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कल दुबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट और दुबई स्टॉक एक्सचेंज में कंसल्टेंसी करने वाले एक मित्र से व्हाट्सएप पर बहुत लंबी चर्चा हुई।
उन्होंने बताया की यह जो तथाकथित राम कथा कहने वाले लोग हैं या भागवत कथा कहने वाले लोग हैं और इनकी कथाओं को जो कंपनियां स्पॉन्सर करती हैं आप कुछ सालों के बाद उन कंपनियों की बैलेंस शीट देखिए वह कंपनी अचानक से इतनी ग्रो कैसे करने लगती है??
उन्होंने मुझे दो तीन कंपनियों का नाम भी बताया हालांकि मैं बगैर प्रूफ के उन कंपनियों का नाम नहीं लिखूंगा लेकिन यह कंपनियां राजस्थान और गुजरात की ही है और मैं खुद अपनी आंखों से देखा हूं कि 15 साल पहले तक उन कंपनियों का कोई वजूद नहीं था लेकिन मात्र 15 साल में वह कंपनी आज 600 करोड़ से लेकर 800 करोड़ तक की टर्नओवर करने लगी है और कई प्रोडक्ट बनाने लगी है ।।
उन्होंने मुझे पूरा गणित बताया👇
ये तथाकथित संत यह तथाकथित कथावाचक दुबई आते हैं यहां पर सऊदी अरब के बहाबी लोगों के साथ उनकी मीटिंग होती है।
सबको पता है कि बहाबी लोगों का सिर्फ एक एजेंडा है पूरे विश्व में इस्लाम का राज हो इसके लिए वह पेट्रो डॉलर को लुटा देते हैं गांव-गांव में मस्जिदे बनवा रहे हैं हर एक संगठन को फंडिंग कर रहे हैं।
उसके बाद उन्होंने अब लालची हिंदू धर्म गुरुओं और कथावाचको को अपने जाल में लेना शुरू किया है।
वही कथा वाचको को कहते हैं कि आप अपने कथाओं में अली मौला अली मौला का गुणगान करिए या हुसैन या हुसैन करिए नमाज की महिमा का बखान करिए इस्लाम की कथा करिए मोहम्मद कथा करिए मोहम्मद की करुणा इत्यादि का बखान करिए और फिर जो कंपनी इनकी कथाओं को स्पॉन्सर करती है उन कंपनी में मॉरीशस रूट से लाखों करोड़ों इन्वेस्ट कर दिए जाते हैं और वह इन्वेस्टमेंट इन कथावाचको के छद्म नाम से ही होता है या तो इनके किसी दूर के रिश्तेदार का नाम होगा।
लेकिन वह पूरा शेयर इन कथा वाचको का ही होता है और यह पूरी डीलिंग एकदम इमानदारी से की जाती है।
इससे सब को फायदा होता है कथावाचको यह फायदा होता है कि उसे सऊदी के बहाबीयो से पेट्रो डॉलर मिल रहा है.. कंपनियों को यह फायदा होता है की उसकी बैलेंस शीट तगड़ी हो रही है और बहाबीयो को यह फायदा होता है कि हिंदू एकदम लुंज पुंज धिम्मी बनते जा रहे हैं साथ ही साथ जनमानस में यह भी भावना बहने लगती है फलाना तो पहले गरीब था लेकिन जब से फलाने धर्म गुरु से गुरु मंत्र लिया तब से वह करोड़पति बन गया फिर इन कथावाचको की शरण में हजारों लाखों लोग आने लगते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एक तथाकथित महिला कथावाचक जो भागवत कथा कहती है उसने जब अपने हिंदू तबलती से प्रेम विवाह किया तब उसके पूरे हनीमून को जो उसने 7 देशों में मनाया था दुबई में बैठे शेखों ने ही स्पॉन्सर किया था इसीलिए वह कथा वाचिका आजकल नमाज की महिमा का बखान करती है और हिंदुओं को सर्वधर्म समभाव का उपदेश देती है।
मजे की बात यह है कि वह तबलची अब तबला बजाना छोड़ कर अपने नाम के पीछे प्रभु लगाकर खुद भी एक फर्जी ढोंगी धर्मगुरु बन गया।
हिंदू धर्म पर अब बहुत बड़ा खतरा मंडराने लगा है और अब यह खतरा बाहर से नहीं बल्कि हमारे बीच के ही लालची धूर्त कथावाचकों और तथाकथित धर्म गुरुओं ने पैदा किया है।
सोचिए उनका गरीब से गरीब मौलवी भी जो नंगे पांव चलता हो वह भी नहीं बिकता लेकिन हमारे तथाकथित धर्मगुरु तथाकथित कथावाचक जो पहले से ही लखपति करोड़पति हैं वह चंद पेट्रोडॉलर के आगे बिक जाते हैं।
ओज क्या है...?
ओज दो प्रकार का होता है - १. पर ओज २. अपर ओज
पर ओज का प्रमाण 8 बिंदु है और वह हृदय में रहता है तथा उसके क्षय हो जाने पर मृत्यु हो जाती है अपर ओज अर्धाञ्जलि प्रमाण होता है और वह सारे शरीर में व्याप्त रहता है। यहां पर अपर ओज के क्षय का ही लक्षण दिया गया है ।
बिभेति दुर्बलोऽभीक्ष्णं ध्यायति व्यथितेन्द्रियः ।
दुश्छायो दुर्मना रूक्षः क्षामश्चैवौजसः क्षये ॥
ओज क्षय के लक्षण – ओज का क्षय होने पर मनुष्य भयभीत रहता है, दुर्बल हो जाता है सदैव चिंतित और ध्यान मग्न रहा करता है, इंद्रियाँ अपने कार्य में असमर्थ सी होती हैं शरीर की कान्ति मलिन हो जाती है मन उदास रहता है शरीर में रूखापन और कृशता आ जाती है।