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बाबा बैद्यनाथ मंदिर विश्व का एकमात्र शिवालय है जहां पर शिव और शक्ति एक साथ विराजमान हैं. यही कारण है कि इसे शक्ति पीठ और हृदय पीठ भी कहते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस नगरी में आने से शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद मिलता है. पुरोहित बताते हैं कि यहां पहले शक्ति स्थापित हुई उसके बाद शिवलिंग की स्थापना हुई है.

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बाबा बैद्यनाथ मंदिर विश्व का एकमात्र शिवालय है जहां पर शिव और शक्ति एक साथ विराजमान हैं. यही कारण है कि इसे शक्ति पीठ और हृदय पीठ भी कहते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस नगरी में आने से शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद मिलता है. पुरोहित बताते हैं कि यहां पहले शक्ति स्थापित हुई उसके बाद शिवलिंग की स्थापना हुई है.

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बाबा बैद्यनाथ मंदिर विश्व का एकमात्र शिवालय है जहां पर शिव और शक्ति एक साथ विराजमान हैं. यही कारण है कि इसे शक्ति पीठ और हृदय पीठ भी कहते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस नगरी में आने से शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद मिलता है. पुरोहित बताते हैं कि यहां पहले शक्ति स्थापित हुई उसके बाद शिवलिंग की स्थापना हुई है.

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