jimnancy Yeni makale yazdı
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Deodorization Systems Market Industry Sales, Profits and Regional Analysis by 2028 | #deodorization Systems Market

garun Yeni makale yazdı
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Time Management in Project Execution: Meeting Deadlines and Deliverables | #education

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ईद उल अजहा यानी बकरीद इस्लाम धर्म का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है. इस्लाम धर्म में इस दिन बकरे की कुर्बानी देने की परंपरा होती है. इस बार बकरीद आज यानी 29 जून को मनाई जा रही है. दुनियाभर के मुसलमानों द्वारा पैगंबर इब्राहिम के बलिदान को याद करते हुए इस दिन बकरे की कुर्बानी देते हैं. इस खास मौके पर आप अपने दोस्तों, परिवार और करीबियों को मुबारकबाद देते हैं. मस्जिदों व ईदगाहों में उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद दे रहे हैं। घरों में दावतों का दौर चल रहा है।

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हमारी मान्यताओं और हमारी आस्था का विस्तार ही हमें हमारी परंपराओं की डोर से बंधे हुए है. हिंदू मान्यताओं में कुछ दिन उत्सव के होते हैं. कुछ दिन व्रत के होते हैं. कुछ दिन शुभ कामों के लिए निर्धारित होते हैं, तो कुछ समय के लिए शुम कामों की मनाही होती है. देवशयनी एकादशी से लेकर देवोत्थान एकादशी तक चार महीने ऐसे होते हैं जब कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते. इस साल 29 जून को देवशयनी एकादशी है और इसी दिन से चातुर्मास शुरू हो रहा है. लेकिन इस साल चातुर्मास चार नहीं पांच महीनों का होगा क्योंकि 19 साल बाद ऐसा संयोग है कि सावन में अधिक मास है. जिस कारण सावन 58 दिन का रहेगा. ज्योतिषाचार्य शैलेन्द्र पांडेय जी का कहना है कि सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक- इन महीनों को साथ में चातुर्मास कहते हैं.

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