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ट्रेन स्पीड ले रही थी, सीने से चिपकाए बेटे संग यात्री चढ़ने लगा, अचानक पैर फिसला और सभी की सांसें थम गईं
प्रयाग रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी अनहोनी और फिर जांबाजी की मिसाल का गवाह बना। रविवार को स्टेशन से जैसे ही गाड़ी संख्या 15018 काशी एक्सप्रेस ने अपनी गति बढ़ानी शुरू की, एक यात्री अपने छोटे बच्चे को सीने से लगाए चलती ट्रेन में चढ़ने के लिए लपका। इसी अफरा-तफरी में यात्री का पैर अचानक पायदान से फिसल गया और वह बच्चे सहित ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच बने गहरे अंतराल में समाने लगा। वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। हालांकि ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया।
यात्रियों के सहयोग से टला बड़ा हादसा
घटनास्थल पर मौजूद प्रभारी निरीक्षक आलोक मौर्या के नेतृत्व में महिला प्रधान कांस्टेबल नीतू सिंह, कांस्टेबल इंद्रजीत और कांस्टेबल नवीन ने बिना एक क्षण गंवाए अपनी जान जोखिम में डालते हुए यात्रियों के सहयोग से रेलवे ट्रैक पर गिर रहे पिता-पुत्र को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह पूरी घटना स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसके विजुअल्स रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। गनीमत रही कि आरपीएफ की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से दोनों सुरक्षित रहे और बाद में उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
आम जनता से अपील कि सफर में जल्दबाजी न करें
आरपीएफ की इस कर्तव्यनिष्ठा और साहस की उत्तर रेलवे के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने भी मुक्त कंठ से सराहना की है। उन्होंने टीम के समन्वय और सूझबूझ को अनुकरणीय बताया। वहीं, रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता से यह पुरजोर अपील की है कि वे सफर के दौरान जल्दबाजी न करें। अधिकारियों ने साफ कहा कि चलती ट्रेन पर चढ़ने या उतरने का प्रयास जानलेवा हो सकता है, इसलिए समय से स्टेशन पहुंचें और बच्चों के साथ सफर करते समय विशेष सावधानी बरतें।
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