3 yrs - Translate

More about in India की पोस्ट :

ये अंग्रेजी इंजीनियर वाला हावड़ा ब्रिज घूम के एक चीज समझ नही आया की 100 साल से इसका एक नट नहीं खुला है और हमरा बिहार वाला साल में दो बार टूट के गिर जाता है 😀

image
3 yrs - Translate

भारत का इतिहास स्वर्णिम ही नहीं है... अत्याचारों, दु:खों से भरा है।
1947 में भारत में औसत आयु मात्र 34 वर्ष थी। आज कोई भी इस पर विश्वास नही कर सकता है।
लेकिन इन सभी दर्दनाक घटनाओं में से सबसे बड़ी घटना चुननी हो तो क्या होगी?....
वह है नालंदा विश्वविद्यालय का बख्तियार खिलजी द्वारा जलाया जाना।
यही विश्वविद्यालय था जिससे व्हेनसांग 10 हजार प्रतिलिपि बनाकर लेकर गया था। इसी के साथ विक्रमशिला जला दी गई।
भारत का सारा ज्ञान, विज्ञान, धर्म, चिकित्सा, ज्योतिष नष्ट हो गई। कुछ शास्त्र छिपाकर नेपाल ले गये। दक्षिण में बचे रहे।
इस तरह अपने धर्म को बचाने के लिये भारतीय पीढ़ी दर पीढ़ी कथानक को ले जाते। रामायण, महाभारत ऐसे ही आगे बढ़ाया गया। कुछ समय पूर्व तक बच्चे अपने माता पिता से ही रामायण, महाभारत सुनते थे।
भक्तिकाल में कवियों ने लोकस्रुतियो, अपने भक्ति, तप से नये ग्रन्थ रचे... जो समाज के लिये बड़े उपयोगी रहे।
1923 में गीताप्रेस की स्थापना हुई थी। मैं उसके इतिहास पर नहीं जाता, वह कहीं भी मिल जायेगा।
गीताप्रेस ने पुस्तकों को ही प्रकाशित किया ऐसा नहीं है। नेपाल, दक्षिण भारत से पांडुलिपियो का खोजा। महाभारत की मूलप्रतियाँ चार पाँच स्थानों पर मिली। उनको क्रम से जोड़ना, फिर इसी तरह उपनिषद को पूरे देश में खोजकर क्रमबद्ध किया।
इन सभी ग्रंथों को प्रकाशित करके, जनमानस तक पहुँचाया।
गीताप्रेस न होता तो संभव था कि हम जानते ही नहीं कि हमारे पूर्वजों ने इतने महान ग्रँथ रचे थे।
गीता प्रेस की विश्वसनीयता इतनी अधिक है कि प्रकांड विद्वान भी कोड करता है कि यह गीताप्रेस से प्रकाशित पुस्तक है।
प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने हनुमान प्रसाद पोद्दार को भारत रत्न देने का प्रस्ताव गोविंदबलभ पंत से भेजा। लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया।
2014 में गीताप्रेस ने जो आँकड़े जारी किये थे —
54 करोड़ पुस्तकें प्रकाशित किया था।
12 करोड़ गीता,
11 करोड़ रामचरित मानस,
9 करोड़ रामायण, महाभारत,
2.5 करोड़ पुराण, उपनिषद
पत्रिका, चालीसा, कथानक आदि।
2.5 लाख प्रति प्रतिदिन प्रकाशित होती है।
ऐसा अप्रतिम उदाहरण मनुष्य के इतिहास में नहीं है।
गीताप्रेस हमारे लिये 'गीता' की भाँति ही आस्था है। तक्षशिला, नालंदा की भांति आदरणीय है।
उसके सामने कोई भी पुरस्कार महत्वहीन है।

image

image
Bailuna Hats changed her profile picture
3 yrs

image
3 yrs - Translate

एक पूरा राज्य हमारे देश का , जल🔥रहा है , लोग घर छोड़ कर भाग रहे है , मगर 'उन्हें' फिक्र नहीं
ये देशभक्ति नहीं है ❗

image

image
evrydy evrydy changed his profile picture
3 yrs

image

image

image

imageimage