30 w - Traduire

🇮🇳 Salute to Our Braveheart 🇮🇳
We bow our heads in deep respect to Naib Subedar Pragat Singh, who laid down his life in the line of duty in Anantnag, Jammu & Kashmir, protecting the nation he loved.
At just 31 years of age, serving with 19 Rashtriya Rifles, he embo****d courage, discipline, and selfless service. A proud son of Ramdas, Amritsar, he leaves behind his elderly parents, his wife, and two young children—along with a nation that will forever remember his sacrifice.
His bravery will live on in our hearts and in the soil of the motherland he defended till his last breath.
🕊️ Shaheed ko shat shat naman
🕯️ A hero never ****s

image
30 w - Traduire

जब एक पत्नी ढाल बन गई… और मौत हार गई
चंबल नदी…
नाम सुनते ही
ख़तरे की तस्वीर सामने आ जाती है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच बहने वाली
यह नदी
मगरमच्छों के लिए जानी जाती है।
यहाँ
हर दिन
मौत और ज़िंदगी आमने-सामने खड़ी होती हैं।
और इसी नदी में
एक ऐसा वाकया हुआ
जिसने सबको हैरान कर दिया…
मंगलवार दोपहर का वक्त था।
करौली जिले के
मंडरायल क्षेत्र के पास
कैम कच्छ गांव का घाट।
30 साल का बने सिंह मीणा
अपनी पत्नी विमल के साथ
बकरियाँ चराने आया था।
तेज़ गर्मी थी…
इसलिए बने सिंह
नदी में नहाने उतर गया।
पत्नी विमल
घाट पर खड़ी
बकरियाँ चरा रही थी।
सब कुछ सामान्य लग रहा था…
लेकिन तभी…
एक पल में
सब बदल गया 😨
पानी के अंदर से
एक विशालकाय मगरमच्छ
अचानक निकला
और बने सिंह पर हमला कर दिया।
चीख…
पानी में संघर्ष…
और मौत की पकड़।
घाट पर खड़ी विमल
यह सब देख रही थी।
उसके सामने
उसका पति
मगरमच्छ के जबड़ों में था।
उस पल
वो पत्नी नहीं थी…
वो शेरनी बन गई।
बिना एक सेकंड सोचे
विमल ने

image

image
30 w - Traduire

कैफे के बाहर जैसे ही मीडिया का पूरा फोकस
छोटी बहन डॉली पर गया,
उर्फी जावेद के चेहरे के एक्सप्रेशन्स
खुद ही कहानी कहने लगे।
पहले उर्फी ने हल्की सी आंखें घुमाईं,
फिर होंठ दबाकर नकली स्माइल दी,
और कैमरों की तरफ़ देखे बिना
सीधे आगे बढ़ गईं।
कुछ सेकंड के लिए उनका चेहरा ऐसा था
जैसे वो कह रही हों—
“अरे… आज लाइमलाइट मेरी नहीं?”
बस यही पल कैमरे में कैद हो गया
और सोशल मीडिया पर लोग बोले—
“आज पहली बार उर्फी को जलते देखा!” 😏🔥

image
30 w - Traduire

12 साल तक दिल में एक ही दुआ संजोए रखने के बाद आखिरकार एक परिवार के घर खुशियों ने दस्तक दी। जैसे ही नन्ही किलकारी गूंजी, पिता की आंखें नम हो गईं और घर का माहौल भावुक हो उठा।
इस कहानी की खास बात यह है कि बच्ची के पिता कोई बड़े कारोबारी नहीं, बल्कि एक साधारण सेल्समैन हैं। इसके बावजूद बेटी के जन्म की खुशी में उन्होंने अपनी आर्थिक हैसियत नहीं, बल्कि अपनी आस्था और प्रेम को सामने रखते हुए भगवान को ₹1,05,000 का चढ़ावा चढ़ाया।
परिवार का कहना है कि यह चढ़ावा पैसों से ज़्यादा 12 साल की तपस्या, सब्र और अटूट विश्वास का प्रतीक है। लंबे इंतज़ार के बाद जन्मी इस बच्ची ने परिवार के सूने आंगन को खुशियों से भर दिया।
बेटी का नाम भी उसी भावना को दर्शाता है—उसे “खुशी” नाम दिया गया है, ताकि हर बार उसका नाम पुकारते ही संघर्ष, दुआ और उम्मीदों की पूरी कहानी याद रहे।
कहते हैं, जब खुशियां देर से आती हैं, तो उनका एहसास और उनकी क़ीमत दोनों ही शब्दों से कहीं ज़्यादा गहरे होते हैं। 🙏

