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परमार्थ निकेतन, Parmarth Niketanऋषिकेश में बागेश्वर पीठाधीश्वर श्रद्धेय पूज्य आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी बागेश्वर धाम सरकार का पावन आगमन सनातन चेतना और सेवा-भाव का दिव्य संगम बना। परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों द्वारा शंखध्वनि, वेदमंत्र एवं पुष्पवर्षा के साथ हुआ आत्मीय स्वागत वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर गया।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं आचार्य श्री के मध्य हुई दिव्य भेंटवार्ता में सनातन धर्म की जीवंतता, युवाओं को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने, राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना तथा सेवा को साधना बनाने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वेदमंत्रों के साथ माँ गंगा का पूजन श्रद्धा और साधना का अनुपम दृश्य बना।
इस अवसर पर श्रीराम लला प्रतिष्ठा–2026 की देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। आगामी सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का पावन निमंत्रण भी प्रदान किया गया, जिसे स्वामी जी ने सनातन संस्कृति की करुणा और सामाजिक संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बताया।
बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल एवं मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्वामी जी ने इसे बुन्देलखंड के लिए “सबसे बड़ा उपहार” बताते हुए कहा कि यह संस्थान भविष्य में लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बनेगा। आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य सेवा का यह संगम सच्चे राष्ट्रनिर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।
पूरा वातावरण “जय श्रीराम”, “हर हर गंगे” और “भारत माता की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
🚩 देश की सुरक्षा सर्वोपरि: भारत सरकार का ऐतिहासिक निर्णय! 🚩
भारत माता की जय! 🇮🇳
आज हर सच्चे भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। भारत सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रोहिंग्या घुसपैठियों को शरण न देने का फैसला केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के भविष्य, संसाधनों और शांति को सुरक्षित रखने की दिशा में एक साहसिक कदम है।
क्यों यह फैसला जरूरी है?
संसाधनों पर अधिकार: हमारे देश के संसाधनों पर पहला हक भारतीय नागरिकों का है।
आंतरिक सुरक्षा: बिना पहचान और सत्यापन के किसी भी समूह का देश में रहना सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
अखंडता का संकल्प: सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत अब "धर्मशाला" नहीं है जहाँ कोई भी बिना अनुमति प्रवेश कर सके।
अजीत डोभाल जी के नेतृत्व में हमारी सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात देश को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही हैं। अब समय आ गया है कि हम सब एक सुर में सरकार के इस फैसले का समर्थन करें। जो लोग देश के कानून का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत में कोई जगह नहीं है।
हमारा सवाल आपसे: क्या आप भारत सरकार के इस कड़े और जरूरी फैसले का समर्थन करते हैं? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में 'हाँ' या 'नहीं' लिखकर जरूर दें। इस पोस्ट को इतना शेयर करें कि पूरी दुनिया को पता चल जाए कि भारतीय अपनी सुरक्षा के प्रति कितने सजग हैं! 🗣️👇
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