image

image

image
3 d - übersetzen

दिल्ली में एक ऐसा इलाका था,
जहां से गुजरने वाली लगभग हर ट्रेन पर पत्थरबाज़ी की जाती थी।
कभी किसी मासूम बच्चे को चोट लगती,
तो कभी किसी बुज़ुर्ग की खिड़की के पास डर और चीखें गूंज उठतीं।
चाहे मज़ाक में हो या जानबूझकर,
ये हरकतें सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ थीं।
लेकिन अब… वहाँ सख़्त कार्रवाई हुई है।
जहां से ट्रेनों पर हमले किए जाते थे,
वहीं अब सरकार ने कड़ा कदम उठाया है।
कुछ लोग इसे ज़्यादती कह सकते हैं,
लेकिन ज़रा सोचिए —
अगर उस ट्रेन में आपका अपना परिवार सफ़र कर रहा होता तो?
कानून से ऊपर कोई नहीं होता।
अगर कार्रवाई सही प्रक्रिया और
कानूनी दायरे में रहकर की गई है,
तो उसका समर्थन होना ही चाहिए।
क्योंकि किसी भी देश में
सुरक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

image
3 d - übersetzen

हमीरपुर, सलासी के पास गुंडागर्दी का खुला नाच, सुबह चार बजे नशे में धुत्त बदमाशों ने भारत बस सर्विस को रोक तोड़े शीशे, ड्राइवर- और यात्रियों से की मारपीट, वीडियो वायरल है... See less

3 d - übersetzen

🔥 आरक्षण का सवाल, ज़िम्मेदारी किसकी? 🤔🇮🇳

भीख कोई शौक नहीं होती, मजबूरी होती है… और जब इंसान सक्षम हो जाता है, तो वह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता है 💪। लेकिन आज सवाल यह है कि क्या हर सुविधा का उद्देश्य आत्मनिर्भरता बनाना है या हमेशा उसी सहारे पर टिके रहना? 🤷‍♂️ #सवाल #आत्मनिर्भरभारत #सोचो

image
3 d - übersetzen

🔥 कड़वा सच, लेकिन सच तो सच है 🪞🔥
“मियां चाहे लाख गलत हो पर कोई मियां विरोध नहीं करेगा” — यह लाइन आज की सियासत और समाज की हकीकत बयां करती है 😶‍🌫️🔥 जब अपने की बात आती है तो गलत भी सही बना दिया जाता है, सवाल उठाना गुनाह समझ लिया जाता है 🤐⚡ एकजुटता वहां ढाल बन जाती है, चाहे सच कितना ही पीछे क्यों न छूट जाए 💥🤝
#कड़वासच #हकीकत #समाजकीतस्वीर

image
3 d - übersetzen

हिंदू राष्ट्र की भावना | जनचेतना का संकल्प

भले ही शीर्ष स्तर पर “हिंदू राष्ट्र” शब्द खुले तौर पर न कहा जाए, लेकिन नीतियाँ, फैसले और पहलें हमारी सभ्यता व सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की ओर इशारा करती हैं। असली ताकत पद या सत्ता में नहीं, बल्कि जनमानस की जागरूक चेतना में निहित होती है। जब जनता सड़कों से लेकर डिजिटल मंचों तक अपनी बात रखती है, तो उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती है।

यह सोच किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सहस्राब्दियों से प्रवाहित सनातन परंपरा का विस्तार है। मंदिर, परंपराएँ और संस्कार इस राष्ट्र की आत्मा हैं। आज ज़रूरत है कि हम आत्मविश्वास के साथ अपनी जड़ों के पक्ष में खड़े हों—स्पष्टता और गर्व के साथ।

नेतृत्व दिशा दिखा सकता है, संकेत दे सकता है; पर मांग उठाने की जिम्मेदारी जनता की होती है। जब करोड़ों स्वर एक साथ उठते हैं, तो किसी विचार को दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में अंतिम आदेश जन-आवाज़ का होता है।

image
3 d - übersetzen

मेरा पति मेरा देवता है 🤪😆 #facebookreelsviral #couplereels #facebookviral #facebookpage

image