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बालाघाट में नक्सल मोर्चे पर बड़ी जीत — ₹14 लाख इनामी महिला नक्सली ने किया सरेंडर! 💥
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से रविवार को आई खबर ने सुरक्षा एजेंसियों को राहत की सांस दी है —
₹14 लाख की इनामी महिला नक्सली सुनीता ने हॉक फोर्स के सामने आत्मसमर्पण कर दिया!
🔫 कौन है सुनीता?
सुनीता, प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) की सक्रिय सदस्य थी
और एनएमसी जोन के प्रभारी रामदेर की सशस्त्र गार्ड के रूप में काम कर रही थी।
वह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की पुलिस के रडार पर थी,
और तीनों राज्यों की संयुक्त सूची में ₹14 लाख की मोस्ट वॉन्टेड नक्सली घोषित थी। ⚠️
📍 कैसे हुआ सरेंडर?
1 नवंबर को सुनीता ने एमपी पुलिस की एंटी-नक्सल यूनिट हॉक फोर्स के
सहायक कमांडर रूपेंद्र धुर्वे के सामने हथियार डाल दिए।
वो अपने साथ INSAS राइफल लेकर चलती थी —
और 2022 से इस हिंसक आंदोलन से जुड़ी हुई थी।
अब सरकार ने भी साफ कर दिया है —
“सुनीता का आत्मसमर्पण माओवादी नेटवर्क पर बड़ा झटका है।
यह दिखाता है कि अब नक्सलवाद की पकड़ ढीली पड़ रही है।”
जो लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं,
उन्हें न सिर्फ सुरक्षा मिलेगी बल्कि पुनर्वास का मौका भी।
गोलियों से नहीं, अब बात होगी विकास की! 🇮🇳
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