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झुकती है दुनिया झुकाने वाले चाहिए…TRUMP ने सोचा KHAMENEI को हटाकर जीतेंगे, लेकिन खेल पलट गया!हस्ती मिटाने निकले थे… अब सीजफायर पर आना पड़ा!
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झुकती है दुनिया झुकाने वाले चाहिए — यही सोचकर TRUMP ने बड़ा दांव खेला था। प्लान साफ था कि KHAMENEI को हटाकर ईरान को पूरी तरह कमजोर कर दिया जाएगा, ताकि जंग आसानी से जीती जा सके और ईरान को गाजा जैसी हालत में ला दिया जाए। लेकिन कहानी यहां पलट गई।
कल तक अमेरिका की तरफ से ईरान की “हस्ती मिटा देने” की बात हो रही थी, बड़े एक्शन और दबाव की रणनीति तैयार थी। दुनिया को लग रहा था कि अब टकराव अपने चरम पर पहुंच जाएगा। लेकिन अचानक से हालात बदल गए।
सीजफायर का ऐलान हुआ — ना तो रिजीम चेंज हुआ और ना ही न्यूक्लियर प्रोग्राम पर वो शर्तें मानी गईं, जिनकी उम्मीद की जा रही थी। इससे साफ हो गया कि जंग सिर्फ ताकत से नहीं, बल्कि रणनीति और संतुलन से जीती जाती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात फिर साबित कर दी — हर बार जो दिखता है, वही सच नहीं होता। बड़ी ताकतों के खेल में आखिरी पल पर बाजी पलटना आम बात है।
सीजफायर क्यों हुआ — TRUMP की मजबूरी या ईरान की ताकत? 🤔
ऐसी सटीक और बिना घुमाव वाली खबरें चाहिए तो अभी फॉलो करो 🔥
#trump
#khamenei

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गौतमबुद्ध नगर में गैस की किल्लत नहीं होने के दावे करने वाले अधिकारियों को इस खबर पर गौर करने की जरूरत है। बीटा दो कोतवाली क्षेत्र में सेक्टर बीटा दो के एफ 78 मकान से मंगलवार दोपहर दो बजे बाइक सवार बदमाश दो गैस सिलिंडर उठा कर फरार हो गए।

मकान मालिक प्रदीप सजवाण एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। घटना के समय वह ड्यूटी पर थे, पत्नी किसी काम से बाहर गई थी। घर पर दो नाबालिग बच्चे थे।

हेलमेट और मुंह पर कपड़ा बांध कर एजेंसी कर्मी बन कर पहुंचे बदमाश सिलिंडर की जांच के नाम पर किचन तक पहुंचे। बच्चों ने विरोध किया तो बोले कि आपके पापा ने ही भेजा है।

एक नंबर पर कॉल कर उनके पापा की आवाज में बच्चों से बात भी करा दी। इसके बाद किचन में रखा एक भरा और दूसरा चूल्हे में रखा सिलिंडर उठा ले गए। ड्यूटी पर घर पहुंचे प्रदीप को बच्चों ने घटना बताई।

पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार का कहना है कि घटना संज्ञान में है। आसपास के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

#uttarpradesh #noida #lpgcylinder

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गर्व से कहो हम भारतीय हैं...👇👇👇
#fblifestyle

Jammu and Kashmir's armless archer and Paralympics medallist Sheetal Devi edged out quadruple amputee Payal Nag of Odisha to win the gold in a much anticipated clash of the Khelo India Para Games here on Sunday.
In the battle between two teenagers, defending champion Sheetal came from behind to successfully bag her second gold medal of the Games at the Jawaharlal Nehru Stadium.
Pitted against the 17-year-old Payal, Sheetal, 18, ed 109-103 in their compounddunnyery open final match.
Current Issue
Payal doesn't have all the four limbs as she lost them due to electrocution when she was a child, and she ****s with prosthetic legsonditions at the national capital didn't deter the competi the archers as 40-year-old Rakesh Kumar and the 30-year-old Jyoti Baliyanin their respective events.
Jharkhand's Vijay Sundi beat Haryana's Vikas tve open gold medal match whoja won the women's recurven gold aftra's Rajshr were on the women's compound gold medal match bet stcores of 8 and 7 while Payal begaever, lost the upper hand in the third rounheetal got back to her consistent best of 9s and 10s. The deciding fifth round saw Sheetal clinching the gold. Payal played very well in the final and with her continuous hard work, she will defily get a medal for India soon. Personally, I am grateful for all the blessings bestowed by Matamedal at the Khelo India Para Games," Sheetal told SAl Media.
The soft-spoken Payal spoke about the technical aspects of the sport in her first Khelo India Para Games.
"Earlier, I used to **** the arrows with two devices inetic legs but now, I'm ****ing with just one leg. It was a problem adjusting but I still reached the final despite the discomfort and also there was a lot of windy conditions today. But I am happy to have competed in the final and got the
As per her coach Kuldeep Vedwan, Payal got a new dev
#pointmedia
#viralreelschallenge #photochallenge #photographychallengechallenge

