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पान सिंह तोमर (1932 - 1 अक्टूबर, 1982) एक भारतीय सैनिक, एथलीट, और बागी (विद्रोही) थे। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा की, जहाँ दौड़ने की उनकी प्रतिभा का पता चला वह 1950 और 1960 के दशक में सात बार के राष्ट्रीय स्टीपलचेज़ में चैम्पियन थे और 1952 के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
पान सिंह तोमर (1932 - 1 अक्टूबर, 1982) एक भारतीय सैनिक, एथलीट, और बागी (विद्रोही) थे। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा की, जहाँ दौड़ने की उनकी प्रतिभा का पता चला वह 1950 और 1960 के दशक में सात बार के राष्ट्रीय स्टीपलचेज़ में चैम्पियन थे और 1952 के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
पान सिंह तोमर (1932 - 1 अक्टूबर, 1982) एक भारतीय सैनिक, एथलीट, और बागी (विद्रोही) थे। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा की, जहाँ दौड़ने की उनकी प्रतिभा का पता चला वह 1950 और 1960 के दशक में सात बार के राष्ट्रीय स्टीपलचेज़ में चैम्पियन थे और 1952 के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

रानी लक्ष्मी बाई का असली नाम मणिकर्णिका था, बचपन में उन्हें प्यार से मनु कह कर बुलाते थे। उनका जन्म वाराणसी में 19 नवंबर 1828 मराठी परिवार में हुआ था। वह देशभक्ति ,बहादुरी, सम्मान का प्रतीक है। इनके पिता मोरोपंत तांबे मराठा बाजीराव की सेवा में थे और उनकी माता एक विद्वान महिला थी।
बन्दा सिंह बहादुर एक महान सेनापति और बहादुर योद्वा और दूरदर्शी नेता थे। इनका जन्म आज के कश्मीर के पुंछ जिले के राजौरी में 27 अक्टूबर 1670 ई को हुआ था। बचपन में बंदा सिंह का नाम उनके माता पिता के द्वारा वीर लक्ष्मण देव रखा गया था. बन्दा सिंह बहादुर एक हिन्दू राजपूत परिवार में पैदा हुये थे।
नानक साहिब का जन्म 15 अप्रैल 1469 को पंजाब के तलवंडी में हुआ था, जो कि अब पाकिस्तान में हैं. इस जगह को ननकाना साहिब के नाम से भी जाना जाता है. गुरु नानक देव जी का जन्म ऐसे समय में हुआ था जब लोग अंधविश्वास और आडंबरों को ज्यादा मानते थे. बचपन से ही गुरु नानक जी का मन बचपन आध्यात्मिक चीजों की तरफ ज्यादा था.
गुरु गोबिन्द सिंह (जन्म: पौषशुक्ल सप्तमी संवत् 1723 विक्रमी तदनुसार 22 दिसम्बर 1666- 7 अक्टूबर 1708 ) सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। श्री गुरू तेग बहादुर जी के बलिदान के उपरान्त 11 नवम्बर सन 1675 को 10 वें गुरू बने। आप एक महान योद्धा, चिन्तक, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक नेता थे।
तुलसीदास (1532-1623) एक महान भारतीय कवि और दार्शनिक थे। तुलसीदास जी 'रामचरितमानस' के रचयिता हैं, जो अब तक के लिखे गए सबसे महान महाकाव्यों में से एक है। तुलसीदास जी का पूरा नाम गोस्वामी तुलसीदास था और उनका जन्म 1532 ईसवी में राजापुर जिला बांदा, उत्तर प्रदेश, भारत में मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में हुआ था