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भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह आज अपना 40वां जन्मदिन मना रहे हैं. हालांकि जन्मदिन के दिन भी पवन सिंह अपनी हरकत के चलते विवादों में घिर गए हैं. दरअसल, पवन सिंह के बर्थडे सेलिब्रेशन का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पवन सिंह साथ में खड़ी एक्ट्रेस के हाथों से केक बहुत ही अजीब तरीके से खाते दिख रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोग उनकी ये वीडियो शेयर कर दावा कर रहे हैं कि एक्ट्रेस पवन सिंह को केक खिलाती है, लेकिन उनके हाथ पर थोड़ा सा केक लगा रह जाता है और पवन सिंह एक्ट्रेस का हाथ पकड़कर उनकी उंगलियों पर लगा केक चाटने लगते हैं. अब पवन सिंह की इस हरकत का वीडियो शेयर कर लोग उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर घेर रहे हैं.
#pawansingh #happybirthday #powerstar #viralvideo #abpnews

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🌙 सकट चौथ | 06 January 2026 🌙
हे श्याम बाबा, हर नारी के सुहाग की रक्षा करें
और हर घर में सुख-शांति बनाए रखें 🙏✨

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दिल्ली की 26 जनवरी परेड में इस बार दिखेगा कुछ ऐसा, जो बहुतों ने पहले कभी नहीं देखा!
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में पहली बार भारतीय सेना का विशेष पशु दस्ता (Animal Squad) कर्तव्य पथ पर मार्च करता नज़र आएगा। यह दस्ता सिर्फ़ आकर्षण नहीं, बल्कि देश की रक्षा में पशुओं की अहम भूमिका को भी दर्शाएगा।
इस पशु दस्ते में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार ज़ांस्कर टट्टू, चार शिकारी पक्षी और 16 Army Dogs शामिल होंगे। इनमें सबसे ज़्यादा ध्यान खींच रहे हैं बैक्ट्रियन ऊंट— जिन्हें आम ऊंटों से अलग पहचान मिलती है। ये ऊंट लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानी इलाकों में तैनात रहते हैं और 15,000 फीट से अधिक ऊँचाई, बेहद कम तापमान और कठिन हालात में भी काम करने में सक्षम हैं।
एक बैक्ट्रियन ऊंट 250 किलो तक भार उठा सकता है और कम पानी-चारे में लंबी दूरी तय कर सकता है। सेना की परेड में ये ऊंट पशु दस्ते की अगुवाई करेंगे।
यह परेड सिर्फ़ परंपरा नहीं, बल्कि उन मूक सैनिकों को सम्मान है जो दुर्गम इलाकों में भारतीय सेना की ताकत बनते हैं।

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good morning

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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही घटनाएं अब दिल दहला देने वाली बनती जा रही हैं। हाल ही में के झेनैदाह जिले के कलिगंज इलाके में एक 40 वर्षीय हिंदू महिला के साथ जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। महिला को पेड़ से बांधा गया, उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और दरिंदगी की हद पार करते हुए उसके बाल तक काट दिए गए। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि डर फैलाने की साजिश जैसा लगता है।
दुख इस बात का है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से हिंदुओं पर हमले, हत्याएं और उत्पीड़न लगातार सामने आ रहे हैं। हर बार पीड़ित वही और खामोशी भी वही। गुस्सा इसलिए आता है क्योंकि के नेतृत्व वाली सरकार इसे “सामान्य आपराधिक घटना” बताकर पल्ला झाड़ लेती है। क्या किसी समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा सामान्य हो सकती है?
यह पोस्ट लिखते हुए दिल भारी है और गुस्सा भी। सवाल यही है कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
डिस्क्लेमर: यह पोस्ट मीडिया व सोशल मीडिया में उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना नहीं, बल्कि मानवाधिकारों पर चिंता जताना है।

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People take a holy dip at the Sangam on the occasion of 'Paush Purnima', marking the start of the 'Magh Mela' festival, on a cold winter morning, in Prayagraj.

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People take a holy dip at the Sangam on the occasion of 'Paush Purnima', marking the start of the 'Magh Mela' festival, on a cold winter morning, in Prayagraj.

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People take a holy dip at the Sangam on the occasion of 'Paush Purnima', marking the start of the 'Magh Mela' festival, on a cold winter morning, in Prayagraj.

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