आंध्रप्रदेश के कुरनूल में आज #प्रभु_श्रीराम की मूर्ति की आधारशिला रखी गई। यह भारत में रामजी की सबसे ऊंची 108 फुट ऊंची मूर्ति होगी। मूर्ति का निर्माण "स्वामी राघवेंद्र स्वामी मठ" के प्रांगण में आरंभ हो गया। आधार Amit Shah ने रखा। एक और भव्य स्मरण।
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आंध्रप्रदेश के कुरनूल में आज #प्रभु_श्रीराम की मूर्ति की आधारशिला रखी गई। यह भारत में रामजी की सबसे ऊंची 108 फुट ऊंची मूर्ति होगी। मूर्ति का निर्माण "स्वामी राघवेंद्र स्वामी मठ" के प्रांगण में आरंभ हो गया। आधार Amit Shah ने रखा। एक और भव्य स्मरण।
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ये एक अलौकिक कालजयी विद्या है
विज्ञानमय कोश की चतुर्थ भूमिका में पहुँचने पर जीव को प्रतीत होता है कि तीन सूक्ष्म बन्धन ही मुझे बाँधे हुए हैं। पंच- तत्त्वों से शरीर बना है, उस शरीर में पाँच कोश हैं। गायत्री के यह पाँच कोश ही पाँच मुख हैं, इन पाँच बन्धनों को खोलने के लिए कोशों की अलग-अलग साधनायें बताई गई हैं, विज्ञानमय कोश के
अन्तर्गत तीन बन्धन हैं, जो पञ्च भौतिक शरीर न रहने पर भी देव, गन्धर्व, यक्ष, भूत, पिशाच आदि योनियों में भी वैसे ही बन्धन बाँधे रहते हैं जैसा कि शरीरधारी का होता है यह तीन बन्धन-ग्रन्थियाँ, रुद्र ग्रन्थि, विष्णु-ग्रन्थि, ब्रह्म-ग्रन्थि के नाम से प्रसिद्ध हैं। इन के ऊँचा उठ जाने पर ही आत्मा शान्ति और आनन्द का अधिकारी होता है। इन तीन ग्रन्थियों को खोलने के महत्त्वपूर्ण कार्य को ध्यान में रखने के लिए कन्धे पर तीन तार का यज्ञोपवीत धारण किया जाता है, इसका तात्पर्य यह है कि तम, रज, सत् के तीन गुणों द्वारा स्थूल, सूक्ष्म, कारण शरीर बने हुए हैं। यज्ञोपवीत के अन्तिम भाग में तीन ग्रन्थियाँ लगाई जाती हैं इसका तात्पर्य यह है कि रुद्र ग्रन्थि, विष्णु ग्रन्थि तथा ब्रह्म ग्रन्थि से जीव बँधा पड़ा है। इन तीनों को खोलने की जिम्मेदारी का नाम ही पितृ ऋण, ऋषि ऋण, देव- ऋण है । तम को प्रकृति, रज को जीव, सत् को आत्मा कहते हैं।
अगर आपके पास गांव में 2-4 बीघा जमीन भी है तो कभी उसे भूलकर भी मत बेचना आपकी नौकरी या सर्विस सेक्टर कितना भी अच्छा क्यों ना हो कब ध्वस्त हो जाएगा पता नही चलेगा जिस स्पीड से टेक्नोलॉजी चेंज हो रही है Food Sector को छोड़कर किसी का भी कोई भरोसा नही
हर 15 दिन में कोई नही इनोवेशन होती है और वो हमेशा पुरानी को रिप्लेस करने ही आती है और साथ-साथ पुरानी टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए जो लोग होते है वो या तो बेरोजगार होते है या फिर नही लाइन पकड़ने के लिए भटकते रहते है
आप सिर्फ 10-15 साल का इंतजार करो
क्योंकि जिस हिसाब से जनसंख्या बढ़ रही है उससे खाद्यान्न की डिमांड ओर बढ़ेगी और उसकी सप्लाई कम होगी एक दिन ऐसा समय आएगा जब खूब पैसा देने के बाद भी अनाज नहीं मिलेगा तब सबको किसान नजर आएगा क्योंकि जीना सबसे पहली जरूरत है इंसान की
हरफूल जाट जुलानी आला ,गऊओं का रखवाला ,
रांगड़ो को मौत के घाट उतार गायों को बचाने वाला
टोहाना हाथा तोड़कर कसाईयो को मौत के घाट उतार दिया ,नैन खाप ने हरफूल जाट को सवा शेर की उपाधी दी
छोटी सी उम्र में बाप का साया सिर से उठ गया ,
फ़ौज की नोकरी करके फ़ौज को छोड़ दिया
अंग्रेजो ने आज के दिन 1936 में फाँसी दी
गाय के नाम पर चंदा लेने वाले , गऊशाला के नाम पर
करे कमाई
गाय के नाम पर वोट लेने वाले गौ भगत हरफूल जाट के बलिदान दिवस को भी भूल गए
हरफूल जाट जुलानी जी की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन 💐💐 जय जाट जाट बलवान जय भगवान