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हमारे मन में एक प्रश्न आया है, आप सभी से बेहतर उत्तर की उम्मीद करते हैं।
आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का नाम स्वाभिमान का पर्याय बन चुका है। अनेक स्थानों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं, अनेक लोग उनका आदर करते हैं और उनका स्थान भारतवर्ष के महानतम शासकों में है।
लेकिन फिर भी एक विशेष वर्ग उनसे आज भी जलता है। लेकिन ये विशेष वर्ग भी रानी लक्ष्मीबाई को सम्मान देता है। फिर महाराणा प्रताप से नफरत क्यों ? सिर्फ इसलिए कि रानी लक्ष्मीबाई के शत्रु अंग्रेज थे और महाराणा प्रताप के शत्रु मुगल ?
क्या महाराणा प्रताप की लड़ाई स्वतंत्रता की लड़ाई नहीं थी ? जिस भूमि पर महाराणा प्रताप का शासन था, वह भूमि पिछले एक हज़ार वर्षों से उनके पुरखों की रही। उस भूमि पर कोई आक्रमण करता है, नरसंहार करता है, जिसकी वजह से उनके परिवार की स्त्रियों को जौहर करना पड़ता है, ऐसे बादशाह से अगर वो जीवन भर संघर्ष करते हैं, एक राजा होते हुए भी जंगलों में रहकर सभी जातियों को साथ लेकर छापामार संघर्ष करते हैं और अपनी मातृभूमि को 90 फीसदी तक मुगलों के चंगुल से आजाद करवाते हैं। उनका अपमान यदि कोई करता है तो निश्चित रूप से वह गद्दार कहा जाना चाहिए।
आप ही बताएं, उन लोगों की क्या मानसिकता रहती होगी जो ऐसे महान शासक का अपमान कर सकते हैं ?