إستكشف المشاركات

استكشف المحتوى الجذاب ووجهات النظر المتنوعة على صفحة Discover الخاصة بنا. اكتشف أفكارًا جديدة وشارك في محادثات هادفة

हरिद्वार: पुरुषों एवं महिलाओं के इन वस्त्रों पर लगा प्रतिबंध, मंदिर परिसर में ऐसे पहनावे में नहीं मिलेगा प्रवेश ।

image

यह रामयुग सीरियल जो मैक्स पर आ रहा हैं हिन्दू आस्थाओं को आहत करने के लिए व संस्कृति का मजाक बनाने के लिए ये सीरियल बनाया गया लगता हैं। इस सीरियल में ना तो श्रीराम के शरीर पर यज्ञोपवीत धारण हैं और ना ही सिर पर मुकुट हैं ना माथे पर तिलक । जब तक हम विरोध नहीं करेंगे तब तक इस सीरियल का बंद होना मुमकिन नहीं ।

image

image

image

image

जितने वाले कुछ अलग चीज़े नहीं करते !
बस वो चीज़ो को अलग तरीके से करते हैं !!

image
Upsilon Group غيرت صورتها الشخصية
3 سنوات

image

image

पुराने समय की मस्त यादें !
भागते तो बचपन मे भी थे,
भागते तो आज भी है..
भागते तो बचपन मे भी थे,
भागते तो आज भी है
बस मकसते बदल चुकी है,
जिंदगी तो वही है बचपन मे गिरे तो कोई संभालने वाले थे
आज खुद ही गिरे तो खुद को ही संभालना पडता है
बचपन मे न रोटी की चिंता थी न कुछ कमाने का डर
अब हर पल आज और कल की जदोहद में गुजरता है बचपन मे नन्नी सी कंदो पे बस बश्ते का बोझ होता था आज सब की उमीदों का बोझ लिए कंदे थक चुकी है बचपन मे दो-चार दोस्त मिलके खेलने का मजा कुछ और ही था अब जिंदगी की उलजनो मे सब दोस्त बिजी हो गए है
बचपन मे किसी की टांग खीचना बडा मजाक होता था
अब टांग खीचने पर लोग एक दूसरे को मरने मारने पे उतारू होते है
बचपन मे चेहरे पे एक नटखट मुस्कान और मासूमियत होती थी
आज जिंदगी की दलदल में चेहरे पर सिर्फ उदासी और मायूसी छाई हुई है
बचपन मे रूठे तो खाना खाने के लिए मम्मा आगे-पीछे दौड़ती थी
आज भूका हूँ दिनभर पर किसी को खबर ही नही है
बचपन मे एक भरोसा था कि कुछ भी करु तो पापा साथ खडे रहते है
आज हजारो साथ होते हुए भी दिल अकेला महसूस करता है बचपन मे भाई-बहन, अपने सब करीबी लगते थे आज सब हवा की तरह बिखरे बिखरे से लगते है
एक दौर उस वक़्त था जो खेलकूद में सांस लेने की फुरसत नही होती थी एक दौर आज है जो जिंदगी को जीने के लिए सांस लेने की फुरसत नही है
भागते तो बचपन मे भी थे,
भागते तो आज भी है
बस मकसते बदल चुकी है,
जिंदगी तो वही है

image

नकली विज्ञान ने हमसे 400 प्रकार के टमाटर छीन कर हमें एक अंडे के आकार का टमाटर जो बिल्कुल गुणहीन है चिपका दिया।

आजकल आपने देखा होगा कि बाजार में मिलने वाले अधिकतर फल और सब्जियों में स्वाद बिल्कुल नहीं होता... लेकिन दिखने में वह एकदम लाजवाब होगी जैसे कि जामुन, टमाटर।
हाइब्रिड बीज से तैयार होने वाली जामुन इतनी मोटी मोटी, गोलमटोल होती हैं कि देखते ही खाने के लिये मुँह में पानी आ जाता है। औऱ देशी जामुन बेचारी देखने में बिल्कुल पतली सी एक कोने में दुबक कर पड़ी रहती कि कोई हम गरीब का भी मोल डाल दे।
लेकिन जब आप hybrid जामुन को खाते हैं तो स्वाद बिल्कुल फीका फीका सा बेस्वाद सा होता है। हाइब्रिड मोटी मोटी जामुन गले में एक अजीब तरह की खुश्की करती है। खाने के बाद आपको पानी पीना पड़ता है। दूसरी और देशी जामुन मुँह में रखते सार ही रस घोल देती है... आनंद आ जाता है कोई गले में खारिश नहीं होती। देशी जामुन जिनकी किस्मत और समझ अच्छी हो कभी कभार मिल जाती है।

आज का दूसरा मुद्दा है टमाटर। अंग्रेजी टमाटर देखने में अंडे जैसे लगते हैं इसलिये मैं इनको अंडे वाले टमाटर कहता हूँ। यह अंडे वाले टमाटर खाने में देशी टमाटरों (जोकि बिल्कुल गोल होते हैं) के मुकाबले बिल्कुल असरदार और स्वादिष्ट नही होते। देशी टमाटर जहाँ एक पड़ेगा और सब्जी में रस घोल देगा अंडे वाले हाइब्रिड टमाटर तीन पड़ेंगे और सब्जी की ऐसी तैसी कर देंगे वो अलग।

कैसे हाइब्रिड गेंहू में कैसे ग्लूटामेट की मात्रा अधिक होती है जिससे आजकल तथाकथित विकसित देश अमेरिका जिसकी 25% जनसंख्या मधुमेह नामक रोग से ग्रसित हैं। दूसरी ओर देशी गेहूँ जैसे शरबती में ग्लूटामेट की मात्रा संतुलित मात्रा में होती है।

यह लेख लिखने का उद्देश्य है कि आप भी ना केवल जैविक बल्कि प्रकृति की बनाये हुए फल सब्ज़ियाँ अनाज ही खरीदें क्योंकि इंसान गलती कर सकता है प्रकृति नहीं। कुदरती बीजों द्वारा उत्पन्न फल सब्जियाँ ही आपके स्वास्थ्य के लिये उत्तम हैं।

image