image

image
30 w - Traduire

2024 में भारत ने एक ऐसा पल देखा, जिसने देसी हुनर पर भरोसा और मजबूत कर दिया। BSF द्वारा प्रशिक्षित भारतीय नस्ल के कुत्ते रिया ने राष्ट्रीय पुलिस प्रतियोगिता में बेस्ट ट्रैकर डॉग का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। खास बात यह रही कि इस मुकाबले में आमतौर पर विदेशी नस्लों का दबदबा रहता है, लेकिन रिया ने सबको पीछे छोड़ दिया।
रिया की जीत ने यह साबित कर दिया कि सही ट्रेनिंग और मार्गदर्शन मिले तो देसी कुत्ते भी किसी से कम नहीं होते। उनकी सूंघने की क्षमता, फोकस और अनुशासन ने जजों को प्रभावित किया। यह सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय नस्लों और सुरक्षा बलों की मेहनत की पहचान है।
इस उपलब्धि ने देशभर में देसी कुत्तों को लेकर नजरिया बदलने का काम किया। रिया आज एक प्रेरणा बन चुकी है और यह दिखाती है कि प्रतिभा नस्ल की मोहताज नहीं होती, बल्कि प्रशिक्षण और समर्पण से निखरती है।
#riyathetracker #bsf #indiandogs #desipride #policedogs #dogheroes #makeinindia #indianpride

image
30 w - Traduire

नुसरत भरूचा ने शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में अपन जीवन के हर छोटे-बड़े पहलुओं पर बात की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जय हिंद कॉलेज से BMM यानी बैचलर ऑफ मास मीडिया का कोर्स किया है। यहीं पर उन्होंने खुद के दम पर पैसा कमाने के बारे में सोचा था। उनको जैसा भी काम मिलता था, वह करती थीं। उन्होंने एड्स के ऑडिशन भी दिए थे और इसी दौरान काम करते करते उन्हें 'जय मां संतोषी' पहली फिल्म मिली थी, जिससे उन्होंने डेब्यू किया था।
नुसरत भरूचा ने बताया कि उन्हें न्यूमरोलॉजी में बहुत यकीन है। 2020 में उन्होंने अपने नाम में बदलाव किया था और अब तक उन्होंने 9 फिल्में कर लीं। जिस बारे में उनको खुद पर यकन नहीं होता कि ये कैसा किया। जब पूछा गया कि वह एक मुस्लिम परिवार से हैं तौ ऐसे में उन्हें न्यूमरोलॉजी को लेकर घर पर किसी ने कुछ कहा नहीं। इस पर एक्ट्रेस ने बताया कि वह बचपन से ही कई मंदिर गई हैं। कई गुरुद्वारे गई हैं। कई सारे चर्च गई हैं। उन्हें नहीं पता कि उन्होंने नोवेना (Novena) न जाने कितने रखे हैं।

image
30 w - Traduire

हरियाणा के अंबाला छावनी में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के बीच अंडरपास बनाया जाएगा. यह जीटी रोड के नीचे से होकर रेलवे स्टेशन पार्किंग तक जाएगा. इसकी लंबाई लगभग 60 मीटर होगी. अंडरपास में लाइट और वॉटर डिस्पोजल पंप होंगे. इससे यातायात जाम कम होगा. लोग जीटी रोड क्रॉस किए बिना स्टेशन और बस स्टैंड जा सकेंगे.

image
30 w - Traduire

A 5.1-magnitude earthquake struck Morigaon district in Assam at 4:17 am on Monday, with its epicenter at latitude 26.37 North and longitude 92.29 East, 50 km deep. The tremor was felt across central Assam, causing panic among residents, though no casualties or property damage have been reported yet. As per reports, the concerned authorities are constantly monitoring the situation.

image