Descobrir Postagens

Explore conteúdo cativante e diversas perspectivas em nossa página Descobrir. Descubra novas ideias e participe de conversas significativas

image

image

image

image
3 anos - Traduzir

हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक रिवालसर झील है, जिसके बारे में कहा जाता है कि ये राख से बनी है। 1360 मीटर ऊंचाई पर हिमालय की तलहटी में मौजूद इस झील का शेप चौकोर है। ये हिन्दु, सिक्ख और बुद्धिस्ट के लिए पवित्र है। इस हिल स्टेशन के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
रिवालसर झील मंडी की प्रमुख झील है जिसको त्सो पेमा लोटस झील के नाम से भी जाना जाता है। यह झील मंडी जिले के दक्षिण में लगभग 23 किलोमीटर की दूरी पर मंडी जिले में एक पहाड़ी स्पर पर माध्यम उंचाई पर स्थित है। यह झील चौकोर आकर की है और समुद्र तल से 1,360 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
पहाड़ी विभिन्न प्रकार की घनी वनस्पतियों और पौधों द्वारा संरक्षित है। यह स्थान पर्यटकों द्वारा इसकी शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता की वजह से पसंद किया जाता है। रिवालसर झील हिमाचल प्रदेश की सबसे प्रसिद्ध झीलों में से एक है जहाँ पर्यटकों को एक बार जरुर जाना चाहिए। अगर आप रिवालसर झील के बारे में अन्य जानकारी चाहते हैं तो इस लेख को जरुर पढ़ें, इसमें हम आपको रिवालसर झील और इसके पर्यटन स्थलों के बारे में बताने जा रहें हैं।

image

image

image
3 anos - Traduzir

🚩👉किसी भी देश को मुसलमान बनाने में मुसलमानों ने 20 वर्ष नहीं लिए और भारत में 800 वर्ष संघर्ष करने के बाद भी मेवाड़ के शेर महाराणा राजसिंह ने अपने घोड़े पर भी इस्लाम की मुहर नहीं लगने दी!👑🔥
👌महाराणा प्रताप, दुर्गादास राठौड़, मिहिरभोज, रानी दुर्गावती, अपनी मातृभूमि के लिए प्राण त्याग दिया !👏
🦁एक समय ऐसा आ गया था, लड़ते लड़ते राजपूत केवल 2% पर आकर ठहर गए! एक बार पूरा विश्व देखें, और आज अपना वर्तमान देखें! जिन मुसलमानों ने 20 वर्ष में विश्व की आधी जनसंख्या को मुसलमान बना दिया, वह भारत में केवल पाकिस्तान बाङ्ग्लादेश तक सिमट कर ही क्यों रह गए?⚔️
✍️राजा भोज, विक्रमादित्य, नागभट्ट प्रथम और नागभट्ट द्वितीय, चन्द्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार, समुद्रगुप्त, स्कन्द गुप्त, छत्रसाल बुन्देला, आल्हा उदल, राजा भाटी, भूपत भाटी, चाचादेव भाटी, सिद्ध श्री देवराज भाटी, कानड़ देव चौहान, वीरमदेव चौहान, हठी हम्मीर देव चौहान, विग्रह राज चौहान, मालदेव सिंह राठौड़, विजय राव लाँझा भाटी, भोजदेव भाटी, चूहड़ विजयराव भाटी, बलराज भाटी, घड़सी, रतनसिंह, राणा हमीर सिंह और अमर सिंह, अमर सिंह राठौड़, दुर्गादास राठौड़, जसवन्त सिंह राठौड़, मिर्जा राजा जयसिंह, राजा जयचंद, भीमदेव सोलङ्की, सिद्ध श्री राजा जय सिंह सोलङ्की, पुलकेशिन द्वितीय सोलङ्की, रानी दुर्गावती, रानी कर्णावती, राजकुमारी रतनबाई, रानी रुद्रा देवी, हाड़ी रानी, रानी पद्मावती, जैसी अनेको रानियों ने लड़ते-लड़ते अपने राज्य की रक्षा हेतु अपने प्राण न्योछावर कर दिए!
अन्य योद्धा तोगा जी वीरवर कल्लाजी जयमल जी जेता कुपा, गोरा बादल, राणा रतन सिंह, पजबन राय जी कच्छावा, मोहन सिंह मँढाड़, राजा पोरस, हर्षवर्धन बेस, सुहेलदेव बेस, राव शेखाजी, राव चन्द्रसेन जी दोड़, राव चन्द्र सिंह जी राठौड़, कृष्ण कुमार सोलङ्की, ललितादित्य मुक्तापीड़, जनरल जोरावर सिंह कालुवारिया, धीर सिंह पुण्डीर, बल्लू जी चम्पावत, भीष्म रावत चुण्डा जी, रामसाह सिंह तोमर और उनका वंश, झाला राजा मान, महाराजा अनङ्गपाल सिंह तोमर, स्वतंत्रता सेनानी राव बख्तावर सिंह, अमझेरा वजीर सिंह पठानिया, राव राजा राम बक्श सिंह, व्हाट ठाकुर कुशाल सिंह, ठाकुर रोशन सिंह, ठाकुर महावीर सिंह, राव बेनी माधव सिंह, डूङ्गजी, भुरजी, बलजी, जवाहर जी, छत्रपति शिवाजी!
इन्ही योद्धाओं की वजह से मात्र एक भारत ही हिंदू देश है 😊🔥

image
3 anos - Traduzir

पहले पतीला (खुला बर्तन) में दाल-भात बनता था, अदहन जब अनाज के साथ उबलता था तो बार-बार एक मोटे झाग की परत जमा करती थी, जिसे मां रह-रह के निकाल के फेक दिया करती थी। पूछने पर कहती कि "इससे तबीयत ख़राब होती है.
बाद में बड़े होने पर पता चला वो झाग शरीर मे यूरिक_एसिड बढ़ाता है और मां इसीलिए वो झाग फेंक दिया करती थी। मां ज्यादा पढ़ी लिखी तो नही थी पर ये चीज़े उन्होंने नानी से और नानी ने अपनी माँ से सीखा था।
अब कूकर में दाल-भात बनता है, पता नही झाग कहा जाता होगा, ज्यादा दाल खाने से पेट भी खराब हो जाते हैं
डॉक्टर कहते हैं एसिडिटी है
पुराने ज्ञान को याद करिये विज्ञान छुपा है उसमे।

image