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Hello from kynrem falls, Sohra

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हिंसा के महासागर में उनका हृदय अहिंसक हैं। युद्ध के ज्वालामुखी में उनका मन साक्षी भाव है।
यह गीता उपदेशक लिये कहा गया अमृतवचन है।
हिंसा का अर्थ प्रतिशोध, घृणा ही नहीं है। हिंसा उस समय धर्म है जब अस्तित्व का प्रश्न हो। क्योंकि धर्म और जीवन मूल्य आधार में ही विकसित होंगे। हवा में किसी पुष्प का परागकण अंकुरित नहीं हो सकता क्यों न उसकी महक वातावरण को सुशोभित करती हो। उसको भी भूमि का आधार चाहिये।
रावण के रहते राम की मर्यादा स्थापित नहीं हो सकती है। हिंसा उस समय धर्म है, जब राम विजयी होते हैं।
यदि भारत हिंसा को एक सिरे से नकार देता तो उसका अस्तित्व मिट गया होता । झेलम के तट से गंगा यमुना के दोआब तक और गोदावरी के विस्तार तक भारतीयों ने हजारों युद्ध लड़े हैं। संसार के सभी आक्रांताओं को हमनें चुनौती दी है।
भारत लड़ता रहा, लड़ रहा है, लड़ता रहेगा। उसे शांति और हिंसा दोनों स्वीकार्य है। शांति आवश्यकता है, हिंसा विवशता है। दोनों ही व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र के जीवन का अंग हैं।।

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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य पद के उप-चुनाव हेतु आज नामांकन करने वाले BJP Uttar Pradesh के सम्मानित प्रत्याशी श्री बहोरन लाल मौर्य जी को हार्दिक बधाई!

आपकी विजय हेतु अनंत मंगलकामनाएं!

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'परमवीर चक्र' से अलंकृत, अद्भुत पराक्रमी, कारगिल विजय के नायक, कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

माँ भारती के स्वाभिमान की रक्षा हेतु आपका सर्वोच्च बलिदान युगों-युगों तक हम सभी में 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना को सशक्त करता रहेगा।

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हमारी कहानी हमें ही पता है
बर्बाद जवानी हमें ही पता है
सबको लगता है कि जिंदा हूं
कैसे है जिंदा हमें ही पता है
Mission UPSC ❤️✌️

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Mizoram continues to repose faith in the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi.

Thanks and Congratulations!

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अनुच्छेद 370 हटने के बाद
जम्मू-कश्मीर में आया सुशासन का नया दौर...

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साथी हो गर तुम सा.,
तो मंज़िल की तमन्ना क्या....!!#

~®~

हमको सफर हैं प्यारा.,
मंज़िल को "खुदा हाफिज"......!

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क्या होता अगर मै रुक जाती?
अगर कोई मेरी काबिलियत पे शक करता है
तो मैं क्या यूहीं झुक जाती?
अगर एहसास नहीं होता मुझे अपनी खूबियों का तो क्या कभी आगे बढ़ भी पाती?
चलो माना की तारीफों से हौसला बढ़ता है
पर अगर कोई साथ नहीं दे
तो क्या कोई अकेले अपने लिए लड़ता है?
ये सावल सिर्फ मेरा ही नहीं सबका होना चाहिए खुद से यहां तारीफ़ करने वाले तो लाखो ही मिल जाएंगे पर तलाश करो तो उसकी जो आपकी बुरिए भी बताएं सिर्फ दिखावा ही नहीं
बल्कि सच को जताए
लोग तो यह आईना बनके तुम्हारी खुबसूती दिखाएंगे पर कभी खुद से पूछना की अगर वहीं कांच टूटकर तुम्हारे पैरों में चुभा
तो क्या वो तुम्हें बचाएंगे
Madam ji की कलम से ✍️

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