Ontdekken postsOntdek boeiende inhoud en diverse perspectieven op onze Ontdek-pagina. Ontdek nieuwe ideeën en voer zinvolle gesprekken
अक्षय कुमार (Akshay Kumar) अपनी फिल्म ओएमजी 2 को लेकर सुर्खियों का हिस्सा बने हुए हैं. फिल्म का टीजर जबसे रिलीज हुआ है तब से ये सुर्खियों में बनी हुई है. फिल्म की रिलीज को लेकर कई अटकले आ रही थीं लेकिन आज आखिरकार फिल्म को A सर्टिफिकेट मिल गया है और ये 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. फिल्म में इसके साथ ही कुछ बदलाव किए जाएंगे.
जल्द ही तमन्ना भाटिया फिल्म जेलर में रजनीकांत के साथ दिखाई देंगी। हाल ही में तमन्ना से फिल्म में उनके को-स्टार और उनके बीच के ऐज गैप पर सवाल किया गया। दरअसल, फिल्म में 33 साल की तमन्ना ने 72 साल के रजनीकांत के साथ काम किया है। दोनों के बीच 39 साल का ऐज गैप है।
इस ऐज गैप पर तमन्ना का कहना है कि वो 60 साल की उम्र में भी डांस नंबर करने को तैयार रहेंगी। ठीक उसी तरह जैसे टॉम क्रूज 60 साल की उम्र में भी अपने स्टंट्स खुद करते हैं।
----दिल्ली के मुग़ल बादशाह फर्खुसियार द्वारा नियुक्त मेवात सूबेदार सैय्यद गैर मुस्लिम प्रजा पर अत्याचार करता था| उसके आतंक से तंग होकर मेवात के हिन्दुओ का एक दल सौंख रियासत के विद्रोही जाटों से मदत मांगने के लिए दिसम्बर 1715 ईस्वी में पाण्डववंशी महारजा अनंगपाल तोमर के वंशज राजा हठी सिंह के दरबार मे पहुँचा।।।राजा हठी सिंह ने मेवात के हिन्दुओ की सहायता की जिम्मेदारी ली ।।
------राजा हठी सिंह ने जनवरी 1716 ईस्वी में अपने सैनिको के साथ सौंख गढ़ से प्रस्थान कर मेवात के हिन्दू विरोधी सैय्यद पर धावा बोल दिया। क्षत्रिय जाटों ने मुगलों पर प्रथम हमला तावडू में किया|
-----इस लड़ाई में जाट वीरो ने अपार साहस दिखाते हुए तावडू की मुग़ल चौकी पर कब्ज़ा कर लिया | इस लड़ाई में अनेक जाट वीरो ने अपने प्राणों की कुर्बानी दी। विजयी सेना ने आगे बढ़ते हुए खासेरा की गढ़ी पर कब्ज़ा कर लिया था।
-----मुगलो के 1200 से ज्यादा सैनिक युद्ध में मारे गए इस विजय के बाद जाट सेना ने राजा हठी सिंह तोमर के नेतृत्व में मेवात के प्रमुख किले जहाँ सैय्यद छुपा बैठा था,उस जगह को प्रस्थान किया और किले पर मजबूत घेरा डाल दिया सैय्यद की सेना ने नूंह के निकट जाटों का सामना करने का अंतिम असफल प्रयास किया लेकिन जाटों ने सैय्यद को बंदी बना लिया राजा हठी सिंह ने 30 जनवरी 1716 को मेवात पर पूर्णरूप से कब्ज़ा कर लिया,युद्ध को हज़ारो मुग़ल सैनिक मारे गए ।।।।
----यहाँ के मुग़ल समर्थक लोगो से कर वसूला गया मुगलो की चौकिया नष्ट कर दी गई थी। इस विजय के बाद नूह के गोरवाल ब्राह्मणों ने राजा हठी सिंह को एक पोशाक और भगवान् कृष्ण का मोर पंख उपहार स्वरूप दिया था। राजा हठी सिंह ने कब्ज़े में आये मुग़ल खजाने से मंदिरों की मरम्मत के लिए धन राशि की व्यवस्था की हठी सिंह की शौर्य वीरता से पूरा विश्व गुंजयमान हो रहा था । जाट राजा हठीसिंह ने पूरे सात महीने तक मेवात पर कब्ज़ा बनाए रखा था|
--------सौंख के शासक हठी सिंह ने मेवात के मुग़ल फौजदार सैयद को हरा के मेवात पर कब्ज़ा कर लिया तब नारनौल का मुग़ल फौजदार गैरत खान को मेवात भेजा गया था| तब सैय्यद गैरत और हठी सिंह के मध्य में युद्ध हुआ इस युद्ध में गैरत खान परास्त होकर युद्ध स्थल से भाग गया था| नारनौल का मुग़ल फौजदार गैरत खान ने दिल्ली में मुगलों से सहायता भेजने को कहा तब मुगलों ने 16 मार्च 1716 को एक बड़ी फ़ौज मेवात भेजी गई मार्च महीने में शुरू हुई इस मुग़ल सैनिक अभियान को जुलाई में तब सफलता मिली जब सौंख और थून की तरफ मुगल सेना भेजी गई ।
-----राजा हठी सिंह पर दबाब बना सके मुग़ल जानते थे की हठी सिंह के परिवार जन सौंख गढ़ में है और यह जाट जो मौत से भी नहीं डर रहे अपने परिवार जन की सुरक्षा के लिए अवश्य जायेगे ......