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राजा झुके, झुके मुगल-अंग्रेज, झुका गया गगन सारा
सारे जहां के शीश झुके - पर कभी ना झुका
* सूरजमल जाट हमारा *💪💪
150 किलो वजन अर 7 फुट 2 इंच की थी काया
अकेला था इतिहास में जिसका किला कोई भेद नी पाया
80 युद्ध लड़े जिंदगी में कदे हार के नी आया
*जिस समय दिल्ली मे मुगल शासन काल मे किसी भी राजा की बड़ने की हिम्मत ना थी ,
उस समय हमारे जाट महाराजा सूरजमल ने दिल्ली मे जा के मुगलो की खाल तारी थी *
मुगल फ़िरंगी न्यू बोला लडा जाट का वो छौरा
अजेय जाट योद्धा महाराजा सूरजमल जी अमर रहै👏
दा ग्रेट सम्राट महाराजा सूरजमल जाट के 260 वे
बलिदान दिवस पर कोटि कोटि नमन् 💐💐
जाटों का अडडा की राम राम सबनै- शेयर करते रहिए
स्वर्णिम है इतिहास हमारा क्योंकि हम है वीर जाट ✊
जाड़े की धूप, टमाटर का सूप ।
मूंगफली के दाने, छुट्टी के बहाने ||
तबीयत नरम, पकौड़े गरम ।
ठंडी हवा, मुँह से धुँआ ||
फटे हुए गाल, सर्दी से बेहाल |
तन पर पड़े, ऊनी कपड़े ||
दुबले भी लगते, मोटे तगड़े।
किटकिटाते दांत, ठिठुरते ये हाथ ||
जलता अलाव, हाथों का सिकाव।
गुदगुदा बिछौना, रजाई में सोना ||
सुबह का होना, सपनो में खोना ।
स्वागत है सर्दियों का आना ||