Descubrir MensajesExplore contenido cautivador y diversas perspectivas en nuestra página Descubrir. Descubra nuevas ideas y participe en conversaciones significativas
नादेड़ साहिब गुरूद्वारे की स्थापना सन् 1708 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा करवायी गयीं थी। यह स्थान श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के अद्वितीय जीवन की अंतिम सुनहरी यादों से जुडा है। यह स्थान सिक्खों के लिए उतना ही महत्व रखता है जितना कि हिन्दुओं के लिए काशी तथा कुरूक्षेत्र।
नादेड़ साहिब गुरूद्वारे की स्थापना सन् 1708 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा करवायी गयीं थी। यह स्थान श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के अद्वितीय जीवन की अंतिम सुनहरी यादों से जुडा है। यह स्थान सिक्खों के लिए उतना ही महत्व रखता है जितना कि हिन्दुओं के लिए काशी तथा कुरूक्षेत्र।
नादेड़ साहिब गुरूद्वारे की स्थापना सन् 1708 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा करवायी गयीं थी। यह स्थान श्री गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के अद्वितीय जीवन की अंतिम सुनहरी यादों से जुडा है। यह स्थान सिक्खों के लिए उतना ही महत्व रखता है जितना कि हिन्दुओं के लिए काशी तथा कुरूक्षेत्र।

'भारत' बनाम 'इंडिया' को लेकर इस वक्त पूरे देश में बहस हो रही है. कोई कह रहा है कि देश का नाम 'इंडिया' होना चाहिए, तो कोई 'भारत' नाम का समर्थन कर रहा है.
इस बहस से बॉलीवुड फिल्में भी अछूती नहीं रही, वैसे आपको कितनी फिल्मों के नाम पता हैं, जिनके टाइटल में आत है भारत या इंडिया?....कमेंट करके बताइए!
स्वराज भारत की किसी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी की प्रथम महिला प्रवक्ता बनीं। इनके अलावा भी ये भाजपा की प्रथम महिला मुख्य मंत्री, केन्द्रीय मन्त्री, महासचिव, प्रवक्ता, विपक्ष की नेता एवं विदेश मंत्री बनीं। ये भारतीय संसद की प्रथम एवं एकमात्र ऐसी महिला सदस्या हैं जिन्हें आउटस्टैण्डिंग पार्लिमैण्टेरियन सम्मान मिला है।
सई नदी के तट पर माँ बेल्हा देवी का भव्य मंदिर होने के कारण जिले को बेला अथवा बेल्हा के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर की स्थापना को लेकर पुराणों में कहा गया है कि राजा दक्ष द्वारा कराएजा रहे यज्ञ में सती बगैर बुलाए पहुंच गईं थीं। वहां शिव जी को न देखकरसती ने हवन कुंड में कूदकर जान दे दी।