3 ré - Traduire

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर बछड़ों को खिलाया
#pmnarendramodi #feedscows #makarsankranti #latestnews #dailypostpunjabi

image
3 ré - Traduire

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर बछड़ों को खिलाया
#pmnarendramodi #feedscows #makarsankranti #latestnews #dailypostpunjabi

imageimage
3 ré - Traduire

यौन अपराधों पर इटली का सख्त रुख: केमिकल कास्ट्रेशन पर कानून की तैयारी

इटली में यौन अपराधों को लेकर सरकार ने एक बेहद कड़ा और विवादास्पद कदम उठाया है। संसद ने एक समिति बनाने की अनुमति दे दी है, जो ऐसे अपराधियों के लिए हार्मोन-ब्लॉकिंग इलाज को कानूनी रूप देने पर विचार करेगी। इसका उद्देश्य दोबारा अपराध की संभावना को कम करना बताया जा रहा है।

यह पहल प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार के उस एजेंडे का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने सत्ता में आते ही सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा। सरकार का मानना है कि कठोर कानून और कड़ी सज़ाएं समाज को सुरक्षित बनाने का सबसे तेज़ तरीका हैं।

image
3 ré - Traduire

हरियाणा में चली भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर ऐतिहासिक कदम

भारत ने सतत और पर्यावरण–अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठा लिया है। हरियाणा के जींद–सोनीपत रूट पर देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट का नेतृत्व नॉर्दर्न रेलवे ने किया, जो भारत को हरित रेल परिवहन के नए युग में ले जाने वाला साबित हो रहा है।

image
3 ré - Traduire

‘हिंदी थोपी तो लात मारूंगा’: राज ठाकरे के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में फिर लगाई आग
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई में चुनावी रैली के दौरान एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासी माहौल गर्मा दिया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले दादर स्थित शिवतीर्थ मैदान में भाषण के दौरान ठाकरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों को महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, अन्यथा “मैं आपको लात मारूंगा।”
ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भाषा से “नफरत” नहीं है, लेकिन महाराष्ट्र की मराठी पहचान पर, उसके भाषा और संस्कृति पर किसी भी तरह के दबाव को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने इस मुद्दे को मराठी लोगों की सम्मान और पहचान का मामला बताया और कहा कि यह चुनाव मराठी अस्मिता के लिए निर्णायक है।
राज ठाकरे ने इस दौरान केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि कुछ ताकतें अभी भी मुंबई के गुजरात को न मिलने से नाराज़ हैं और अलग-अलग तरीके से महाराष्ट्र की स्थितियों को बदलने की कोशिश कर रही हैं।
उनके इसी बयान पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोगों ने इसे क्षेत्रवाद और असामान्य राजनीति बताया है, जबकि समर्थक इसे मराठी हितों की रक्षा का साहसिक बयान करार दे रहे हैं। कुछ आलोचकों ने इसे सामाजिक सौहार्द और व्यापक राष्ट्रीय एकता के लिए चिंता का विषय बताया है।
राज ठाकरे का यह बयान एक बार फिर यह दिखाता है कि भाषा, पहचान और क्षेत्रीय राजनीति किस तरह से चुनावों के समय तेज़ी से सामने आने वाले मुद्दों में बदल जाते हैं। आगामी चुनावों में इन टिप्पणियों का क्या प्रभाव पड़ेगा, यह समय ही बताएगा।
#rajthackeray #marathiidentity #languagepolitics #bmcelection

image
3 ré - Traduire

पोंगल पर रिलीज हुई प्रभास की फिल्म 'द राजा साब' दर्शकों को समझ नहीं आ पाई, इसे फ्लॉप करार दिए जाने पर डायरेक्टर मारुति ने आपत्ति जताई और इसका जिम्मेदार ऑडियंस को ठहराया. मारुति के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा.

image
3 ré - Traduire

तस्वीरों में: प्रधानमंत्री #नरेंद्र मोदी #मकर संक्रांति के अवसर पर #नईदिल्ली में गायों को चारा खिलाते हुए।नजर आए अभी तक किसी भाई ने लाइक नहीं किया है

image
3 ré - Traduire

फिल्म पर 11 साल तक शोध किया गया

image
3 ré - Traduire

फिल्म पर 11 साल तक शोध किया गया

image
3 ré - Traduire

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले की RTO अधिकारी सोना चंदेल आज देश को दिखा रही हैं कि असली ईमानदारी कैसी होती है।
लोग उन्हें प्यार से ‘लेडी सिंघम’ कहते हैं। हाल ही में उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अपने ही विभाग की सरकारी गाड़ी का चालान काट दिया, क्योंकि उसके पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं था।
कोई बहाना नहीं, कोई बचाव नहीं, सिर्फ ज़िम्मेदारी इससे पहले, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट चेक के दौरान उन्होंने अपने पति की स्कूटी को भी नियम तोड़ते हुए देखा। बिना हिचक उन्होंने चालान काटा और जुर्माना खुद भर दिया।
उनका साफ़ संदेश है, कानून सबके लिए बराबर है, कोई VIP नहीं, कोई खास छूट नहीं।
साल 2024–25 तक उन्होंने करीब ₹2.5 करोड़ के चालान किए, जो सीधे सरकारी खजाने में जमा हुए। लेकिन उनकी असली पहचान आंकड़ों से कहीं आगे है।
वह लोगों का सिस्टम पर भरोसा लौटाती हैं और याद दिलाती हैं कि ईमानदारी आज भी नेतृत्व में ज़िंदा है।

क्या आपके इलाके में भी कोई ऐसा ही ईमानदार अधिकारी है?

image