#aamirkhan celebrated his 60th birthday with a special meet and greet session with fans and the media. The actor, known for his humble nature, cut a cake and shared anecdotes from his life. He also introduced his girlfriend, #gaurispratt, #aamirkhan
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#aamirkhan celebrated his 60th birthday with a special meet and greet session with fans and the media. The actor, known for his humble nature, cut a cake and shared anecdotes from his life. He also introduced his girlfriend, #gaurispratt, #aamirkhan
'मालिका' में 600 वर्ष पूर्व ही कर दिया गया था कल्किजन्म का एक और संकेत, सन् 2004 में हुआ घटित
👉 सेदिन बिरोजा आस्थान छाड़िब भीम सिंहनाद हेब गर्भस्थित शिशु भूमिरे पड़िबे भुबनेश्वरकु यिब ।
तहिँ तिनिरड़ि निठाइ मारिबे शारळा छाड़िबे गादि सिंह दरजारे अन्न लुगापाट लागिब भक्त आदि ।
👉 गुपत गङ्गारु भक्त बाहारिबे सिद्धि खण्डगिरि यहिँ सिद्ध साधुगण पतिङ्कि चाळिबे जय़ दारुब्रह्म कहि ।
बिराट नगरे प्रबेश होइबे बळराम सङ्गे यिबे कळकारखाना शून्य़ भाङ्गियिब गुप्ते केहि न जाणिबे ।
- शिवकल्प नवघण्ट निर्घण्ट
महापुरुष अच्युतानंद दास ने अपने ग्रंथ में लिखा कि कलियुग-अंत में जब ओडिशा स्थित जाजपुर के बिरजा मंदिर में मां 'बिरजा' के नाम से प्रतिष्ठित माता योगमाया की प्रतिमा अपना स्थान छोड़ेंगी तो उसी समय समस्त देवी-देवता कल्कि के धरावतरण तथा धर्मसंस्थापना की सूचना का सिंहनाद कर उठेंगे। यह घटना सन् 2004 में हुई। महापुरुष ने बताया कि इसी के बाद अपनी माता के गर्भ से मानव-शिशु रूप में भगवान कल्कि का जन्म होगा और बाल्यावस्था में ही वे भुवनेश्वर जाकर वहां निवास करेंगे।
कल्कि भगवान आ चुके है | प्राकट्य का समय नज़दीक है 🙏 तर्कि और ज्ञानी नहीं स्वीकारेंगे , सिर्फ भक्त ही स्वीकार पायेंगे! #kalkiavtararrived #kalkiavtararrived
👉 तोके कहुथिबे जनम हेलेणी, दर्शन करिछी मुंही |
तोके कहुथिबे जनम हेबे प्रभु, ठारगार बुझ तुही
👉 बुद्धि विवेक कु प्रभु हरी लेबे | बणा हेबे सुज्ञ जन |
आपणा हस्त रे स्कन्द छिडाइबे , मिलिबे देवी भवन
अर्थ - भगवान के भक्त बार बार संसार के लोगो को चेताएंगे और कहेंगे की प्रभु का जन्म हो चूका है | वो ये भी बताएँगे की उन्होंने अपने चर्मचक्षुओ से प्रभु के दर्शन प्राप्त किए और प्रभु का पता भी बताएँगे |
लेकिन प्रभु लोगो की बुद्धि और विवेक हर लेंगे और ज्ञानी लोग भी ये बात नहीं मान के तरह तरह के तर्क वितर्क करके भक्तो का उपहास करेंगे | इस तरह वो अपने ही हाथो से खुद को कुल्हाड़ी मारेंगे और अंत में देवी माता के खप्पर में पड़ेंगे |