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पहाड़ों की हवा और मेहनत की खुशबू—दोनों खास हैं। 🌿❤️

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पहाड़ों की हवा और मेहनत की खुशबू—दोनों खास हैं। 🌿❤️

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पहाड़ी जिंदगी—कम साधन, मगर हौसले बेमिसाल। 🏔️

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#जय #काल #भैरव

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जय काला गोरा भैरूं जी महाराज

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बिहार के अंशकालिक शारीरिक शिक्षकों का वेतन बढ़ाने की तैयारी
वेतन-वृद्धि और पदोन्नति से पहले कागजों के सत्यापन की चर्चा
खेलपथ संवाद
पटना। बिहार का शिक्षा विभाग प्रदेश के मध्य विद्यालयों में तैनात दो हजार से अधिक अंशकालिक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का वेतन बढ़ाने तथा उनकी पदोन्नति की कवायद में जोर-शोर से जुट गया है। शिक्षा विभाग अंशकालिक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों को खुशियों की सौगात देने से पहले उनके प्रमाण-पत्रों के सत्यापन करने की भी तैयारी में है।

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खेल मंत्री मनसुख के दखल के बाद नरम पड़ा दिव्यांशी का रुख
एशियन गेम्स से वंचित होने पर रोशिबिना पर लगाए गंभीर आरोप
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। आइची-नागोया एशियन गेम्स के लिए भारतीय वुशू टीम में शामिल होने के बाद बाहर की गईं दिव्यांशी चौधरी के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया के हस्तक्षेप के बाद 18 वर्षीय खिलाड़ी ने राष्ट्रीय महासंघ के खिलाफ अपना रुख नरम कर लिया है। दिव्यांशी ने अब कहा है कि वह अपनी चोट से उबरने और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करने पर ध्यान देंगी।

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पैरा शटलर प्रेमा विश्वास ने लगाया भेदभाव का आरोप
रैंकिंग आठ, फिर भी एशियाड से बाहर, पीएम मोदी से लगाई न्याय की गुहार
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारत की इंटरनेशनल पैरा-बैडमिंटन शटलर प्रेमा विश्वास ने एक भावनात्मक सार्वजनिक अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि जापान में होने वाले आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए उनकी आधिकारिक एंट्री में जानबूझकर देरी की गई और उन्हें जगह नहीं दी गई।

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खेलों के खराब सिस्टम से हारीं खिलाड़ी बेटियां हमारी
प्रेमा विश्वास और दिव्यांशी चौधरी की पीड़ा खेलों का दुखद अध्याय
खेलपथ शब्द-सहयात्री
ग्वालियर। खेल के मैदान में हारना कोई बड़ी बात नहीं। खिलाड़ी हारता है, फिर उठता है, मेहनत करता है और अगली प्रतियोगिता में जीत की तलाश करता है। लेकिन जब कोई खिलाड़ी मैदान में नहीं बल्कि खेल व्यवस्था के खराब सिस्टम से हार जाए, तो उसका दर्द कहीं ज्यादा गहरा होता है। प्रेमा विश्वास और दिव्यांशी चौधरी की कहानी आज हमारे खेल तंत्र के सामने ऐसा ही सवाल खड़ा कर रही है।

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