई मुस्लिम आक्रमणकारियो को पराजित किया।
3. चौहान शासक महाराजाधिराज सिंहराज (947-971ई) ने हेजिउद्दीन को पराजित किया।
4. चौहान शासक महाराजाधिराज दुर्लभराज द्वितीय (998-1012ई) ने सुलतान महमूद को पराजित किया।
5. चौहान शासक महाराजाधिराज गोविंद द्वितीय (1012-1026ई) ने सुलतान महमूद को पराजित किया।
6. चौहान शासक महाराजाधिराज चामुंडराज (1040-1065ई) ने सुलतान हेजीमुद्दीन को पराजित कर उसकी हत्या कर दी।
7. चौहान शासक महाराजाधिराज दुर्लभराज तृतीय (1065-1070ई) ने गजनी के सुलतान इब्राहिम को पराजित किया।
8. चौहान शासक महाराजाधिराज विग्रहराज तृतीय (1070-1090ई) ने गजनी के सेनापति शाहबुद्दीन को पराजित किया।
9. चौहान शासक महाराजाधिराज पृथ्वीराज प्रथम (1090-1110ई) ने बगूलीशाह को पराजित किया।
10. चौहान शासक महाराजाधिराज अजयराज द्वितीय (1110-1130ई) ने सुलतान बहरामशाह को पराजित किया।
11. चौहान शासक महाराजाधिराज अर्नोराज (1135-1150ई) ने सुलतान बहरामशाह को पराजित किया।
12. चौहान शासक महाराजाधिराज विग्रहराज चतुर्थ (1150-1164ई) ने तुर्को पर शानदार विजय प्राप्त की।
13. चौहान शासक महाराजाधिराज पृथ्वीराज द्वितीय (1165-1169ई) ने लाहौर के सुल्तान खुसरू मलिक को पराजित किया।
14. चौहान शासक महाराजाधिराज भारतेश्वर सम्राट पृथ्वीराज चौहान तृतीय (1166-1192ई) ने मोहम्मद गौरी की सेनाओं को 16 बार युद्ध में बुरी तरह पराजित किया और बाद में शब्दभेदी बाण द्वारा गजनी के शासक सुल्तान गयासुद्दीन गौरी को मार दिया।
ओझल हो रही स्मृति,
सिमट रहा इतिहास।
बॉट निहारे पूर्वज,
करके हमसे आस।।
© लेखक - कुंवर दयालसिंह चहुआंण
ठिकाना- सिलारी (परगना - बिलाड़ा, मारवाड़)
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