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गजब !!!!
15000 लड़कियों ने एक ही दुकान से राखी खरीदी थी, या तान सर खुद 15000 राखी खरीदवा के मंगाई थी 🤔
मीडिया में न्यूज़ में ख़बर चल रही दो दिनों से कि खान सर को 15 हजार से भी ज्यादा लड़कियों ने राखी बांधी।
अगर मान लिया जाए कि एक राखी 10 सेकंड में बांधी गई तो।
10 सेंकेड X 15000 राखियां =150000सेंकेंड
150000सेंकेड ÷ 60 मिनट =2500मिनट
2500मिनट ÷ 60मिनट =41.66 घंटे
तकरीबन 42 घंटे
यानी महोदय को 42 घंटे राखी बांधी गई।
गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स वालों को इसपर ध्यान देना चाहिए।
बाकी आप लोगों के पास यह सब सोचने समझने गुणा गणित करने का समय है नहीं बाकी प्रेम सौहार्द अमन शांति गंगा जमुनी तहज़ीब भाईचारे की लहर में गोता लगाइए।
आप सबका मानसिक स्तर यंहा तक पहुंच नहीं पाएगा ना सोच पाएगा इसीलिए तो आप महान हो।

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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सियाथी गांव में एक पालतू कुत्ते की समझदारी और सतर्कता ने 63 लोगों की जान बचा ली। 29 जून की रात को करीब 1 बजे जब क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी, ललित कुमार अपने घर में सो रहे थे। उनका डॉग रॉकी भी घर के नीचे वाले हिस्से में था।
अचानक रॉकी ज़ोर-ज़ोर से भौंकने और रोने लगा, जैसे किसी खतरे का संकेत दे रहा हो।ललित ने बताया, "मैं उसकी अजीब आवाज़ से जागा। जब नीचे गया तो देखा कि दीवार में बड़ी दरार पड़ गई है और पानी तेजी से अंदर आ रहा है।"
इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए ललित ने तुरंत अपने कुत्ते को उठाया और परिवार के बाकी लोगों को जगाया। फिर वह घर-घर जाकर पड़ोसियों को भी सतर्क करने लगे। ऊंचाई पर बने अपने घर से उन्हें दिख रहा था कि किस तरह मलबा और पानी पूरे गाँव की तरफ बढ़ रहा है।
लालित की सतर्कता और रॉकी की समय पर चेतावनी से गाँव की सभी 22 परिवार जाग गए और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुँच पाए। लोगों को अपने घर और सामान छोड़ने पड़े, लेकिन इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
स्थानीय लोग रॉकी की बहादुरी और लालित की तत्परता की खूब तारीफ कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर रॉकी समय रहते नहीं चेताता, तो यह हादसा बड़ा जानलेवा हो सकता था। अब रॉकी को गांव में एक ‘हीरो’ का दर्जा मिल गया है, और सभी उसे प्यार से 'जांबाज़ रॉकी' कहकर पुकार रहे हैं।

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इतिहास का सबसे दिलचस्प नजारा...दो मिनट की ये पोस्ट आश्चर्यचकित कर देगी..अंत तक जरुर पढ़े🧵

1. 2007 की एक बैठक में, व्लादिमीर पुतिन अपने कुत्ते को जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के सामने ले आए, जिन्हें कुत्तों से डर लगता है।

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संकट कटे मिटे सब पीरा
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा ❤️
जय श्री राम, जय हनुमान, जै श्री राम, है हनुमान,
जय श्री राम ,जय हनुमान,
#balaji #हनुमानजी #jaisiyaram #cumminspower #teamspirit #communitysupport #bmw

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लिज्जत पापड़ की स्थापना 1959 में मुंबई के गिरगांव में सात महिलाओं द्वारा की गई थी। इनमें प्रमुख नाम जसवंतीबेन जमनादास पोपट का है, जिन्होंने अपनी छह सहेलियों—पार्वतीबेन रामदास ठोडानी, उमजबेन नरनदास कुंडालिया, भानूबेन एन. टण्णा, लागूबेन अमृतलाल गोकणी, जयाबेन वी. विठलानी, और दिवालीबेन लुक्का—के साथ मिलकर इस सहकारी संस्था की नींव रखी। ​शुरुआत में, इन महिलाओं ने समाजसेवी छगनलाल करमशी पारेख से 80 रुपये उधार लेकर अपने घर के आंगन में पापड़ बनाना शुरू किया। पहले दिन उन्होंने चार पैकेट पापड़ बनाए और स्थानीय दुकानदार को बेचे। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई, और लिज्जत पापड़ एक विश्वसनीय ब्रांड बन गया।

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आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी ने वर्तमान पीढ़ी को अपने इतिहास के साथ जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2021 से 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' प्रारंभ किया है।
14 अगस्त, 1947 के दिन हुए भारत के विभाजन, विस्थापन एवं विभीषिका का दंश झेलने वाले बलिदानी नागरिकों की स्मृति में आज लखनऊ में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उनके त्याग व समर्पण को नमन किया।
विभाजन विभीषिका के शिकार हुए लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि!
#partitionhorrorsremembranceday

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आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी ने वर्तमान पीढ़ी को अपने इतिहास के साथ जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2021 से 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' प्रारंभ किया है।
14 अगस्त, 1947 के दिन हुए भारत के विभाजन, विस्थापन एवं विभीषिका का दंश झेलने वाले बलिदानी नागरिकों की स्मृति में आज लखनऊ में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उनके त्याग व समर्पण को नमन किया।
विभाजन विभीषिका के शिकार हुए लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि!
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आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी ने वर्तमान पीढ़ी को अपने इतिहास के साथ जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2021 से 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' प्रारंभ किया है।
14 अगस्त, 1947 के दिन हुए भारत के विभाजन, विस्थापन एवं विभीषिका का दंश झेलने वाले बलिदानी नागरिकों की स्मृति में आज लखनऊ में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उनके त्याग व समर्पण को नमन किया।
विभाजन विभीषिका के शिकार हुए लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि!
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