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द्वापर युग के पावन काल में, जब व्रजभूमि की पवित्र धरा पर भगवान श्रीकृष्ण और उनके अग्रज बलराम अपनी बाल-लीलाओं से समस्त सृष्टि को आनन्दित कर रहे थे, तब एक भयंकर संकट ने वृन्दावन के समीप स्थित तालवन को अपने अधीन कर रखा था।
वह वन, जहाँ सुगंधित ताल-फल (ताड़ के फल) प्रचुर मात्रा में लगे थे, किंतु कोई भी वहाँ जाने का साहस नहीं करता था। कारण था—एक अत्यंत क्रूर और बलशाली राक्षस, जिसका नाम था धेनकासुर।
वह दैत्य गधे के विकराल रूप में उस वन का स्वामी बन बैठा था। उसकी गर्जना से धरती काँप उठती, और उसके भय से पशु-पक्षी तक उस वन से दूर रहते।
🌿 व्रजवासियों की व्यथा
एक दिन ग्वालबालों ने श्रीकृष्ण और बलराम से विनम्र निवेदन किया—
“हे बलदेव! उस तालवन में अति मधुर फल लगे हैं, परंतु धेनकासुर के भय से कोई वहाँ नहीं जा सकता। कृपा कर हमें उन फलों का स्वाद दिलाइए।”
बलराम मुस्कुराए—वह मुस्कान थी साहस और धर्म की रक्षा का संकेत।
⚔️ युद्ध का आरम्भ
बलराम जी अपने साथ ग्वालबालों को लेकर तालवन पहुँचे। उन्होंने एक विशाल ताड़ वृक्ष को पकड़कर जोर से हिलाया। वृक्ष से फल गिरने लगे, और उनकी ध्वनि से पूरा वन गूंज उठा।
यह ध्वनि सुनते ही धेनकासुर क्रोध से भरकर वहाँ प्रकट हुआ। उसकी आँखों में अग्नि, और खुरों में विनाश की शक्ति थी।
वह तीव्र वेग से बलराम पर झपटा और अपने पिछले पैरों से प्रहार करने लगा।
🛡️ बलराम का अद्भुत पराक्रम
किन्तु बलराम कोई साधारण बालक न थे—वे स्वयं शेषनाग के अवतार, बल और धर्म के प्रतीक थे।
उन्होंने तुरंत धेनकासुर के दोनों पिछले पैरों को पकड़ लिया, और उसे आकाश में घुमाते हुए अत्यंत वेग से एक वृक्ष पर दे मारा।
वह प्रहार इतना प्रचंड था कि धेनकासुर का प्राणांत हो गया, और उसका विशाल शरीर वृक्षों को तोड़ता हुआ भूमि पर गिर पड़ा।
🌟 दुष्टों का अंत, धर्म की विजय
धेनकासुर के अन्य राक्षस मित्र भी गधे के रूप में आक्रमण करने लगे, परंतु श्रीकृष्ण और बलराम ने मिलकर सभी का संहार कर दिया।
तालवन अब भयमुक्त हो गया। ग्वालबाल आनंदित होकर मधुर फलों का रसास्वादन करने लगे। देवताओं ने आकाश से पुष्पवृष्टि कर इस दिव्य विजय का स्वागत किया।
✨ लीला का संदेश
यह लीला हमें सिखाती है कि—
👉 अधर्म चाहे कितना ही बलवान क्यों न हो, धर्म और सत्य के आगे टिक नहीं सकता।
👉 भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
🕉️ इस प्रकार बलराम जी ने धेनकासुर का वध कर व्रजभूमि को भयमुक्त किया और धर्म की पुनः स्थापना की।

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इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी लव स्टोरी दर्दनाक अंत
प्रेमिका ने बढ़ाया पैसे का डिमांड प्रेमी ने कर दिया हत्या
शीला हत्याकांड: इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, बिहार के युवक से प्यार... 4 साल में 1.50 लाख रुपये वसूले, डिमांड बढ़ी तो गला दबाकर हत्या

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