6 d - перевести

बड़ा बनने के लिए ऊँची आवाज़ नहीं ऊँचे विचार होने चाहिए

image
6 d - перевести

बड़ा बनने के लिए ऊँची आवाज़ नहीं ऊँचे विचार होने चाहिए

image
6 d - перевести

अहंकार कितना भी बड़ा हो

image
6 d - перевести

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित
भारतीय खेलों की अगली पीढ़ी के विकास में योगदान देने को कहा
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले उन भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया जिन्होंने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपए, सिल्वर मेडल जीतने वालों को 20 लाख रुपए, जबकि ब्रॉन्ज जीतने वालों को 10 लाख रुपए का चेक सौंपा गया।

image
6 d - перевести

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित
भारतीय खेलों की अगली पीढ़ी के विकास में योगदान देने को कहा
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले उन भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया जिन्होंने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपए, सिल्वर मेडल जीतने वालों को 20 लाख रुपए, जबकि ब्रॉन्ज जीतने वालों को 10 लाख रुपए का चेक सौंपा गया।

image
6 d - перевести

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित
भारतीय खेलों की अगली पीढ़ी के विकास में योगदान देने को कहा
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले उन भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया जिन्होंने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपए, सिल्वर मेडल जीतने वालों को 20 लाख रुपए, जबकि ब्रॉन्ज जीतने वालों को 10 लाख रुपए का चेक सौंपा गया।

imageimage
6 d - перевести

जो इंसान आपके साथ बुरा बर्ताव करें

image
6 d - перевести

सम्मान लड झगड़कर या डराने धमकाने से नहीं मिलता

image

6 d - перевести

बच्चा चुराने के शक में महिला को तालिबानी सजा खंबे से बांधा।

लखीमपुर खीरी के पलिया में एक मानसिक रूप से पागल महिला गाँव में टहल रही थी। लोगों को लगा – ये भीख नहीं माँगने आई, बच्चे चुराने आई है। बिना कुछ पूछे-समझे बेरहमी से पीटा और खंभे से बाँध दिया।

बेचारी रोती-चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने सुनने की कोशिश तक नहीं की। जब पुलिस पहुँची तो सच्चाई सामने आई – वो सिर्फ मानसिक रूप से असंतुलित थी, इधर-उधर घूम रही थी। कोई चोरी नहीं, कोई अपराध नहीं।

जो खुद अपना हाल नहीं समझ पाती, उसके साथ ऐसा बर्ताव… शर्म आनी चाहिए।