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ये इंदौर हैं साहब ...झोंपड़ी में रहता था एक शहीद का परिवार।
युवाओं ने 11 लाख इकट्ठा कर बना दिया सुंदर आवास... और 15 अगस्त को शहीद की पत्नी को गिफ्ट भी कर दिया।
इंदौर शहर के आसपास (बेटमा) के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं ने वो मिसाल पेश की है।
जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
भारत सरकार ऐसे शहीदों के परिवार पर ध्यान दे। सीमा सुरक्षा बल के एक जवान 27 वर्ष पहले शहीद हो गए थे, परिवार झोंपड़ी मे गुजारा कर रहा था।जब युवाओ को पता चला तो उन्होने एक अभियान शुरू किया और देखते ही देखते 11लाख रुपए जमा कर लिए और बंगला तैयार हो गया, शहीद की पत्नी से राखी बंधवाकर स्वतंत्रता दिवस पर चाबी उन्हे सौंप दी गई। 🥳🇮🇳
ऐसा 2019 में हुआ था।
ये इंदौर हैं साहब ...झोंपड़ी में रहता था एक शहीद का परिवार।
युवाओं ने 11 लाख इकट्ठा कर बना दिया सुंदर आवास... और 15 अगस्त को शहीद की पत्नी को गिफ्ट भी कर दिया।
इंदौर शहर के आसपास (बेटमा) के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं ने वो मिसाल पेश की है।
जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
भारत सरकार ऐसे शहीदों के परिवार पर ध्यान दे। सीमा सुरक्षा बल के एक जवान 27 वर्ष पहले शहीद हो गए थे, परिवार झोंपड़ी मे गुजारा कर रहा था।जब युवाओ को पता चला तो उन्होने एक अभियान शुरू किया और देखते ही देखते 11लाख रुपए जमा कर लिए और बंगला तैयार हो गया, शहीद की पत्नी से राखी बंधवाकर स्वतंत्रता दिवस पर चाबी उन्हे सौंप दी गई। 🥳🇮🇳
ऐसा 2019 में हुआ था।
ये इंदौर हैं साहब ...झोंपड़ी में रहता था एक शहीद का परिवार।
युवाओं ने 11 लाख इकट्ठा कर बना दिया सुंदर आवास... और 15 अगस्त को शहीद की पत्नी को गिफ्ट भी कर दिया।
इंदौर शहर के आसपास (बेटमा) के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं ने वो मिसाल पेश की है।
जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
भारत सरकार ऐसे शहीदों के परिवार पर ध्यान दे। सीमा सुरक्षा बल के एक जवान 27 वर्ष पहले शहीद हो गए थे, परिवार झोंपड़ी मे गुजारा कर रहा था।जब युवाओ को पता चला तो उन्होने एक अभियान शुरू किया और देखते ही देखते 11लाख रुपए जमा कर लिए और बंगला तैयार हो गया, शहीद की पत्नी से राखी बंधवाकर स्वतंत्रता दिवस पर चाबी उन्हे सौंप दी गई। 🥳🇮🇳
ऐसा 2019 में हुआ था।
