Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
ये है सरिता कश्यप...पिछले 20 साल से अकेली महिला (सिंगल मदर) है, एक बेटी है जो कालेज में पढ़ती है! घर खर्चे के लिए पीड़ागढ़ी मे सीएनजीपंप के पास अपने स्कूटी पर राजमाचावल का स्टाल लगाती हैं..रेट- छोटा प्लेट 40 रुपये, फुल प्लेट 60 रुपये अगर आपके पास पैसे नहीं है तो भी आपको ये भूखा नहीं जाने देंगी ,"खाना खा लो ,पैसे जब हो तब दे जाना , या मत देना " ये कहकर आपको खिला देंगी, चाहे आप किसी भी जाती धर्म या सम्प्रदाय से जुड़े हुए हों. ये अपने पास के गरीब बच्चों को मुफ्त मे खिलाती है और उनके स्कुल के कापी,किताब ,ड्रेस ,जुते यानी कुछ भी कम हो तो खरीद कर देती हैं और हां....खाली समय मे बच्चों को पढ़ाती भी हैं क्या इस महिला को किसी भी चैनल ने हाईलाइट किया ? नही..क्योकि इस महिला की खबर में कोई ग्लैमर नही है....अगर हिंदू मुस्लिम वाली बात होती तब इसको अब तक हर कोई जान गया होता...खैर इस महिला को इस नेक काम के लिये धन्यवाद और ये दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करें, यही कामना है...🙏
Arbeiten im Stehen: Wie Stehpulte Ihre Produktivität steigern können | #schreibtisch höhenverstellbar #eckschreibtisch höhenverstellbar #schreibtisch höhenverstellbar kurbel #schreibtisch kinder höhenverstellbar #gaming schreibtisch höhenverstellbar #computertisch höhenverstellbar #schreibtisch mit tastaturauszug #schreibtisch mit schubladen #tischgestell höhenverstellbar #bürostuhl ergonomisch
Are you looking for youtube channel management services india | #youtube channel management services india #youtube channel management services #beesmarketing
महारानी ताराबाई इनका जन्म 1675 में हुआ और इनकी मृत्यु 9 दिसंबर 1761 ई० को हुयी। ताराबाई का पूरा नाम ताराबाई भोंसले था। राजाराम की मृत्यु के बाद इन्होंने अपने 4 वर्षीय पुत्र शिवाजी दित्तीय का राज्याभिषेक करवाया और मराठा साम्राज्य की संरक्षिका बन गयीं।ताराबाई का विवाह छत्रपति शिवाजी महाराज के छोटे पुत्र राजाराम प्रथम के साथ हुआ
राजाराम 1689 से लेकर 1700 में उनकी मृत्यु हो जाने के पश्चात ताराबाई मराठा साम्राज्य कि संरक्षिका बनी। और उन्होंने शिवाजी दित्तीय को मराठा साम्राज्य का छत्रपति घोषित किया और एक संरक्षिका के रूप में मराठा साम्राज्य को चलाने लगी उस वक्त शिवाजी द्वितीय मात्र 4 वर्ष के थे 1700 से लेकर 1707 ईसवी तक मराठा साम्राज्य की संरक्षिका उन्होंने औरंगजेब को बराबर की टक्कर दी और उन्होंने 7 सालों तक अकेले दम पर मुगलों से टक्कर ली और कई सरदारों को एक करके वापस मराठा साम्राज्य को बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।