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बिखरा सामान, दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर और जगह-जगह पेंसिल से बने स्केच। फिर उस पर बना क्राॅस का निशान। साथ में लिखा है, “ 'I am very alone। Make me a heart of broken यानी मैं बहुत अकेली हूं। मेरा दिल टूट गया है।”

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी का यह वह कमरा है, जहां से कूदकर 3 नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सुसाइड कर लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ऑनलाइन गेम 'कोरियन लव गेम' में इतना डूब चुकी थीं कि वह उससे बाहर नहीं निकल पाई।

इस कमरे की दीवारों में जगह-जगह पेंसिल से स्केच बने हुए थे। कहीं स्लोगन लिखे थे तो कहीं कुछ तस्वीरें। ज्यादातर चीजों को लिखने के बाद उन पर क्रॉस के निशान बने हुए थे। यानी, उन्हें काट दिया गया था। फर्श पर फैमिली फोटो को चिपका रखा था।

पिता चेतन ने बताया कि बेटियां अक्सर कहती थीं कि हम लोगों को कोरिया जाना है। गेम में कुल 50 टास्क थे। कल गेम का आखिरी टास्क था, जिसे पूरा करने के बच्चियों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। तीन में से बीच वाली बेटी गेम में “डेथ कमांडर” की भूमिका निभाती थी।

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बिखरा सामान, दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर और जगह-जगह पेंसिल से बने स्केच। फिर उस पर बना क्राॅस का निशान। साथ में लिखा है, “ 'I am very alone। Make me a heart of broken यानी मैं बहुत अकेली हूं। मेरा दिल टूट गया है।”

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी का यह वह कमरा है, जहां से कूदकर 3 नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सुसाइड कर लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ऑनलाइन गेम 'कोरियन लव गेम' में इतना डूब चुकी थीं कि वह उससे बाहर नहीं निकल पाई।

इस कमरे की दीवारों में जगह-जगह पेंसिल से स्केच बने हुए थे। कहीं स्लोगन लिखे थे तो कहीं कुछ तस्वीरें। ज्यादातर चीजों को लिखने के बाद उन पर क्रॉस के निशान बने हुए थे। यानी, उन्हें काट दिया गया था। फर्श पर फैमिली फोटो को चिपका रखा था।

पिता चेतन ने बताया कि बेटियां अक्सर कहती थीं कि हम लोगों को कोरिया जाना है। गेम में कुल 50 टास्क थे। कल गेम का आखिरी टास्क था, जिसे पूरा करने के बच्चियों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। तीन में से बीच वाली बेटी गेम में “डेथ कमांडर” की भूमिका निभाती थी।

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बिखरा सामान, दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर और जगह-जगह पेंसिल से बने स्केच। फिर उस पर बना क्राॅस का निशान। साथ में लिखा है, “ 'I am very alone। Make me a heart of broken यानी मैं बहुत अकेली हूं। मेरा दिल टूट गया है।”

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी का यह वह कमरा है, जहां से कूदकर 3 नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सुसाइड कर लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ऑनलाइन गेम 'कोरियन लव गेम' में इतना डूब चुकी थीं कि वह उससे बाहर नहीं निकल पाई।

इस कमरे की दीवारों में जगह-जगह पेंसिल से स्केच बने हुए थे। कहीं स्लोगन लिखे थे तो कहीं कुछ तस्वीरें। ज्यादातर चीजों को लिखने के बाद उन पर क्रॉस के निशान बने हुए थे। यानी, उन्हें काट दिया गया था। फर्श पर फैमिली फोटो को चिपका रखा था।

पिता चेतन ने बताया कि बेटियां अक्सर कहती थीं कि हम लोगों को कोरिया जाना है। गेम में कुल 50 टास्क थे। कल गेम का आखिरी टास्क था, जिसे पूरा करने के बच्चियों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। तीन में से बीच वाली बेटी गेम में “डेथ कमांडर” की भूमिका निभाती थी।

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मथुरा से बड़ी खबर!

कट्टरपंथी शिक्षक जान मोहम्मद की घिनौनी करतूत!

सरकारी स्कूल में हेडमास्टर जान मोहम्मद ने बच्चों से जबरन नमाज पढ़वाई।

इसे भारत से इतनी नफरत है कि राष्ट्रगान गाने पर बच्चों को डांटने लगता था।

छोटे छोटे बच्चों के अंदर इस्लाम का जहर बो रहा था और उनपर इस्लाम कबूलने का दबाव डालता था।

हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित बातें बच्चों से कहता था, इस्लाम मज़हब को सनातन, सिख से अच्छा बताता था।

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मथुरा से बड़ी खबर!

कट्टरपंथी शिक्षक जान मोहम्मद की घिनौनी करतूत!

सरकारी स्कूल में हेडमास्टर जान मोहम्मद ने बच्चों से जबरन नमाज पढ़वाई।

इसे भारत से इतनी नफरत है कि राष्ट्रगान गाने पर बच्चों को डांटने लगता था।

छोटे छोटे बच्चों के अंदर इस्लाम का जहर बो रहा था और उनपर इस्लाम कबूलने का दबाव डालता था।

हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित बातें बच्चों से कहता था, इस्लाम मज़हब को सनातन, सिख से अच्छा बताता था।

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कट्टरपंथी शिक्षक जान मोहम्मद की घिनौनी करतूत!

सरकारी स्कूल में हेडमास्टर जान मोहम्मद ने बच्चों से जबरन नमाज पढ़वाई।

इसे भारत से इतनी नफरत है कि राष्ट्रगान गाने पर बच्चों को डांटने लगता था।

छोटे छोटे बच्चों के अंदर इस्लाम का जहर बो रहा था और उनपर इस्लाम कबूलने का दबाव डालता था।

हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित बातें बच्चों से कहता था, इस्लाम मज़हब को सनातन, सिख से अच्छा बताता था।

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मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मधुमक्खियों के हमले के दौरान आंगनवाड़ी रसोइया कंचन बाई ने 20 बच्चों की जान बचाई

◆ बच्चों को सुरक्षित कमरे में पहुंचाते समय उन पर हजारों मधुमक्खियों ने हमला किया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गईं

◆ अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने कंचन बाई को मृत घोषित किया, गांव में शोक का माहौल है

#madhyapradesh | Humanity | Woman | #beeattack #kanchanbai

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