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कॉलेज की कैंटीन से शुरू हुई नेहा और अर्जुन की कहानी, किसी फ़िल्म की स्क्रिप्ट नहीं थी — एक आम लेकिन सच्ची लव स्टोरी थी।
छोटे सपने, बड़े वादे और साथ जीने-मरने की कसमें… सब कुछ रियल।
लेकिन रिश्ते में एक दिन वो लाइन आ गई,
जो आजकल सबसे ज़्यादा रिश्ते तोड़ रही है —
“तुम ब्रोके हो… मेरे सपने बड़े हैं।”
एक झगड़ा हुआ, और उसी झगड़े में नेहा ने भविष्य चुन लिया।
बेहतर ज़िंदगी, बेहतर स्टेटस, बेहतर लाइफस्टाइल की तलाश में उसने अर्जुन को छोड़ दिया।
अर्जुन ने बहस नहीं की।
गिड़गिड़ाया नहीं।
बस चुपचाप टूट गया… और मेहनत करने लगा।
वक़्त बीता।
तीन साल बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई —
न्यूज़ीलैंड में ड्रीम जॉब,
5-स्टार होटल में कैंडललाइट डिनर,
और चेहरे पर वो मुस्कान… जो किसी हारने वाले की नहीं होती।
नई गर्लफ्रेंड के साथ अर्जुन खुश था।
चमक रहा था।
नेहा ने वो तस्वीर देखी।
स्क्रीन वही थी, लेकिन नज़र धुंधली हो गई।
कार में बैठकर फूट-फूटकर रो पड़ी —
“मैंने क्या खो दिया…”
सच्चा प्यार मिलना मुश्किल है,
लेकिन उसे पैसे और स्टेटस की चमक में खो देना बहुत आसान।
आज रिश्तों में लोग
दिल नहीं, पैकेज देखते हैं।
इंसान नहीं, इनकम देखते हैं।
किस्मत का खेल देखिए —
जिसे “ब्रोके” कहकर छोड़ा गया,
वही आज दिल और कामयाबी — दोनों से अमीर निकला।
सवाल बस इतना है —
क्या बाहर की चमक इतनी बड़ी है कि घर जैसा प्यार तोड़ दिया जाए?
👇 आप क्या सोचते हैं?
Video Comment Box में लिखिए।

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गाना गाते आ रहे पति को जड़ा जोरदार थप्पड़ 😂

पूरी वीडियो देख कर बताओ निकम्मे पति को चपाटे पड़ने चाहिए या नहीं... 😄

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सुप्रीम कोर्ट ने UGC नियम पर लगाया स्टे लगाया इसपर वैज्ञानिक गौहर रज़ा ने कहा कि क्रोनोलॉजी समझें, पहले पास करो, फिर आंदोलन करवाओ, फिर गाइडलाइंस रोक लगवा दो, दोनों ख़ुश, फिर दोनों से वोट मांगो.
#ugc #supremecourt

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देश में सोने और चांदी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का मुद्दा संसद तक पहुंच गया है. बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यसभा में कांग्रेस के राजस्थान से सांसद नीरज डांगी ने सोने और चांदी की बेकाबू हो रही कीमतों के मुद्दे को उठाया. शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं एवं विवाह वाले परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है. उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की.

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हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य में 2 नेशनल हाईवे समेत कुल 1,291 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह ब्लॉक हो गई हैं। लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां भारी बर्फ जमा होने से संपर्क टूट गया है।

​इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बुरा असर टूरिज्म सेक्टर पर पड़ा है। मनाली और अटल टनल के पास भारी ट्रैफिक जाम में हजारों पर्यटक घंटों तक फंसे रहे। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कई रास्तों को बंद कर दिया है और पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है; करीब 4,800 ट्रांसफार्मर खराब होने से राज्य के बड़े हिस्से में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई है।
मौसम विभाग ने राज्य में 'कोल्ड वेव' (शीत लहर) का अलर्ट जारी किया है। शिमला में दिन का अधिकतम तापमान गिरकर मात्र 0.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। सड़कों को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने 385 मशीनें तैनात की हैं और युद्धस्तर पर काम जारी है।

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दिल्ली के शाहदरा में 1912 में पंडित हीरा लाल शर्मा ने 'हीरा स्वीट्स' (Hira Sweets) की शुरुआत एक छोटी सी दुकान के तौर पर की थी। उनका मकसद लोगों को शुद्ध देसी घी से बनी बेहतरीन मिठाइयां खिलाना था। उनकी बनाई 'बालूशाही' (Balushahi) इतनी मशहूर हुई कि दूर-दूर से लोग इसका स्वाद चखने आने लगे और यह दुकान की पहचान बन गई।

शुरुआत में यह सिर्फ एक साधारण दुकान थी, लेकिन समय के साथ हीरा लाल शर्मा की मेहनत और अगली पीढ़ियों के विजन ने इसे एक बड़े ब्रांड में बदल दिया। आज दिल्ली-एनसीआर में कनॉट प्लेस, जनकपुरी और नोएडा जैसी प्रमुख जगहों पर इसकी कई शाखाएं खुल चुकी हैं। पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में कंपनी का अपना बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी स्थापित है।
कभी एक छोटी सी दुकान से शुरू हुआ यह सफर आज करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाले बिजनेस में तब्दील हो चुका है। हीरा स्वीट्स आज सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि उत्तर भारत में मिठाइयों का एक प्रतिष्ठित नाम है, जो अपनी पारंपरिक रेसिपी और शुद्धता के लिए जाना जाता है।

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किराएदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी सामने आई है। अदालत ने साफ कहा है कि चाहे कोई व्यक्ति 50 साल या उससे अधिक समय तक किसी मकान में किराए पर क्यों न रह ले, उससे उसे मकान का मालिकाना हक नहीं मिल जाता। लंबे समय तक रहने से किरायेदार को ओनरशिप का अधिकार प्राप्त नहीं होता। यह फैसला संपत्ति से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टता प्रदान करता है।
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Disclaimer
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