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रामचरितमानस में श्रीराम प्रभुजी के गले मिलने का सौभाग्य श्री हनुमान जी को बहुत बार मिला , और हर बार श्री हनुमान जी अत्याधिक आनंद, सुख, और प्रभु प्रेम में लिन होकर प्रभु के चरणो मे
अपने मस्तिष्क को लगाये भावविभोर हो चले ।
किष्किन्धाकान्ड मे श्रीराम से पहला मिलन हो या सुन्दर कांड मे माता सीताजी की
चूड़ामणि प्रभु श्रीराम को देते समय , लेकिन लंका कांड मे जब श्री लक्ष्मण जी को मेघनाथ की शक्ति छाती मे लगी और वह मूर्च्छित हो गये तब श्रीहनुमान जी उनके लिए वैद्य की बताई औषधि का पहाड़ और सुषेण वैद्य को लेकर प्रभु के पास
आये। श्री लक्ष्मण जी के लिए अत्याधिक चिंतित प्रभु श्रीरामजी ने बेहद भावुक होकर श्री हनुमान जी से जो कहा , वह तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा मे लिखा है । " लाय सजीवन लखन जियाए, श्री रघुवीर हरषि उर लाए। रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।
इसलिए श्री हनुमान जी को भक्त शिरोमणि कहा जाता है ।
जय श्रीराम जय हनुमान।

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भक्ति भाव और भाषा के अप्रतिम
श्री राम भक्त शिरोमणि तुलसीदास जी को अपने आराध्य श्रीराम प्रभु के दर्शन हुए थे लोक-श्रुतियों के अनुसार ( उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश बांदा और सतना जिले की सीमा पर स्थित ) मंदाकिनी नदी के किनारे पर्वत और वनो से घिरे चित्रकूट मे प्रभु श्रीराम ने उन्हे दर्शन दिए थे। कहा जाता है कि एक प्रेत ने तुलसीदास जी को हनुमान जी से दर्शन के लिए मदद
लेने को कहा था। तुलसीदास जी ने हनुमान जी से बहुत प्रार्थना की तब श्रीहनुमान ने तुलसीदास जी को हा कहा। एक दिन तुलसीदास जी प्रदक्षिणा कर रहे थे तब उसे दो घोडों पर सवार,हाथ मे धनुष-बाण लिए श्रीरामजी और श्री लक्ष्मणजी के दर्शन हुए पर तुलसीदास जी यह प्रभु ही है ऐसा जान न सके। जब हनुमान जी ने प्रगट होकर भेद बताया तो वह बहुत दुखी हुए तब श्रीहनुमान ने तुलसीदास जी को बुधवार संवत 1607 मौनी अमावास्या के दिन फिर से प्रभु के दर्शन होंगे ऐसा कहा ,अमावास्या के दिन
प्रातःकाल तुलसीदास जी जब चंदन घिस रहे थे तब प्रभु श्रीराम जी और श्री लक्ष्मण जी ने तुलसीदास जी को दर्शन दिए और चंदन लगाने को कहा। श्री हनुमान जी ने सोचा कि शायद इस बार तुलसीदास जी भुल न कर बैठें इसलिए उन्होंने तोते के रूप मे आकर श्री तुलसीदास जी को कहा,
" चित्रकूट के घाट पर संतो की भीड़ है तुलसीदास जी चंदन घीस रहे है और तुलसीदास जी को खुद रघुवीर चंदन लगा रहे है । यह प्रसंग लोक श्रुति पर आधारित है
जय श्रीराम जय हनुमान

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3 سنوات - ترجم

पालीगंज विधानसभा के डीहपाली निवासी पूर्व सरपंच श्री नवलाख यादव जी की सुपौत्री एवं श्री रामलड्डू यादव जी की भतीजी के शादी समारोह में शामिल होकर शुभकामनाएं दी।।

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शुभ दोपहर,क्या हाल है?

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Rejuvenating India’s Cultural and Spiritual Heritage!

The untiring efforts of the BJP-led govt have led to the repatriation of our artefacts that reflect and epitomise the glory of our ancient civilisation.

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'स्वदेश एवं स्वधर्म' हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धा, राष्ट्र नायक, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

उनके त्यागमय जीवन के स्मरण मात्र से ही सभी भारत वंशियों का हृदय मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण के असीमित भाव से भर जाता है।

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महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी एवं प्रख्यात शिक्षाविद, प्रतिबद्ध समाज सुधारक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक गोपाल कृष्ण गोखले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

राष्ट्र और समाज की सेवा में अपने अतुल्य योगदानों के लिए वे सदैव याद किए जाएंगे।

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मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।
ज्येष्ठ माह के प्रथम 'बड़े मंगल' की सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं!
श्री हनुमान जी से सभी के समृद्ध, शांतिपूर्ण एवं आरोग्यमय जीवन की प्रार्थना है।

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